स्कूलों में लौटी रौनक: डेढ़ साल बाद प्राथमिक कक्षाओं में पहुंचे बच्चे, दिवाली के बाद बढ़ेगी उपस्थिति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 18 Oct 2021 02:18 PM IST

सार

लगभग डेढ़ वर्ष के बाद सोमवार से चंडीगढ़ के सरकारी, निजी और केंद्रीय विद्यालय सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए खुले। हालांकि बच्चों को स्कूल आते समय अभिभावकों से अनुमति पत्र लेकर आना होगा। पहले दिन उपस्थिति कम रही। लेकिन गांव के स्कूलों में उपस्थिति सेक्टरों के मुकाबले बेहतर रही।
चंडीगढ़ में खुले प्राथमिक स्कूल।
चंडीगढ़ में खुले प्राथमिक स्कूल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में सोमवार को डेढ़ साल बाद प्राथमिक कक्षा के बच्चे स्कूल आए। पहली और दूसरी के बच्चे पहली बार ही दाखिले के बाद स्कूल आए थे। इसका असर भी कक्षाओं में देखने को मिला। कई बच्चे उत्साहित थे तो कुछ बच्चे घर को याद कर रोने लगे। प्राथमिक कक्षा की शिक्षिकाओं ने बताया कि बच्चों को कक्षा में बैठना सिखाने के लिए अभी लगभग डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा, क्योंकि अभी उनके कक्षा में दोस्त नहीं है और ना ही वो किसी को जानते हैं। 
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शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पहले दिन पहली से चौथी कक्षा के 15 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सरकारी स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ स्कूलों ने सिर्फ तीसरी और चौथी कक्षा को ही पहले दिन स्कूल बुलाया, क्योंकि अभी उच्च कक्षाओं की स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षा चल रही है। वहीं, बहुत से स्कूल ने पहली से चौथी कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है, उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं की दोपहर के समय में पढ़ाई करवाई। 


कॉलोनी के स्कूलों में पहली से चौथी कक्षा में लगभग 200 से 250 बच्चे पहले दिन स्कूल पहुंचे। वहीं शहर के मुख्य सेक्टरों के स्कूलों में पहली से चौथी कक्षा तक विद्यार्थियों की उपस्थिति सिर्फ 50 से 55 की संख्या में ही रही। स्कूल प्रमुखों ने बताया कि दिवाली की छुट्टियों के बाद ही बच्चे पूरी संख्या में स्कूल आने लगेंगे। 

निजी स्कूलों ने अभिभावकों के साथ की बैठक 

निजी स्कूल अभी अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चर्चा कर रहे हैं। चितकारा स्कूल की निदेशक नियति ने बताया कि अभिभावकों के साथ ऑनलाइन माध्यम में ही चर्चा की गई थी। बहुत से अभिभावक बच्चों को अब स्कूल भेजना चाहते हैं। 

मंगलवार से प्राथमिक कक्षाओं को स्कूल बुला रहे हैं। डीएवी-15 स्कूल की प्राचार्य अनुजा शर्मा ने बताया कि अभी तक सभी अभिभावकों ने अनुमति पत्र का जवाब नहीं दिया है। अभिभावकों के साथ मंगलवार को बैठक भी आयोजित की गई थी। इस हफ्ते बच्चों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर देंगे। 

अभिभावकों की सहमति के बिना नहीं चला पा रहे बस  
बस कांट्रेक्टर दलजीत सिंह ने बताया कि उनकी चार निजी स्कूलों में बसें चलती हैं। लेकिन अभी तक सभी अभिभावकों की तरफ से अनुमति पत्र का जवाब नहीं दिया गया है। एक-दो बच्चों के लिए बस नहीं चला सकते हैं, क्योंकि खर्च बहुत है। अभिभावकों की अनुमति मिलते ही बसें शुरू कर दी जाएंगी। उम्मीद है अगले महीने की शुरुआत से बसें चलने लगेंगी।
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