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हरियाली के प्रहरी: पहले उठाते हैं कूड़ा फिर लगाते हैं बूटा, पीयू के इन प्रोफेसरों का योगदान है महान

आज हम हरियाली के एक ऐसे प्रहरी से आपका परिचय करवाने जा रहे हैं जिनके शोध तो देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं हीं, साथ ही पर्यावरण बचाने के लिए बेहतरीन कार्...

24 अक्टूबर 2021

Digital Edition

पंचकूला में प्रदर्शन: वोकेशनल टीचर्स को पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा, तीन के सिर फटे, 20 से अधिक घायल

अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास का घेराव करने जा रहे हरियाणा वोकेशनल टीचर्स पर पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड चौक पर जमकर लाठियां भांजी। पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने प्रदर्शनकारी वोकेशनल टीचर्स पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।  धक्का-मुक्की करने पर पुलिस ने टीचरों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इस दौरान तीन लोगों के सिर फटे, जबकि तीन महिला पुलिस कर्मचारियों समेत 20 लोग घायल हो गए। 

150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में उनको छोड़ दिया गया। हरियाणा वोकेशनल टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षक चंडीगढ़ जा रहे थे। हाउसिंग बोर्ड चौक से पहले ही पुलिस द्वारा रोकने पर आंदोलनकारी नाराज हुए तो पुलिस एक्शन में आई। 



शिक्षा विभाग में समायोजित किए जाने की मांग को लेकर पिछले लंबे समय से पंचकूला में धरना दे रहे कंप्यूटर टीचर एक बार फिर पंचकूला से सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे। इसी बीच हरियाणा के अलग-अलग राज्यों से एक हजार से ज्यादा वोकेशनल टीचर्स सेक्टर-5 धरना स्थल पर इकट्ठा हुए। 

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लाठीचार्ज करते पुलिसकर्मी। लाठीचार्ज करते पुलिसकर्मी।

दिवाली की सौगात: हरियाणा में ग्रुप-डी कर्मियों को त्योहारी एडवांस, मिलेंगे 10 हजार रुपये, नहीं पड़ेगा ब्याज

हरियाणा सरकार ग्रुप-डी कर्मियों को 10 हजार रुपये ब्याज मुक्त त्योहारी एडवांस देगी। दस समान किस्तों में यह राशि कर्मियों से वसूली जाएगी। इस संबंध में सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किया है। पक्के के अलावा एक साल की सेवा पूरी कर चुके, 10 माह आगे भी कार्य करने वाले कच्चे और तदर्थ कर्मियों को आवेदन करने पर यह एडवांस दिया जाएगा। तीन नवंबर से पहले इसकी अदायगी जरूरी है।

एडवांस स्वीकृति से पहले आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) यह संतुष्टि करेंगे कि कर्मचारी भविष्य में सेवा में बना रहेगा और राशि डूबेगी नहीं। दैनिक वेतन भोगी और वर्क चार्ज कर्मी इसके पात्र नहीं होंगे। दूसरे महकमों, बोर्ड-निगमों व निकायों में प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मियों को मूल विभाग यह राशि प्रदान नहीं करेगा। पति-पत्नी दोनों के सेवारत होने पर एक को ही एडवांस दिया जाएगा। निलंबित कर्मी इसके पात्र नहीं होंगे। हर माह होने वाली वसूली की जानकारी वित्त विभाग के अलावा प्रधान महालेखाकार कार्यालय को भेजना जरूरी है।

हजारों कर्मियों का नहीं कटेगा एक दिन का वेतन
हरियाणा सरकार ने हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। 26 नवंबर 2020 को हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दिन अनुपस्थित सरकारी कर्मचारियों का वेतन नहीं कटेगा। उनकी हड़ताल अवधि को देय अवकाश मानने का निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, बोर्ड-निगमों के मुख्य प्रशासक व प्रबंध निदेशकों को इस संबंध में सोमवार को निर्देश जारी कर दिया है। 

