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हरियाली के प्रहरी: पहले उठाते हैं कूड़ा फिर लगाते हैं बूटा, पीयू के इन प्रोफेसरों का योगदान है महान

आज हम हरियाली के एक ऐसे प्रहरी से आपका परिचय करवाने जा रहे हैं जिनके शोध तो देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं हीं, साथ ही पर्यावरण बचाने के लिए बेहतरीन कार्...

24 अक्टूबर 2021

Digital Edition

एससी आयोग पहुंचा लखबीर का परिवार: चेयरमैन बोले- 8.25 लाख मुआवजा, दोनों बेटियों को मुफ्त शिक्षा और मां को पेंशन मिलेगी

लखबीर सिंह के परिजनों ने सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला से दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय में मिलकर न्याय की गुहार लगाई। वहीं सांपला ने आश्वासन दिया कि मृतक लखबीर की दोनों बेटियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। बेटियों की मां को प्रति माह पेंशन का प्रावधान किया जाएगा। 

उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने वालों पर पीओ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। लखबीर का पीड़ित परिवार, जिसमें मृतक की पत्नी जसप्रीत कौर, तीनों बेटियां तानिया, संदीप कौर, कुलदीप कौर, बहन राज कौर, ससुर बलदेव सिंह, भतीजी जसप्रीत कौर और पत्नी के भाई सुखचैन सिंह ने विजय सांपला से मिलकर कहा कि लखबीर सिंह का कत्ल किया गया है और इसकी सजा से बचने के लिए आरोपी बेअदबी के झूठे आरोप लगा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि कत्ल करने और लखबीर पर अत्याचार करने के कई वीडियो सामने आए हैं लेकिन बेअदबी का कोई वीडियो/प्रमाण अब तक सामने नहीं आया। परिवार ने सांपला से दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार ने सांपला को बताया कि उनकी मदद के लिए न तो कोई धार्मिक या सामाजिक संस्था सामने आई और न ही पंजाब सरकार। 

परिवार ने कहा कि पंजाब सरकार दूसरे राज्यों में जाकर कई लाख रुपये दे सकती है। लेकिन अपने ही प्रदेश के एक अनुसूचित जाति के सिख लखबीर सिंह, जिसकी बिना कारण हत्या कर दी गई, उसके लिए कुछ नहीं किया जा रहा। उन्होंने सांपला से आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई।

सांपला ने लखबीर के परिवार को स्पष्ट किया कि न सिर्फ हत्या के दोषियों को सजा मिलेगी, बल्कि जिन लोगों ने उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है और परिवार को धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार संस्कार न करने देने की धमकी दी है, उन सब पर पीओ एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

सांपला ने कहा कि एससी अधिनियम/पीओ एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवार को 8.25 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाएगा, जिसमें से सवा चार लाख एफआईआर दर्ज होने पर मिलता है। सवा चार लाख अब तक क्यों नहीं मिले, इसके लिए संबंधित सरकारी अधिकारियों को दिल्ली तलब करेंगे। पीओ एक्ट के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लखबीर की तीनों बेटियों की सरकारी खर्च पर पढ़ाई हो और लखबीर की मां को प्रति माह पेंशन मिले।
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विजय सांपला से लखबीर सिंह के परिवार ने की मुलाकात। विजय सांपला से लखबीर सिंह के परिवार ने की मुलाकात।

सिंघु बॉर्डर हत्याकांड: लखबीर के हत्यारोपी चारों निहंगों को अदालत ने भेजा जेल, दो घंटे तक चली सुनवाई

सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के लखबीर सिंह की हत्या के आरोपी चारों निहंगों को रिमांड पूरा होने के बाद सोमवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों ने दो घंटे तक अपना पक्ष रखा। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अवैध हथियार अधिनियम और एससीएसटी एक्ट को हटाने की मांग की, जिसका सरकारी वकील और पुलिस ने विरोध किया। इस दौरान कोर्ट परिसर छावनी बना रहा। अब चारों आरोपियों की अगली पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर जारी धरनास्थल पर 15 अक्तूबर को पंजाब के लखबीर की नृशंस हत्या कर दी गई थी। 

पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में वीडियो और फोटो वायरल होने पर चार निहंगों सरबजीत, नारायण सिंह, भगवंत सिंह व गोविंदप्रीत ने हत्या की जिम्मेदारी लेकर आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने के चलते वारदात को अंजाम देने की बात कही थी। 

आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। जहां पूछताछ के बाद उन्हें सोमवार को फिर से अदालत में पेश किया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता भगवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने मुव्वाकिलों पर लगे एससीएसटी और अवैध शस्त्र अधिनियम हटाने की मांग की। डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह धाराएं नहीं हटाई गई हैं। हालांकि जो आरोपी एससीएसटी वर्ग से है उन पर यह लागू नहीं होगा। वहीं तलवार को धार्मिक चिह्न मानकर अवैध हथियार न लगाने की मांग की गई। हालांकि कोर्ट ने अभी इन्हें नहीं हटाया है। 
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बठिंडा: पति और ड्राइवर के साथ नकली महिला जज गिरफ्तार, सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

पंजाब के बठिंडा जिले के थाना नथाना पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो अपने आप को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज बताकर लोगों से धोखाधड़ी करती थी। इतना ही नहीं लोगों में अपना रौब दिखाने के लिए अपने पति की कार पर जिला सत्र न्यायालय सूरत की प्लेट लगा रखी थी और नकली आईडी कार्ड भी बना रखा था।
 
पुलिस ने आरोपी महिला जसवीर कौर, उसके पति कुलवीर सिंह निवासी गांव कल्याण सुक्खा और उसके ड्राइवर प्रगट सिंह निवासी गांव रामणवास व एक अज्ञात व्यक्ति पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे पता चल सके कि उक्त लोगों ने अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और नकली जज बनकर वह क्या करती थी।

थाना नथाना के एएसआई जसवीर सिंह के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गांव कल्याण सुक्खा की रहने वाली जसवीर कौर ने अपने पति कुलवीर सिंह, ड्राइवर प्रगट सिंह व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है। आरोपी जसवीर कौर अपने आप को जज बताती थी और अपने पति की कार पर लाल रंग की प्लेट लगा रखी है, जिस पर जिला सत्र न्यायालय सूरत लिखा है।

उसकी यह गाड़ी आरोपी प्रगट सिंह चलाता है। इतना ही नहीं आरोपी जसवीर कौर ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज का नकली आईडी कार्ड बना रखा है। यह लोग भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते है।

एएसआई ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना नथाना में मामला दर्ज किया है। आरोपियों से कार बरामद की गई। इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई जसवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि वह दो दर्जन से ज्यादा लोगों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेशकर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।
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पंजाब: सर्वदलीय बैठक के बाद बोले चन्नी, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के खिलाफ जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। केंद्र सरकार के साथ विभिन्न लंबित मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक के लिए पंजाब के विपक्षी दलों- शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र भारत-पाक सीमा से पंजाब के भीतर 50 किमी तक बढ़ाने के फैसले के विरोध में सर्वसम्मति जुटाई गई।

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बैठक के बाद चन्नी ने कहा कि सभी दलों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया कि इस अधिसूचना को केंद्र सरकार द्वारा वापस लिया जाए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा। चन्नी ने कहा कि यह पंजाब और पंजाबियों से संबंधित मामला है। कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और यह संघीय ढांचे में हमारे अधिकारों पर छापे की तरह है, पंजाब में सभी राजनीतिक दल केंद्र से अधिसूचना वापस लेने की लड़ाई में एक साथ हैं। बैठक में नवजोत सिद्धू ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार के खिलाफ राजनीतिक दल आंदोलन करेंगे और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि केंद्र द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने का अकाली दल सख्ती से विरोध करता है और इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने के लिए पार्टी राज्य सरकार के साथ खड़ी है। पार्टी प्रवक्ता व सीनियर उपाध्यक्ष चीमा ने कहा कि जब भी पंजाब के हितों की बात आएगी, अकाली दल समान विचार रखने वाले दलों के साथ खड़ा होगा, भले ही पानी का मुद्दा हो या तीन खेती कानूनों का। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हम सभी को एकजुट होकर केंद्र के फैसले का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी के कारण पंजाब को यह दिन देखना पड़ रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी केंद्र के साथ मिल गए हैं।
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मोहाली: मांगों के लिए ईटीटी अध्यापकों ने खरड़-चंडीगढ़ हाईवे किया जाम, लोग हुए परेशान

