लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Adani's company got the bid for Dharavi slum re-development

Dharavi Slum Area: धारावी को ‘चमकाने’ का जिम्मा अदाणी की कंपनी को, जानें परियोजना के बारे में सबकुछ

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Thu, 01 Dec 2022 07:57 PM IST
सार

Dharavi Slum Area In Mumbai: मुंबई स्थित धारावी की गिनती दुनिया के सबसे बड़े स्लम एरिया के रूप में होती है। यह मुंबई के बाद्रा-कुर्ला काॅम्पलेक्स के पास है। इसके चारो ओर कमर्शियल बिल्डिंग्स हैं। मुंबई में यह स्लम एरिया ऐसी जगह पर है जिसे सोने का टुकड़ा माना जाता है। 

धारावी स्लम एरिया जीर्णोद्धार परियोजना
धारावी स्लम एरिया जीर्णोद्धार परियोजना - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के धारावी स्लम एरिया के जीर्णोद्धार का जिम्मा दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अदाणी की कंपनी अदाणी रियल्टी को सौंपा है। कई दिग्गज कंपनियों को मात देकर अदाणी रियल्टी ने धारावी स्लम के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की बोली जीती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने 29 नवंबर (मंगलवार) को धारावी पुनरुद्धार योजना के लिए प्राप्त बोलियों की घोषणा की। प्रोजेक्ट के सीईओ एसवीआर श्रीनिवास के मुताबिक इसके लिए  तीन बोलियां मिली थीं। जिनमें से एक नमन ग्रुप की बोली बिडिंग के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी। उसके बाद अदाणी रियल्टी और डीएलएफ की बोली को खोला गया। 

धारावी को संवारने के लिए अदाणी रियल्टी ने 5069 करोड़ रुपये की बोली लगाई

प्रोजेक्ट के सीईओ के अनुसार अदाणी रियल्टी ने परियोजना के लिए डीएलएफ की बिड से दोगुने से भी अधिक की बोली लगाई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अदाणी ग्रुप की कंपनी ने धारावी योजना के पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना के लिए 5,069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए डीएलएफ ने 2,025 करोड़ रुपये की बोली लगाई। ऐसे में सबसे अधिक बोली होने के कारण परियोजना के लिए अदाणी रियल्टी का चयन किया गया।

17 वर्षों में धारावी स्लम एरिया के जीर्णोद्धार का है लक्ष्य 

सरकार ने 17 वर्षों में धारावी स्लम एरिया के जीर्णोद्धार का लक्ष्य रखा है। सरकार की यह परियोजना आने वाले वर्षों में मुंबई को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद धरावी के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग लाभान्वित होंगे। बता दें कि यह प्रोजेक्ट 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। सरकार ने वर्ष 2019 में भी धारावी स्लम एरिया के विकास के लिए निविदा जारी की थी पर आगे चलकर उसे विभिन्न कारणों से टाल दिया गया था।

दशकों से लटका है धारावी स्लम एरिया के सौंदर्यीकरण का मामला

मुंबई स्थित धारावी की गिनती दुनिया के सबसे बड़े स्लम एरिया के रूप में होती है। यह मुंबई के बाद्रा-कुर्ला काॅम्पलेक्स के पास है। इसके चारो ओर कमर्शियल बिल्डिंग्स हैं। मुंबई में यह स्लम एरिया ऐसी जगह पर है जिसे सोने का टुकड़ा माना जाता है। जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास की जटिलताओं के कारण दशकों से इस इलाके का जीर्णोद्धार लटका हुआ है। 

20 हजार करोड़ रुपये की है धारावी की जीर्णोद्धार योजना 

धारावी की जीर्णोद्धार परियोजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। सरकार ने अदाणी रियल्टी को अगले 17 वर्षों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत पुनर्वास योजना को सात वर्षों के भीतर पूरा कर लेने के लिए कहा गया है। 
  • प्रोजेक्ट के अनुसार जो लोग 1 जनवरी 2000 से पहले से धारावी में रह रहे हैं उन्हें फ्री में पक्का मकान दिया जाएगा। 

