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Punjab: गवर्नर की मंजूरी के बाद पंजाब में कानून बना एक विधायक-एक पेंशन, सीएम मान बोले-लोगों का पैसा बचेगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 13 Aug 2022 02:27 PM IST
सार

पंजाब कैबिनेट में पारित एक विधायक एक पेंशन संशोधन प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा गया, जिसे मई के अंतिम सप्ताह में राज्यपाल ने यह कहते हुए लौटा दिया था कि अगला विधानसभा सत्र जल्द ही है, इसलिए यह सुनिश्चित सत्र में विधेयक के रूप में लाया जाना चाहिए।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में हर टर्म के लिए अलग से पेंशन ले रहे पूर्व विधायकों को अब केवल एक ही पेंशन मिलेगी। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित द्वारा राज्य सरकार के ‘एक विधायक-एक पेंशन’ बिल को मंजूरी देने के साथ ही प्रावधान लागू हो गया है। इससे करीब 325 पूर्व विधायकों की जेब पर कैंची चली है जो एक से अधिक पेंशन ले रहे थे। पूर्व विधायकों को नए प्रावधान के तहत 60  हजार रुपये पेंशन और भत्ते मिलाकर कुल 90 हजार रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद पूर्व विधायकों को पेंशन वितरण के बाद भी राज्य सरकार को पांच साल में 100 करोड़ रुपये की बचत होगी।



 

भगवंत मान सरकार ने 30 जून को विधानसभा सत्र में ‘पंजाब राज्य विधानमंडल सदस्य (पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं नियमन) संशोधन विधेयक, 2022’ बिल पारित कर राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था। अब 42 दिन बाद राज्यपाल ने सरकार के इस बिल को मंजूरी दे दी। यह अधिनियम कानून के रूप में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।  

संशोधित अधिनियम के अनुसार अब सभी पूर्व विधायकों को 60000 रुपये प्रति माह पेंशन और उस पर मंहगाई भत्ता (जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है) का भुगतान किया जाएगा। लेकिन अगर कोई पूर्व विधायक 65 साल, 75 साल और 80 साल का हो जाता है, तो उसकी आरंभिक पेंशन में क्रमश: 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। 

ये हैं सबसे ज्यादा पेंशन लेने वाले प्रमुख पूर्व विधायक

पंजाब के पूर्व विधायकों-मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों में सबसे ज्यादा दस पेंशन पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल लेते रहे हैं। उनको करीब पौने 6 लाख रुपये पेंशन के रूप में मिल रहे थे। हालांकि उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार द्वारा ‘एक विधायक एक पेंशन’ विधेयक लाए जाने की चर्चा छिड़ते ही पेंशन लेने से इनकार कर दिया था। उनके अलावा छह बार विधायक रहीं पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल, पांच बार विधायक रहे पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लाल सिंह, पूर्व मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर को 3.25 लाख, पांच बार विधायक रहे अकाली नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और सुखदेव सिंह ढींढसा को 2.25 लाख रुपये पेंशन मिलती थी। ये राज्यसभा सदस्य के रूप में अलग से वेतन, पेंशन व भत्ते लेते हैं।

लोगों के टैक्स का पैसा बचेगा : भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा है कि राज्यपाल द्वारा एक विधायक एक पेंशन वाले गजट नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी गई है। इससे मुझे पंजाबियों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि इससे लोगों के टैक्स का बहुत पैसा बचेगा। यह जनता की भलाई में काम आ सकेगा। 

राजस्व का बोझ कम करने का प्रयास: चीमा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के 100 से अधिक पूर्व विधायक है, जिन्हें एक से अधिक पेंशन मिल रही थी। जो खर्च बिना वजह राजस्व पर बोझ बन रहे हैं, सरकार उन्हें कम करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक विधायक को 25 हजार रुपये वेतन मिलता है और मंत्री को 50 हजार रुपये वेतन मिलता है। इस तरह सभी मीटिंग और भत्ते जोड़कर एक विधायक करीब 80 हजार रुपये में पड़ता है।

ऐसे मिलती रही पूर्व विधायकों को पेंशन

पंजाब राज्य विधान मंडल सदस्य (पेंशन व मेडिकल सुविधा) एक्ट 1977 और पंजाब राज्य विधान मंडल सदस्य (पेंशन व मेडिकल सुविधा) एक्ट 1984 में संशोधन के साथ पंजाब एक्ट नंबर 30 ऑफ 2016 के तहत नोटिफिकेशन जारी करके ऐसा प्रावधान कर दिया गया था कि पूर्व विधायक को उनके पहले कार्यकाल के लिए पेंशन के रूप में 15000 रुपये और अगली प्रत्येक टर्म के लिए 10000 रुपये से आगाज होगा। इस रकम में पहले 50 फीसदी डीए मर्ज होगा और उसके बाद बनने वाली कुल रकम में फिर से 234 फीसदी महंगाई भत्ता जुड़ जाएगा। इस तरह पूर्व विधायकों को 15000 + 7500 (50 फीसदी डीए)= 22500 रुपये रकम बनी। 22500+52650 (234 फीसदी डीए) रुपये यानी कुल 75150 रुपये पेंशन बन गई। इसके बाद पेंशन की यह रकम टर्म की गिनती के अनुसार गुणा होकर बढ़ती रही। इस समय राज्य में 325 ?पूर्व विधायकों को पेंशन दी जा रही है। इनमें कई पूर्व विधायक तो 2 से 5.5 लाख रुपये तक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

नई पेंशन इस तरह होगी

अब प्रत्येक पूर्व विधायक को 60000 रुपये प्रति माह पेंशन, उस पर 50 फीसदी मंहगाई भत्ता (जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है) का भुगतान किया जाएगा। इस तरह कुल 90 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी, लेकिन यह पेंशन एक ही रहेगी और इसके बाकी की कोई टर्म नहीं जुड़ेगी। भले ही र्पू्व विधायक ने सदस्य के तौर पर कितनी ही टर्म निभाई हों। इस नए नियम में उन पूर्व विधायकों को कुछ अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिनकी, विधायक के तौर पर सेवा निभाते हुए उम्र 65 साल, 75 साल और 80 साल हो गई होगी। इस स्थिति में 65 साल वाले पूर्व विधायक को 5 फीसदी ज्यादा 94500 रुपये, 75 साल पर 10 फीसदी अधिक 99000 रुपये और 85 साल पर 15 फीसदी अधिक 103500 रुपये पेंशन मिलेगी।

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