पत्र में कहा गया है कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर राज्य के कुछ विभागों, बोर्ड, निगमों आदि में कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। काफी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर ड्यूटी पर नहीं आए। अब सरकार ने 26 नवंबर को हड़ताल में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों की अनुपस्थिति को देय अवकाश माना है। अनुबंधित कर्मचारियों की एक्सट्रा आर्डिनेरी लीव पास की जाए।
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माननीयों की अब बढ़ेंगी मुश्किलें: हाईकोर्ट ने कहा- ट्रायल पर लगी रोक हटाने की अर्जी दाखिल करें जांच एजेंसियां

माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे के लिए हाईकोर्ट की ओर से लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि बड़े-बड़े नेताओं के मामले में ट्रायल पर लगी रोक हटाने के लिए जांच एजेंसियां कदम नहीं उठा रही हैं। हाईकोर्ट ने अब जांच एजेंसियों को ट्रायल से रोक हटवाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया है, जिससे माननीयों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
  
सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट को सहयोग दे रहे सीनियर एडवोकेट रुपिंदर खोसला ने हाईकोर्ट को बताया कि कई बड़े नेता हैं, जिनके खिलाफ ट्रायल पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इन नेताओं में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम शामिल है। इनके मामलों में ट्रायल पर रोक हटाने के लिए जांच एजेंसियां कोई कदम नहीं उठा रही हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि माननीयों पर लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए लेकिन जांच एजेंसियां इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही हैं। जांच एजेंसियों को चाहिए कि वह इन सभी केसों में अर्जियां दायर कर रोक के आदेश को हटवाएं, ताकि इन केसों का निपटारा हो सके। हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई नौ नवंबर तक स्थगित करते हुए अगली सुनवाई पर जांच एजेंसियों को स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में लगाई फटकार
विधायक सिमरजीत बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में एसआईटी गठित होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर अब तक की कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिया था कि इस मामले की जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी की जाए।
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एससी आयोग पहुंचा लखबीर का परिवार: चेयरमैन बोले- 8.25 लाख मुआवजा, दोनों बेटियों को मुफ्त शिक्षा और मां को पेंशन मिलेगी

लखबीर सिंह के परिजनों ने सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला से दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय में मिलकर न्याय की गुहार लगाई। वहीं सांपला ने आश्वासन दिया कि मृतक लखबीर की दोनों बेटियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। बेटियों की मां को प्रति माह पेंशन का प्रावधान किया जाएगा। 

उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने वालों पर पीओ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। लखबीर का पीड़ित परिवार, जिसमें मृतक की पत्नी जसप्रीत कौर, तीनों बेटियां तानिया, संदीप कौर, कुलदीप कौर, बहन राज कौर, ससुर बलदेव सिंह, भतीजी जसप्रीत कौर और पत्नी के भाई सुखचैन सिंह ने विजय सांपला से मिलकर कहा कि लखबीर सिंह का कत्ल किया गया है और इसकी सजा से बचने के लिए आरोपी बेअदबी के झूठे आरोप लगा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि कत्ल करने और लखबीर पर अत्याचार करने के कई वीडियो सामने आए हैं लेकिन बेअदबी का कोई वीडियो/प्रमाण अब तक सामने नहीं आया। परिवार ने सांपला से दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार ने सांपला को बताया कि उनकी मदद के लिए न तो कोई धार्मिक या सामाजिक संस्था सामने आई और न ही पंजाब सरकार। 

परिवार ने कहा कि पंजाब सरकार दूसरे राज्यों में जाकर कई लाख रुपये दे सकती है। लेकिन अपने ही प्रदेश के एक अनुसूचित जाति के सिख लखबीर सिंह, जिसकी बिना कारण हत्या कर दी गई, उसके लिए कुछ नहीं किया जा रहा। उन्होंने सांपला से आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई।

सांपला ने लखबीर के परिवार को स्पष्ट किया कि न सिर्फ हत्या के दोषियों को सजा मिलेगी, बल्कि जिन लोगों ने उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है और परिवार को धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार संस्कार न करने देने की धमकी दी है, उन सब पर पीओ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

