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हाईकोर्ट सख्त: कहा- प्रदर्शन खत्म करवाने में पंजाब सरकार नाकाम, 15 करोड़ जमा करे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 30 Nov 2022 10:50 PM IST
सार

प्रदर्शन के चलते फैक्टरी को अब तक हुए नुकसान का आकलन करने के लिए हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस आरके नेहरू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। कमेटी में सरकार का एक नुमाइंदा और एक सीए भी शामिल किया गया है। कमेटी दो महीनों में नुकसान का आकलन कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपेगी। 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मालब्रोस की शराब फैक्टरी के बाहर प्रदर्शन खत्म करवाने में नाकाम रहने पर बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव, एडीजीपी, फिरोजपुर के डीसी व एसएसपी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही पंजाब सरकार को अब 15 करोड़ रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने का आदेश दिया है। 



मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उनकी यूनिट के बाहर प्रदर्शनकारी बैठे हैं और इसे बंद करवा दिया गया है। आरोप था कि उनकी यह यूनिट पर्यावरण मानकों का उल्लंघन कर लगाई गई है जबकि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच कर उन्हें मंजूरी दे चुका है। प्रदर्शनकारियों की मांग पर एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने जांच में सब ठीक पाया।


कंपनी ने बताया कि इस यूनिट को लगाने में 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें से 200 करोड़ बाजार से उठाए गए थे। फैक्टरी को चलाने और स्टाफ के वेतन पर डेढ़ करोड़ का खर्च है और 2 करोड़ प्रतिमाह किस्त देनी पड़ती है। कंपनी मालिकों का आरोप था कि सरकार प्रदर्शनकारियों से मिली हुई है। ऐसे में उन्हें हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही पंजाब सरकार को पांच करोड़ रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने का आदेश दे चुका है। अब 15 करोड़ रुपये और जमा करवाने के आदेश दिया है।

फैक्टरी को नुकसान के आकलन के लिए रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में कमेटी गठित
प्रदर्शन के चलते फैक्टरी को अब तक हुए नुकसान का आकलन करने के लिए हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस आरके नेहरू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। कमेटी में सरकार का एक नुमाइंदा और एक सीए भी शामिल किया गया है। कमेटी दो महीनों में नुकसान का आकलन कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपेगी। 

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