पत्रकारों से बात करते पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी।
बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने सोमवार दोपहर खरड़ चंडीगढ़ हाईवे पर देसूमाजरा के पास जाम लगा दिया। मौके पर काफी संख्या में पुलिस होने के बावजूद भी टीचर जाम लगाने में कामयाब रहे। जाम के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए घंटों परेशानी उठानी पड़ी।

खरड़ और इसके साथ लगते एरिया के लोग गांवों से होकर घर पहुंचे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने  चंडीगढ़, दिल्ली और अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को खरड़ और कुराली से डायवर्ट कर निकाला। जबकि मोहाली से खरड़ जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां और चप्पड़चिड़ी से होकर निकाला गया। टीचरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा।

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जानकारी के मुताबिक गत पांच दिनों से दो टीचर परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। टीचरों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सार नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सोमवार को पूरे पंजाब से काफी संख्या में टीचर खरड़ पहुंचे। इसके बाद सुनवाई न किए जाने से आहत टीचरों ने दोपहर दो बजे हाईवे जाम कर दिया। जिससे आम लोग मुश्किल में आ गए।

बेरोगजार टीचरों ने बताया कि साढ़े चार साल के लगातार संघर्ष के बाद  2364 और 6635 ईटीटी पद उन्हें प्राप्त हुए थे। जिसमें से 2364 ईटीटी के पदों पर संशोधन कर बाहरी उम्मीदवारों को मौका दिया गया। इसी वजह से यह भरती प्रक्रिया लटक रही है। दूसरी तरफ इस वजह से 6635 ईटीटी अध्यापकों की भरती पर 2364 सिलेक्ट उम्मीदवारों की तरफ से हजारों की संख्या में डबल होने का खतरा पैदा हो गया है।

सरकार से अपील है कि पहले 2364 अध्यापकों की भरती पूरी की जाए। साथ ही इस संबंधी कोई पुख्ता कानून बनाया जाए, ताकि हजारों बेरोजगार लोगों को फायदा मिल जाए। टीचरों  ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो और तेज संघर्ष किया जाएगा। 
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बठिंडा: खुद को सिविल जज बताकर लोगों से ठगी करती थी महिला, पति और ड्राइवर के साथ गिरफ्तार

बठिंडा पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज बताकर लोगों से धोखाधड़ी करती थी। इतना ही नहीं लोगों में अपना रौब दिखाने के लिए अपने पति की कार पर जिला सेशन कोर्ट जज की प्लेट भी लगा रखी थी, और नकली आईडी कार्ड भी बना रखा था।

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फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला जसवीर कौर, उसके पति कुलवीर सिंह निवासी गांव कल्याण सुक्खा व उसके ड्राइवर प्रगट सिंह निवासी गांव रामणवास व एक अज्ञात व्यक्ति पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि पता चल सके कि उक्त लोगों ने अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और नकली जज बनकर वह क्या करती थी।

थाना नथाना के एएसआई जसवीर सिंह के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली कि गांव कल्याण सुक्खा की रहने वाली जसवीर कौर ने अपने पति कुलवीर सिंह, ड्राइवर प्रगट सिंह व एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है। आरोपी जसवीर कौर अपने आप को जज बताती और अपने पति की ब्रेजा कार (पीबी-03एके-0063) पर लाल रंग की प्लेट लगा रखी है, जिस पर जिला सेशन कोर्ट लिखा हुआ है। उसकी यह गाड़ी आरोपी प्रगट सिंह चलाता है। जसवीर कौर ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सिविल जज का नकली आईडी कार्ड भी बना रखा है। यह लोग भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। 

