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Chandigarh: पुलिस ने पांच शातिरों को दबोचा, गुजरात सरकार के पूर्व सलाहकार से की थी लाखों की ठगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 09 Dec 2022 01:08 AM IST
सार

एसपी केतन बंसल व डीएसपी ए वेंकटेश ने इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की अगुवाई में जांच टीम बनाई। इस दौरान पता चला कि ठगी गई राशि में से 1.11 लाख रुपये मेसर्स डीके इंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए हैं। बरेली का दन्ना खान इसका प्रोपराइटर था।

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सांकेतिक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

रिटायर्ड एयर मार्शल व गुजरात सरकार के पूर्व सलाहकार से हुई 3.26 लाख की ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक शातिर गिरोह के पांच लोगों को दबोचा है। यह गिरोह घरों में बिजली मीटर लगाने का झांसा देकर ठगता था। आरोपियों की पहचान जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) के गांव गोविंदापुर निवासी दन्ना खान (55), जिला सिवान (बिहार) के गांव पिपरा निवासी सोनू कुमार पांडे (29), सिवान के ही गांव हरिहरपुर निवासी अनुज कुमार (26), जिला चंपारण (बिहार) के गांव करण कुदरिया निवासी गोविंदा कुमार (21) व अनूप तिवारी (32) के रूप में हुई है।


 
पुलिस ने गिरोह के सरगना गोविंदा व अनूप कुमार को कोर्ट में पेश कर उनका पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है जबकि बाकी तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया है। पुलिस को इनके पास से चार क्रेडिट कार्ड व चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


चंडीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने सात सितंबर 2022 को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सेक्टर-31 स्थित एयरफोर्स स्टेशन-12 विंग के रिटायर्ड एयर मार्शल व गुजरात सरकार के पूर्व सलाहकार रविंदर कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने सेक्टर-66-ए मोहाली स्थित सिग्नेचर टॉवर्स में एक फ्लैट खरीदा था। यहां उन्हें पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) का बिजली मीटर लगवाना था। गूगल पर सर्च कर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर निकाला और फोन किया तो अमित कुमार ने कॉल उठाई। उसने कहा कि गूगल पे से 25 रुपये ट्रांसफर कर दें। इसके बाद उसने गूगल पे यूपीआई को क्रेड के एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खाते से लिंक करने को कहा। ऐसा करते ही उनके खाते से 3.26 लाख निकाल लिए। इसके बाद उन्हें पता चला कि उक्त नंबर फर्जी था और उनसे धाखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। 

इस तरह पकड़े गए शातिर ठग
एसपी केतन बंसल व डीएसपी ए वेंकटेश ने इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की अगुवाई में जांच टीम बनाई। इस दौरान पता चला कि ठगी गई राशि में से 1.11 लाख रुपये मेसर्स डीके इंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए हैं। बरेली का दन्ना खान इसका प्रोपराइटर था। 23 नवंबर को उसे बरेली से दबोचा गया। वहीं, 1.2 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए रेजर पे से ट्रांसफर किए गए थे, जो बिहार के अनुज और सोनू के नाम पर थे। इसके बाद इन दोनों को बिहार से पकड़ा गया। 

उन्होंने पूछताछ में अनूप कुमार तिवारी व गोविंदा का नाम बताया, जिनकी मिलीभगत से रुपये ट्रांसफर किए गए और यही मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। इन दोनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गोविंदा बिहार में अवैध शराब की तस्करी करता है। उसके खिलाफ गोपालगंज थाने में केस भी दर्ज है। वहीं, अनूप को बिहार पुलिस ने 1.5 करोड़ के काले धन के साथ गिरफ्तार किया था।

दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी और वहीं से दोनों ने ठगी का धंधा शुरू करने की योजना बनाई। इसमें दन्ना खान, अनुज व सोनू को शामिल कर लिया। चौथी कक्षा तक पढ़ा दन्ना खान प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनू व अनुज मोबाइल की दुकान चलाते हैं। आरोपी गोविंदा शराब की तस्करी करता है, वहीं अनूप एक सराफ की दुकान में अकाउंटेंट है।

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