सांपला ने कहा कि एससी अधिनियम/पीओ एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवार को 8.25 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाएगा, जिसमें से सवा चार लाख एफआईआर दर्ज होने पर मिलता है। सवा चार लाख अब तक क्यों नहीं मिले, इसके लिए संबंधित सरकारी अधिकारियों को दिल्ली तलब करेंगे। पीओ एक्ट के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लखबीर की तीनों बेटियों की सरकारी खर्च पर पढ़ाई हो और लखबीर की मां को प्रति माह पेंशन मिले।
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सिंघु बॉर्डर हत्याकांड: लखबीर के हत्यारोपी चारों निहंगों को अदालत ने भेजा जेल, दो घंटे तक चली सुनवाई

विजय सांपला से लखबीर सिंह के परिवार ने की मुलाकात।
सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के लखबीर सिंह की हत्या के आरोपी चारों निहंगों को रिमांड पूरा होने के बाद सोमवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों ने दो घंटे तक अपना पक्ष रखा। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अवैध हथियार अधिनियम और एससीएसटी एक्ट को हटाने की मांग की, जिसका सरकारी वकील और पुलिस ने विरोध किया। इस दौरान कोर्ट परिसर छावनी बना रहा। अब चारों आरोपियों की अगली पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर जारी धरनास्थल पर 15 अक्तूबर को पंजाब के लखबीर की नृशंस हत्या कर दी गई थी। 

पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में वीडियो और फोटो वायरल होने पर चार निहंगों सरबजीत, नारायण सिंह, भगवंत सिंह व गोविंदप्रीत ने हत्या की जिम्मेदारी लेकर आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने के चलते वारदात को अंजाम देने की बात कही थी। 

आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। जहां पूछताछ के बाद उन्हें सोमवार को फिर से अदालत में पेश किया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता भगवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने मुव्वाकिलों पर लगे एससीएसटी और अवैध शस्त्र अधिनियम हटाने की मांग की। डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह धाराएं नहीं हटाई गई हैं। हालांकि जो आरोपी एससीएसटी वर्ग से है उन पर यह लागू नहीं होगा। वहीं तलवार को धार्मिक चिह्न मानकर अवैध हथियार न लगाने की मांग की गई। हालांकि कोर्ट ने अभी इन्हें नहीं हटाया है। 
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डेरा प्रमुख की फिर बढ़ेंगी मुश्किलें: राम रहीम के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी, 29 अक्तूबर को पेश करने का आदेश

बरगाड़ी बेअदबी मामले में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम से पूछताछ करने की तैयारी कर ली है। सोमवार को एसआईटी ने बेअदबी मामले से जुड़ी गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी करने के मामले में फरीदकोट की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी तरजनी की अदालत में डेरा प्रमुख से पूछताछ करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की अपील की।

अदालत ने आवेदन को मंजूर कर लिया और राम रहीम को 29 अक्तूबर को अदालत में पेश करने का आदेश जारी किया है। बरगाड़ी बेअदबी से जुड़ी तीन घटनाओं में से पावन स्वरूप चोरी केस में एसआईटी ने पहले से ही गुरमीत राम रहीम को चार्जशीट किया है।  

पंजाब पुलिस की एसआईटी ने हाल ही में पावन स्वरूप चोरी करने व विवादित पोस्टर लगाने की घटनाओं में डेरा सच्चा सौदा के छह अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है, जबकि पावन स्वरूप चोरी करने की घटना में एसआईटी ने जुलाई 2020 में सात डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार किया था और पूछताछ खत्म होने के कुछ दिन बाद ही इन सातों अनुयायियों के अलावा डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों व डेरा प्रमुख के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
 
हालांकि उस समय तक यह केस सीबीआई के पास था और पूरा विवाद पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय पहुंचा। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद इसी साल जनवरी में उच्च न्यायालय ने बरगाड़ी बेअदबी मामलों की पड़ताल का अधिकार सीबीआई से वापस लेकर पंजाब पुलिस को सौंप दिया। 