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपियों से कार भी बरामद की गई है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई जसवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की गई जांच में सामने आया है कि आरोपी 24 से ज्यादा लोगों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके है। फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि पूछताछ के बाद मामले में ओर भी खुलासे किए जा सके।
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महापर्व की धूम: दिवाली पर गाय के गोबर से बने दीपक से महकेंगे चंडीगढ़ के घर, धनतेरस पर गौरीशंकर सेवा दल बांटेगा फ्री

हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय के महत्व को हर कोई समझे, इसलिए गाय के गोबर से गौरी शंकर सेवा दल हर साल दीपक बनाकर चंडीगढ़ के लोगों में वितरित करता है। इस बार भी गोबर से बने दीपक घर को महकाएंगे। ये दीपक घर-घर पहुंचेंगे। धनतेरस पर यह दीपक बांटे जाएंगे। दल की ओर से 75 हजार दीपक बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। सेक्टर-45 स्थित गोशाला का संचालन गौरी शंकर सेवा दल कर रहा है।

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950 गायों की सेवा में 45 सेवक
यहां 950 गायें हैं। इनकी सेवा के लिए 45 सेवक लगे हैं। वे दिन-रात गायों की सेवा करते हैं। दल का उद्देश्य है कि गायों के महत्व को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने गाय के गोबर से दीपक बनाने की योजना बनाई, जो सफल रही। गोबर से किसी प्रकार की दुर्गंध न आए, इसलिए उसमें इत्र मिलाया जाता है। इसकी महक पूरे घर-आंगन में होती है।  

कोरोना के दौरान 45 हजार दीपक बांटे गए
गौरी शंकर सेवा दल केसदस्य विनोद कुमार कहते हैं कि यह मुहिम कई वर्षों से चली आ रही है। इस कार्य को करने में आनंद की प्राप्ति होती है। पिछले साल कोरोना के समय 45 हजार दीपक बनाकर लोगों तक पहुंचाए गए। कहते हैं कि गायों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को रोकने के लिए हमने यह कदम उठाया, ताकि लोग गायों से अधिक प्रेम करें। लोगों की ओर से दान भी दिया जाता है, जिससे गायों की सेवा की जाती है। गाय के लाभों के बारे में सबको जानना जरूरी है, इसलिए दीपक बनाने की मुहिम छेड़ी गई।

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गोबर के प्रवेश के बाद ही आती है लक्ष्मी
गौरी शंकर सेवा दल के अध्यक्ष रमेश कुमार का कहना है कि पहले के समय में घर का लेपन गोबर से होता था। इससे घर शुद्ध होता था। उसके साथ लक्ष्मी का प्रवेश होता था। इससे सुख-समृद्धि घर में आती थी। अब लेपन का काम बहुत कम हो गया है। ऐसे में गोबर से बनी सामग्री घर में पहुंचे, ताकि लक्ष्मी का वास हो, इसलिए भी दीपक घर-घर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। धनतेरस वाले दिन गोशाला आने वाले लोग दीपक लेकर जाते हैं। दो-तीन दिन तक दीपक दिए जाते हैं।

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दीपक की महक से भाग जाएंगे डेंगू के मच्छर
गोशाला संचालक के मुताबिक गाय के गोबर से बने दीपक का प्रयोग करने से कई लाभ होते हैं। इस दीपक के मिश्रण में कपूर, हवन सामग्री, पीली सरसों समेत कई चीजें मिलाई जाती हैं। दीपक जलने से वातावरण शुद्ध होता है। इसके साथ ही कीटाणु भी मिश्रण से भागेंगे। आजकल डेंगू पैर पसार रहा है। मच्छरों का प्रकोप हो रहा है। इस दीपक की लौ से होने वाली महक उन मच्छरों को दूर भगाने का काम करेगी।
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चंडीगढ़: बच्चों को क्रेच में भेजने से पहले कर लें बाल सहायिकाओं की पड़ताल, शहर के 50 क्रेच में 1600 बच्चे हैं पंजीकृत