  • जो लोग 2000 से 2011 के बीच आकर यहां बसे हैं, उन्हें इसके लिए कीमत चुकानी होगी।

धारावी महज स्लम ही नहीं, टूरिस्ट स्पॉट के रूप में भी है फेमस

धारावी में वर्तमान समय में जिस स्लम एरिया की बसावट है उसे करीब 140 साल पहले अंग्रेजों ने वर्ष 1882 में बसाया था। यहां मजदूरों को किफायती ठिकाना देकर बसाया गया था। समय के साथ-साथ यहां आबादी बढ़ती गई और झुग्गी-झोपड़ियां धारावी की पहचान बन गईं। हालांकि स्लम एरिया सरकार की जमीन पर है, पर लोगों के बसने का सिलसिला यहां जारी है। सिनेमा में भी धरावी का खूब चित्रण किया गया है, फिर चाहे वह बॉलीवुड या हॉलीवुड हर जगह के फिल्मकार धारावी की विपन्नताओं को सिनेमा स्क्रीन पर उतारते रहे हैं। इसकी झलक हमें स्लमडॉग मिलेनियर समेत कई वैश्विक फिल्मों में दिखी है। बहुत सारे लोग धरावी को एक टूरिस्ट स्पॉट के रूप में देखने पहुंचते हैं। 

10 लाख लोग रहते हैं धारावी स्लम एरिया में

आंकड़ों के अनुसार धारावी में 2.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले स्लम एरिया में करीब 60 हजार परिवार रहते हैं। यहां की अनुमानित आबादी 10 लाख से अधिक है। यह संख्या देश के कई छोटे शहरों की आबादी से भी अधिक है। झुग्गी-झोपड़ियों के बीच करीब 12 हजार कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी हैं। राज्य सरकार अपनी जीर्णोद्धार योजना के तहत इस क्षेत्र में शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारकर गगनचुंबी इमारतें बनाना चाहती है। 

वर्ष 1999 से ही चल रही है धारावी के जीर्णोद्धार की बात 

भाजपा-शिवसेना सरकार ने पहली बार वर्ष 1999 में धारावी के लोगों के पुनर्वास का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने धरावी के स्लम एरिया को इंटीग्रेटेड प्लान्ड टाउनशिप के रूप में डेवलप करने का फैसला लिया। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर निविदा भी निकाले गए, पर आगे चलकर पूर्व की सभी निविदाओं को रद्द कर दिया गया और एक मास्टरप्लान बनाने का फैसला किया गया। 

वर्ष 2019 में अदाणी ग्रुप टेंडर हासिल करने में रहा था असफल

वर्ष 2018 में भाजपा व शिवसेना की तत्कालीन सरकार ने एक स्पेशल पर्पस इकाई का गठन किया और धारावी की जीर्णोद्धार परियोजना के लिए नोटिफिकेशन निकाला। आगे चलकर इसके लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई। वर्ष 2019 के जनवरी महीने में दुबई स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म सिकलिंक टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने अदाणी ग्रुप को पछाड़ते हुए धरावी के रिडेवलपमेंट का काम हासिल किया था। पर रेलवे की जमीन विवाद के कारण कंपनी को काम सौंपा नहीं जा सका।

महाराष्ट्र की अलग-अलग सरकार के बीच 'तू तू-मैं मैं' का कारण बनी परियोजना 

  • वर्ष 2020 में महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी। शिवसेना के उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्रेस की मदद से मुख्यमंत्री बन गए। 

  • उन्होंने पूर्व की निविदा को निरस्त करने का फैसला लेते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से परियोजना के लिए रेलवे की जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया में देरी की गई। 

  • हालांकि वर्ष 2022 में महाराष्ट्र की राजनीतिक फिजा फिर बदली और एकनाथ शिंदे भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बने। 

  • शिंदे सराकार ने धारावी के जीर्णोद्धार के लिए फिर से निविदा निकाली और इस बार अदाणी ग्रुप की कंपनी ने नमन ग्रुप और डीएलएफ को पछाड़ते हुए काम हासिल कर लिया। 

  • अब धारावी का रंग-रूप बदलने का जिम्मा अदाणी रियल्टी के पास है और लोगों को इंतजार है धारावी की झोपड़पट्टी से आजादी का। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00