जांच हाथ में आने के बाद हाल ही में पंजाब पुलिस ने बेअदबी से जुड़ी बाकी दोनों घटनाओं पावन स्वरूप की बेअदबी करने व विवादित पोस्टर मामले में भी डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है और उच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक पावन स्वरूप चोरी मामले में अभी पूरक चालान पेश किया जाना बाकी है। इसके तहत ही एसआईटी ने सोमवार को फरीदकोट की अदालत में आवेदन देकर गुरमीत राम रहीम से पूछताछ करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की अपील की जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया और राम रहीम को 29 अक्तूबर को फरीदकोट अदालत में पेश करने का आदेश दिया। 
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पंजाब: सर्वदलीय बैठक के बाद बोले चन्नी, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के खिलाफ जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। केंद्र सरकार के साथ विभिन्न लंबित मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक के लिए पंजाब के विपक्षी दलों- शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र भारत-पाक सीमा से पंजाब के भीतर 50 किमी तक बढ़ाने के फैसले के विरोध में सर्वसम्मति जुटाई गई।

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बठिंडा: खुद को सिविल जज बताकर लोगों से ठगी करती थी महिला, पति और ड्राइवर के साथ गिरफ्तार

बैठक के बाद चन्नी ने कहा कि सभी दलों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया कि इस अधिसूचना को केंद्र सरकार द्वारा वापस लिया जाए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा। चन्नी ने कहा कि यह पंजाब और पंजाबियों से संबंधित मामला है। कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और यह संघीय ढांचे में हमारे अधिकारों पर छापे की तरह है, पंजाब में सभी राजनीतिक दल केंद्र से अधिसूचना वापस लेने की लड़ाई में एक साथ हैं। बैठक में नवजोत सिद्धू ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार के खिलाफ राजनीतिक दल आंदोलन करेंगे और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि केंद्र द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने का अकाली दल सख्ती से विरोध करता है और इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने के लिए पार्टी राज्य सरकार के साथ खड़ी है। पार्टी प्रवक्ता व सीनियर उपाध्यक्ष चीमा ने कहा कि जब भी पंजाब के हितों की बात आएगी, अकाली दल समान विचार रखने वाले दलों के साथ खड़ा होगा, भले ही पानी का मुद्दा हो या तीन खेती कानूनों का। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हम सभी को एकजुट होकर केंद्र के फैसले का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी के कारण पंजाब को यह दिन देखना पड़ रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी केंद्र के साथ मिल गए हैं।
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बठिंडा: पति और ड्राइवर के साथ नकली महिला जज गिरफ्तार, सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

पंजाब के बठिंडा जिले के थाना नथाना पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो अपने आप को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज बताकर लोगों से धोखाधड़ी करती थी। इतना ही नहीं लोगों में अपना रौब दिखाने के लिए अपने पति की कार पर जिला सत्र न्यायालय सूरत की प्लेट लगा रखी थी और नकली आईडी कार्ड भी बना रखा था।
 
पुलिस ने आरोपी महिला जसवीर कौर, उसके पति कुलवीर सिंह निवासी गांव कल्याण सुक्खा और उसके ड्राइवर प्रगट सिंह निवासी गांव रामणवास व एक अज्ञात व्यक्ति पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे पता चल सके कि उक्त लोगों ने अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और नकली जज बनकर वह क्या करती थी।

थाना नथाना के एएसआई जसवीर सिंह के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गांव कल्याण सुक्खा की रहने वाली जसवीर कौर ने अपने पति कुलवीर सिंह, ड्राइवर प्रगट सिंह व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है। आरोपी जसवीर कौर अपने आप को जज बताती थी और अपने पति की कार पर लाल रंग की प्लेट लगा रखी है, जिस पर जिला सत्र न्यायालय सूरत लिखा है।

उसकी यह गाड़ी आरोपी प्रगट सिंह चलाता है। इतना ही नहीं आरोपी जसवीर कौर ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज का नकली आईडी कार्ड बना रखा है। यह लोग भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते है।

एएसआई ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना नथाना में मामला दर्ज किया है। आरोपियों से कार बरामद की गई। इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई जसवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि वह दो दर्जन से ज्यादा लोगों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेशकर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।
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मोहाली: मांगों के लिए ईटीटी अध्यापकों ने खरड़-चंडीगढ़ हाईवे किया जाम, लोग हुए परेशान

बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने सोमवार दोपहर खरड़ चंडीगढ़ हाईवे पर देसूमाजरा के पास जाम लगा दिया। मौके पर काफी संख्या में पुलिस होने के बावजूद भी टीचर जाम लगाने में कामयाब रहे। जाम के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए घंटों परेशानी उठानी पड़ी।

खरड़ और इसके साथ लगते एरिया के लोग गांवों से होकर घर पहुंचे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने  चंडीगढ़, दिल्ली और अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को खरड़ और कुराली से डायवर्ट कर निकाला। जबकि मोहाली से खरड़ जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां और चप्पड़चिड़ी से होकर निकाला गया। टीचरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा।

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बठिंडा: खुद को सिविल जज बताकर लोगों से ठगी करती थी महिला, पति और ड्राइवर के साथ गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक गत पांच दिनों से दो टीचर परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। टीचरों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सार नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सोमवार को पूरे पंजाब से काफी संख्या में टीचर खरड़ पहुंचे। इसके बाद सुनवाई न किए जाने से आहत टीचरों ने दोपहर दो बजे हाईवे जाम कर दिया। जिससे आम लोग मुश्किल में आ गए।

बेरोगजार टीचरों ने बताया कि साढ़े चार साल के लगातार संघर्ष के बाद  2364 और 6635 ईटीटी पद उन्हें प्राप्त हुए थे। जिसमें से 2364 ईटीटी के पदों पर संशोधन कर बाहरी उम्मीदवारों को मौका दिया गया। इसी वजह से यह भरती प्रक्रिया लटक रही है। दूसरी तरफ इस वजह से 6635 ईटीटी अध्यापकों की भरती पर 2364 सिलेक्ट उम्मीदवारों की तरफ से हजारों की संख्या में डबल होने का खतरा पैदा हो गया है।

सरकार से अपील है कि पहले 2364 अध्यापकों की भरती पूरी की जाए। साथ ही इस संबंधी कोई पुख्ता कानून बनाया जाए, ताकि हजारों बेरोजगार लोगों को फायदा मिल जाए। टीचरों  ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो और तेज संघर्ष किया जाएगा। 
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बठिंडा: खुद को सिविल जज बताकर लोगों से ठगी करती थी महिला, पति और ड्राइवर के साथ गिरफ्तार

बठिंडा पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज बताकर लोगों से धोखाधड़ी करती थी। इतना ही नहीं लोगों में अपना रौब दिखाने के लिए अपने पति की कार पर जिला सेशन कोर्ट जज की प्लेट भी लगा रखी थी, और नकली आईडी कार्ड भी बना रखा था।

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फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला जसवीर कौर, उसके पति कुलवीर सिंह निवासी गांव कल्याण सुक्खा व उसके ड्राइवर प्रगट सिंह निवासी गांव रामणवास व एक अज्ञात व्यक्ति पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि पता चल सके कि उक्त लोगों ने अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और नकली जज बनकर वह क्या करती थी।

थाना नथाना के एएसआई जसवीर सिंह के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली कि गांव कल्याण सुक्खा की रहने वाली जसवीर कौर ने अपने पति कुलवीर सिंह, ड्राइवर प्रगट सिंह व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है। आरोपी जसवीर कौर अपने आप को जज बताती और अपने पति की ब्रेजा कार (पीबी-03एके-0063) पर लाल रंग की प्लेट लगा रखी है, जिस पर जिला सेशन कोर्ट लिखा हुआ है। उसकी यह गाड़ी आरोपी प्रगट सिंह चलाता है। जसवीर कौर ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज का नकली आईडी कार्ड भी बना रखा है। यह लोग भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। 

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपियों से कार भी बरामद की गई है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई जसवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की गई जांच में सामने आया है कि आरोपी 24 से ज्यादा लोगों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके है। फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि पूछताछ के बाद मामले में ओर भी खुलासे किए जा सके।
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