नौकरी के साथ बच्चों की देखभाल आसान नहीं, इसलिए चंडीगढ़ के लोग क्रेच का सहारा ले रहे हैं। हालांकि मनोचिकित्सकों की राय है कि अभिभावक क्रेच में बच्चे को दाखिल करने से पहले यह जरूर देख लें कि वहां सुविधाएं कैसी हैं और बच्चों की देखभाल करने वाली बाल सहायिकाएं कैसी हैं। बाल सहायिकाओं के स्वभाव पर ही आपके बच्चे का विकास टिका होगा। यदि बाल सहायिकाओं से प्यार-दुलार मिलता है, तो बच्चे का दिमागी विकास ठीक तरह से होगा अन्यथा विपरीत असर पड़ेगा। इससे बाद में दिक्कतें आ सकती हैं। हालांकि कोरोना में बंद क्रेच अभी खुले नहीं हैं।

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सुबह आठ बजे खुल जाते हैं क्रेच
शहर में 50 क्रेच हैं, जिनका संचालन भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से किया जाता है, जिसका कार्यालय बाल भवन सेक्टर-23 में है। भारतीय बाल कल्याण परिषद को समाज कल्याण विभाग संचालित करता है। इन क्रेच में कामकाजी परिवारों के 1600 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। क्रेच में छह माह से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चों को रखा जाता है, समय सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक का है, लेकिन कर्मचारी तब तक इंतजार करते हैं, जब तक कि बच्चों के माता-पिता या परिजन उन्हें लेने नहीं आ जाते।

100 से 600 रुपये तक है शुल्क
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी केहर सिंह का कहना है कि बच्चों को संभालने के लिए हर क्रेच में बाल सेविकाएं हैं। उनके साथ दो सहायिकाएं होती हैं, जो बच्चों की देखभाल करती हैं। इन्हें भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि बच्चों की देखरेख सही तरीके से हो सके। क्रेच में बच्चों को रखने का शुल्क 100 से लेकर 600 रुपये तक प्रति महीना है। इसकी निगरानी चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर (सीसीडब्ल्यूओ) द्वारा की जाती है। विभाग के पास दो सीडब्ल्यूओ हैं, जिनके पास 25-25 क्रेच हैं। हर क्रेच में किचन है, ताकि बच्चों को गर्म दूध और खाना दिया जा सके। बच्चों के खेलने और आराम करने के लिए अलग से व्यवस्था है।

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बच्चों की होती है स्वास्थ्य जांच
केहर सिंह ने बताया कि समय-समय पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी होती है। स्टाफ को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें बच्चों के दांत आने पर क्या करना है, खाना किस प्रकार खिलाना है, बुखार होने पर उन्हें किस प्रकार संभालना है, छह माह के बच्चे को किस प्रकार संभालना है आदि का प्रशिक्षण शामिल है। बच्चों के लिए पालने की भी व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर बच्चों के परिजन वीडियो कॉल करके अपने बच्चे को देख भी सकते हैं। क्रेच के संचालन के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से फंड मुहैया कराया जाता है।

ऑनलाइन शुल्क देने की भी व्यवस्था
केहर सिंह ने बताया कि अब परिजन ऑनलाइन शुल्क भर सकते हैं। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। महीने के अंतिम कार्य दिवस पर बाल सेविकाओं की बैठक होती है, जिसमें समस्याओं का समाधान होता है।

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मनोचिकित्सक की राय
जन्म के बाद दो वर्ष तक का समय बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान ही बच्चों का दिमागी विकास होता है। यह विकास इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चा किस परिवेश में रह रहा है और उसकी परवरिश किस तरह हो रही है। घर में जो बड़े लोग हैं, उससे किस प्रकार का व्यवहार करते हैं, उनकी प्रतिक्रिया किस प्रकार की है, यह नोटिस होता है। बेहतर माहौल में बच्चा अच्छी ग्रोथ करता है। यदि माता-पिता कामकाजी हैं और बच्चों को क्रेच में छोड़ते हैं, तो पहले बाल सहायिकाओं के बारे में जरूर जानें। क्योंकि बाल सहायिकाओं का व्यवहार बच्चे से मिलता-जुलता होना चाहिए।
-डॉ. सतीश थापर, मनोचिकित्सक

