छत्तीसगढ़: संघ प्रमुख भागवत के प्रवास की तैयारियां तेज, मदकूद्वीप में होने वाले समारोह के लिए बुलाए गए विशेष रसोइए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेली/ रायपुर Published by: Kuldeep Singh Updated Fri, 19 Nov 2021 02:58 AM IST

सार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मदकू द्वीप में धर्मांतरण, पर्यावरण सुरक्षा और ग्राम विकास पर स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। धर्मांतरण के मुद्दे पर स्थानीय पदाधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे। उनकी भोजन व्यवस्था के लिए भाटापारा से विशेष रसोइयों को बुलाया गया है। बताया जा रहा है, भोजन में विशेष रूप से जिमिकांदा की सब्जी पकाई जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : ANI
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विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत आज छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए पहुंच गए हैं। संघ की सभी आनुषांगिक इकाईयां उसकी तैयारी में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है, मोहन भागवत मदकू द्वीप में धर्मांतरण, पर्यावरण सुरक्षा और ग्राम विकास पर स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।
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धर्मांतरण के मुद्दे पर स्थानीय पदाधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे। उनकी भोजन व्यवस्था के लिए भाटापारा से विशेष रसोइयों को बुलाया गया है। बताया जा रहा है, भोजन में विशेष रूप से जिमिकांदा की सब्जी पकाई जाएगी।


मुंगेली जिला संघचालक अशोक तिवारी ने बताया, सर संघचालक का आगमन सामाजिक समरसता का कार्यक्रम है। सभी समाज प्रमुखों और संघ के अनुशांगिक संगठनों को आमंत्रित किया गया है। मदकू द्वीप की सामाजिक महत्ता को बताने सभी समाज प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने बताया, मदकू द्वीप में आज सामूहिक भोज, निमित्त घोष वादन और सर संघचालक का उद्बोधन जैसे तीन कार्यक्रम होंगे। शिवनाथ नदी में द्वीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। संघ के पदाधिकारी वाट्सअप पर संदेश लिखकर स्वयंसेवकों को आमंत्रित कर रहे हैं। 3 बजे से निमित्त घोष प्रदर्शन के दौरान आरएसएस प्रमुख के लिए विशेष मंच तैयार किया गया है।

यह घोष वादन क्या होता है?
निमित्त घोष के दौरान 7 प्रकार के वाद्ययंत्रों आनक, शंख, झल्लरी, बंशी, प्रणव, ट्रैंगल और नागांग को खास लय-ताल में बजाया जाता है। मार्चपास्ट के साथ इस बैंड को बजाया जाता है। मदकूद्वीप में आज 3 बजे से घोष वादन होना है।

पुरातात्विक जगह है मदकूद्वीप
मुंगेली के मदकू द्वीप को पुरातत्व विभाग का संरक्षण प्राप्त हैं। यहां धूमेश्वर महादेव मंदिर, श्रीराम मंदिर, श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री गणेश मंदिर और श्री हनुमान मंदिर देखने योग्य हैं। यहां का मसीही मेला सबसे बड़ा आयोजन होता है। हर साल क्रिसमस के मौके पर यहां हजारों इसाई धर्मावलंबी मसीही मेले में जुटकर जश्न मनाते हैं।

कांग्रेस ने आरएसएस के मदकूदीप के चयन पर उठाया सवाल
यह बात सारा छत्तीसगढ़ जानता है मदकूदीप मसीही समुदाय के आकर्षक मेले के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि संघ का घोष प्रदर्शन के लिए मदकूद्वीप का चयन करना इस बात का प्रमाण है कि आरएसएस भाजपा के ही एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। 

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