पंजाब कांग्रेस: आखिर क्या चाहते हैं सिद्धू, तो क्या इन चार कारणों से उन्होंने दिया है इस्तीफा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 28 Sep 2021 03:49 PM IST

सार

कुछ दिन पहले पंजाब कांग्रेस में बगावत की शुरुआत करने वाले सिद्धू को जब पार्टी प्रधान की कुर्सी मिली थी तो लगा था कि अब पार्टी का विवाद खत्म हो जाएगा। लेकिन एक के बाद एक विधायक और मंत्री सीएम कैप्टन अमरिदंर सिंह के खिलाफ होते गए और अंतत कैप्टन को इस्तीफा देना पड़ा। उसके बाद आलाकमान ने चरणजीत चन्नी को सीएम पद पर बैठाया।
Navjot Singh Sidhu
Navjot Singh Sidhu - फोटो : file photo
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विस्तार

पंजाब कांग्रेस की उठापटक के बीच पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू ने मंगलवार को इस्तीफा देकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया। इस इस्तीफे ने एक नई बहस को भी जन्म दिया कि आखिर सिद्धू चाहते क्या हैं। कुछ दिन पहले पंजाब कांग्रेस में बगावत की शुरुआत करने वाले सिद्धू को जब पार्टी प्रधान की कुर्सी मिली थी तो लगा था कि अब पार्टी का विवाद खत्म हो जाएगा। लेकिन एक के बाद एक विधायक और मंत्री सीएम कैप्टन अमरिदंर सिंह के खिलाफ होते गए और अंतत कैप्टन को इस्तीफा देना पड़ा। उसके बाद आलाकमान ने चरणजीत चन्नी को सीएम पद पर बैठाया।
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यह भी पढ़ें - पंजाब: चन्नी सरकार में काम-काज का बंटवारा, सिद्धू के नजदीकी रंधावा को गृह मंत्रालय की कमान 

सूत्रों के अनुसार, सिद्धू की नाराजगी वहीं से शुरू हुई। वे खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठना चाहते थे लेकिन हाईकमान ने चन्नी पर भरोसा जताया। इसके बाद चन्नी के शपथग्रहण, प्रशासनिक नियुक्तियों और मंगलवार को विभागों के बंटवारे से आखिरकार सिद्धू की नाराजगी का घड़ा भर गया और उन्होंने 72 दिन बाद प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक माहिरों के अनुसार चन्नी सरकार के गठन के बाद से सिद्धू नाराज थे। चार कारणों से सिद्धू ने पद छोड़ने का फैसला लिया...
  1. सिद्धू के इस्तीफे का पहला कारण इकबाल प्रीत सहोता की डीजीपी पद पर नियुक्ति बना। सूत्रों के अनुसार, वे सिद्धार्थ चट्टोपध्याय को इस पद पर बैठाना चाहते थे।
  2. नवजोत सिद्धू और राणा गुरजीत के बीच पुरानी अनबन है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धू राणा गुरजीत को मंत्री पद  देने के खिलाफ थे
  3. परगट सिंह सिद्धू के सबसे खास लोगों में से हैं। कैप्टन के खिलाफ सिद्धू के साथ सबसे पहले परगट सिंह खड़े हुए थे। वे परगट को निकाय विभाग या गृह विभाग दिलाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
  4. सिद्धू सुखजिंदर रंधावा को गृह विभाग की कमान सौंपे जाने से नाराज थे। 

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