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सभी क्रेच में प्रशिक्षित स्टाफ है, ताकि वह बच्चों की सही तरीके से देखभाल कर सकें। हमारी कोशिश रहती है कि इन बच्चों को अच्छे तरीके से रखें। क्रेच में बच्चों के लिए सभी सुविधाएं हैं, जो उन्हें घरों पर मिलती हैं।
- नवजोत कौर, निदेशक, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़
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हरियाणा: निर्यात को 2 लाख करोड़ तक पहुंचाने की तैयारी, आयात-निर्यात बिजनेस मीट से टटोला जाएगा विदेशियों का मन

हरियाणा ने विदेशों में निर्यात दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का खाका खींचा है। अभी 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात प्रदेश से हो रहा है। निर्यात का नया लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार विदेशियों का मन आयात-निर्यात बिजनेस मीट के जरिये टटोलेगी। 2022 की शुरुआत में इसका आयोजन करने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम करने का जिम्मा विदेश सहयोग विभाग को सौंपा है। इसके बाद से विभाग के उच्चाधिकारी दूसरे देशों की वर्तमान सोच व मांग जानने में जुटे हैं। यूरोपियन व खाड़ी देशों के अलावा अरब देशों में और अधिक निर्यात करने के लिए वहां के बाजारों और जरूरतों का अध्ययन किया जा रहा है।
 
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सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, शिक्षा, टेक्सटाइल, फुटवियर, चावल, दलहन-तिलहन, विज्ञान उपकरणों, प्लाईवुड व ऑटोमोबाइल इत्यादि क्षेत्रों पर फोकस करते हुए निर्यात बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री इसे लेकर विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं।

विभाग के महानिदेशक डॉ. अनंत प्रकाश पांडेय ने बताया कि बिजनेस मीट आयोजित करने की रणनीति पर अगले महीने से काम शुरू होगा। हरियाणा क्षमतावान प्रदेश है और इसके अनेक उत्पादों की विदेश में काफी मांग है। जिन उत्पादों की ज्यादा मांग है, उनका उत्पादन बढ़ाकर अधिक आपूर्ति के जरिये निर्यात बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सौंपने को कहा है ताकि उसे अमलीजामा पहनाने के लिए धरातल पर काम शुरू किया जा सके। व्यवसाय में शिक्षा अब नया क्षेत्र है। इसमें अनेक देशों के साथ मिलकर काम किया जा सकता है। नाइजीरिया, कांगो, इथोपिया, मॉरीशस, अन्य अफ्रीकी देश, खाड़ी देश व यूरोपियन देशों में निर्यात के मामले में दूसरे-तीसरे नंबर पर हैं। दुबई से लेकर अमेरिका, अफ्रीका में प्रदेश के बने कपड़ों, इंजीनियरिंग व ऑटो उपकरणों की काफी मांग है। ईरान में चावल निर्यात और बढ़ने की पूरी उम्मीद है।

वर्तमान में निर्यात की स्थिति
  • बहादुरगढ़ से सालाना 2000 करोड़ का फुटवियर विदेश जा रहा है, इसे दोगुना करने का लक्ष्य है।
  • यमुनानगर से 400 करोड़ की प्लाई विदेशों में जा रही है, इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
  • पानीपत से 12 हजार करोड़ का कपड़ा दूसरे देशों में जा रहा, इसे बीस हजार करोड़ तक पहुंचाएंगे।
  • 60 फीसदी चावल खासकर बासमती विदेशों में भेजा जा रहा है, इसे बढ़ाया जाएगा।
  • अंबाला के विज्ञान उपकरणों की विदेशों में भारी मांग है।
  • गुरुग्राम-फरीदाबाद के ऑटो सेक्टर, आईटी व इलेक्ट्रोनिक के अलावा निर्मित वाहनों की भी दूसरे देशों में आपूर्ति
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बेमौसमी बारिश का कहर: कपास से लेकर धान की फसल बरबाद, जमीन पर गिरने लगे बासमती 1121 के दाने

