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जनसुराज का आगाज: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पीके ने भरी हुंकार, बिहार में परिवर्तन का लिया दृढ़ संकल्प

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 02 Oct 2022 09:46 AM IST
सार

Prashant Kishor to Embark On 3,000-Km Padyatra in Bihar Today News in Hindiचुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पदयात्रा 3500 किलोमीटर की होगी। इसमें एक से डेढ़ साल लगने की संभावना है।  पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर बिहार के हर पंचायत और प्रखंड में पहुंचने का प्रयास करेंगे। 

 

प्रशांत किशोर की जनसुराज यात्रा
प्रशांत किशोर की जनसुराज यात्रा - फोटो : Social Media
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विस्तार

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से जनसुराज अभियान की शुरुआत कर दी है। उन्होंने इस पदयात्रा की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की। बता दें कि इस अभियान के तहत प्रशांत किशोर 3500 किलोमीटर की पदयात्रा निकालेंगे। पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर बिहार के हर पंचायत और प्रखंड में पहुंचने का प्रयास करेंगे। अनुमान है कि इस पदयात्रा को पूरा करने में लगभग एक से डेढ़ साल तक का समय लगेगा और इस बीच वो पटना या दिल्ली नहीं लौटेंगे। वहीं पटना से पश्चिम चंपारण के लिए निकलने से पहले उन्होंने एक ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा कि देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार में व्यवस्था परिवर्तन का दृढ़ संकल्प। पहला महत्वपूर्ण कदम - समाज की मदद से एक नई और बेहतर राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए अगले 12-15 महीनों में बिहार के शहरों, गांवों और कस्बों में 3500KM की पदयात्रा।





पीके ने बताए यात्रा के तीन मुख्य लक्ष्य
पशांत किशोर ने अपनी पदयात्रा पश्चिम चंपारण के भितिहारवा में गांधी आश्रम से शुरू की है जहां राष्ट्रपिता ने 1917 में अपना पहला सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था। यात्रा से पहले, किशोर नागरिक सदस्यों के साथ बातचीत करने के लिए  बिहार के प्रत्येक जिले का दौरा कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि राज्य को न केवल सरकार बदलने की आवश्यकता है, बल्कि व्यवस्था को बदलने के लिए अच्छे लोगों के एक साथ आने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यात्रा के तीन मुख्य लक्ष्य हैं, जिसमें जमीनी स्तर पर सही लोगों की पहचान करना और उन्हें एक लोकतांत्रिक मंच पर लाना शामिल है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के विचारों को शामिल करके राज्य के लिए एक विजन दस्तावेज बनाने का भी काम करेगा।

साल 2018 में जेडीयू में शामिल हुए थे प्रशांत किशोर, 2020 में निष्कासित
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर साल 2018 में जनता दल यूनाईटेड (JDU) में शामिल हुए थे लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सार्वजनिक आलोचना करने पर 2020 में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। खासकर जब नीतीश कुमार ने संशोधित नागरिकता कानून का समर्थन किया था तब प्रशांत किशोर ने उनकी आलोचना की थी।

नीतीश कुमार ने साथ काम करने का दोबारा ऑफर दिया: पीके
प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि नीतीश कुमार ने उन्हें पहले दिल्ली और फिर पटना में मिलकर दोबारा साथ काम करने का ऑफर दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
 

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