शनिवार रात को बारिश व ओलावृष्टि के कारण पंजाब में किसानों को दोहरी मार पड़ी है। जहां मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल पानी में तैरती दिख रही थी वहीं खेतों में तैयार खड़ी धान, मक्की, कपास, गन्ना सहित सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान बासमती की फसल को भी हुआ है और 1121 के दाने जमीन पर गिरने लगे हैं। बासमती की कटाई अब संभव नहीं है, फसल जमीन पर बिछ गई है।

नवंबर में पंजाब में मटर की फसल भी मंडी में आने लगती है, उसको भी भारी नुकसान पहुंचा है। सेम फली का भी नुकसान हुआ है। साथ ही पलमन धान की फसल की कटाई चल रही थी, जो अब देरी से होने की संभावना है। नमी वाला मौसम होने के कारण धान में नमी तो पहले ही नहीं कम हो रही, अब बारिश व ओलावृष्टि से धान की नमी और बढ़ जाएगी। जिससे किसानों को फसल मंडी में बेचने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।

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करवाचौथ व्रत के दिन रविवार को लुधियाना, जालंधर सहित कई जिलों में जमकर बारिश हुई। शनिवार देर रात करीब 12 बजे 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ पहले आंधी आई। जिससे खेतों में खड़ी धान व बासमती की फसल जमीन पर बिछ गई। इसके बाद करीब एक बजे एकाएक बारिश ने दस्तक दी। 

तेज बारिश के बीच करीब चार बजे ओलावृष्टि भी शुरू हो गई, जो सुबह छह बजे तक जारी रही। किसान नेता बलवंत सिंह शाहकोट ने कहा कि धान में नमी कम और खरीद एजेंसियों का नखरा ज्यादा होता है जिससे वे परेशान हैं। अब उनकी मांग है कि धान मंडी में पहुंचते ही खरीद लिया जाए ताकि वे लोग आगे की खेती में काम कर सके। धान खरीद में एजेंसी द्वारा मुश्किल पैदा करना और धान में ज्यादा नमी बताकर किसानों को तंग करने से गेहूं की बिजाई पर भी असर होगा।

दरअसल, खरीद एजेंसियां एफसीआई धान के नमूनों में 17 फीसदी नमी को स्वीकृति योग्य सीमा बताती है और जबकि पंजाब में 18 से 22 फीसदी और हरियाणा में 18.2 से 22.7 फीसदी के बीच नमी पाई गई है। अब बारिश होने से यह नमी मंडी में पड़ी धान की फसल की नमी 25 फीसदी तक हो जाएगी, जिससे खरीद नहीं हो सकेगी। पंजाब में इस साल करीब 30 लाख हेक्टेयर रकबे में धान की रोपाई की गई है। यह रकबा पिछले सीजन के मुकाबले करीब तीन लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 

रकबे में बढ़ोतरी के कारण इस बार धान की 20 से 30 लाख टन ज्यादा पैदावार होने की उम्मीद है। इस कारण धान की पैदावार 190 लाख टन से 200 लाख टन का आंकड़ा छू सकती है। अभी तक मंडियों में सिर्फ 65 लाख टन ही मंडियों में धान आ सका है। बाकि धान की फसल अभी खेतों में ही पड़ा है। अभी सरकार की खरीद प्रक्रिया चल रही है। धान की कटाई व खरीद दोनों देरी से शुरू हुए हैं और खरीद के बाद से तीन बार बारिश के कारण किसानों की फसल की कटाई में देरी होती जा रही है। किसान नेता बलवंत सिंह का कहना है कि आगे ही केंद्र सरकार ने खरीद देरी से शुरू की है दूसरा बेमौसमी बारिश से धान की फसल का नुकसान हुआ है। 
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