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चोरी-चोरी चुपके-चुपके : कर्मचारी की दो नौकरी करने की मजबूरी और नियोक्ता का भरोसा

Narayan Krishnamurthy नारायण कृष्णमूर्ति
Updated Wed, 28 Sep 2022 07:23 AM IST
सार

महत्वपूर्ण बात यह है कि संगठन मूनलाइटिंग के नाम पर अपने प्रतिस्पर्धी संगठनों में काम करने वालों को जानकारी पाने या वहां का अपडेट लेने के लिए नियुक्त न करें। जिस संगठन में कोई काम करता है, उस संगठन की सहमति के बिना मूनलाइटिंग केवल अवैध और अनैतिक है तथा इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार

जरूरत के समय यों तो दूसरी नौकरी करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जब यह उसी उद्योग में किसी प्रतिस्पर्धी संगठन के लिए की जाए, तो ऐसा करना नियोक्ता-कर्मचारी के विश्वास के खिलाफ होगा। अजीत त्यागी दोहरी जिंदगी जीते हैं। दिन में वह सॉफ्टवेयर डेवलेपर का काम करते हैं और शाम में युवाओं को कोडिंग में प्रशिक्षित करते हैं। उनके नियोक्ता को काम के घंटों के बाद किए जाने वाले इस कार्य के बारे में पता है। 



राधिका गुप्ता एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती हैं, लेकिन समय-समय पर अपने पति की मदद भी करती हैं, जब वह प्रतिद्वंद्वी कंपनी के एक प्रोजेक्ट पर डेवलेपर का काम करते हुए फंस जाते हैं। अमन गुलाटी एक कंपनी के लिए डेवलपर के रूप में काम करते हैं, लेकिन समय-समय पर अपने पूर्व नियोक्ता के लिए भी काम करते हैं, जो एक सॉफ्टवेयर कंपनी है। सॉफ्टवेयर पेशेवरों की दुनिया में कई प्रतिभाशाली कर्मचारी अपने रोजगार से बाहर भी काम पाते हैं। 


इनमें से कुछ के लिए भुगतान किया जा सकता है और कुछ उनके लिए अपने कौशल को साबित करने, करिअर में उछाल पाने का एक तरीका हो सकता है। हाल ही में जबसे खाद्य वितरण करने वाली कंपनी जोमैटो ने अपने कर्मचारियों के लिए बाहरी काम करने को लेकर प्रोत्साहित करने वाला बयान दिया है, 'मूनलाइटिंग' शब्द चर्चा में है। मूनलाइटिंग का मूल रूप से मतलब है कि पहले से पूर्णकालिक रोजगार करने के अलावा आप दूसरी नौकरी करते हैं। तो क्या मूनलाइटिंग स्वीकार्य है? 

इसका कोई सीधा उत्तर नहीं है और यह विभिन्न उद्योगों और किसी के रोजगार अनुबंध पर निर्भर करता है। विप्रो द्वारा 300 तकनीकी विशेषज्ञों को नौकरी से बर्खास्त कर देने की घटना ने मूनलाइटिंग की बहस को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है। एक तरफ कुछ टेक कंपनियों के प्रमुख हैं, जो सोचते हैं कि यह मानव संसाधनों के उपयोग का सबसे अच्छा तरीका है, तो दूसरी तरफ अन्य लोग मानते हैं कि यह धोखाधड़ी से कुछ कम नहीं है। 

कर्मचारियों के लिए अधिक धन की तलाश करना स्वाभाविक है, विशेष रूप से जब करिअर के शुरुआती दौर में उन्हें कम पैसे मिल रहे हों। लेकिन, रोजगार अनुबंधों को देखते हुए नियमित रोजगार के बाहर काम करने की कोई गुंजाइश नहीं है, खासकर यदि बाहरी काम एक ही उद्योग और विशेषज्ञता क्षेत्र में है। विप्रो ने इसी रोजगार अनुंबध का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धी कंपनियों के साथ मूनलाइटिंग करते पाए गए कर्मचारियों को बर्खास्त करने के लिए किया। 

हालांकि कुछ ऐसे पेशे और नौकरियां हैं, जिनमें अपने औपचारिक रोजगार से बाहर उसी तरह के काम के बारे में जानते हुए प्रतिस्पर्धी संस्थाओं के लिए काम करना आम बात है। उदाहरण के लिए, एक वाद्ययंत्र वादक एक ही समय में कई संगीत निर्देशकों के लिए काम करता है। अक्सर, संगीत निर्देशक अपने प्रतिस्पर्धियों के लिए काम करने वाले वाद्ययंत्र वादकों के बारे में जानते है। यह सामान्यतः ऐसा मामला है, जहां एक विशेष प्रतिभा बेहद सीमित या अनन्य होती है। 
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फिर स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। ये रोजगार से संबंधित मामले हैं, न कि स्वतंत्र रूप से काम करने वालों के। इनमें से कुछ शिक्षक अपने नियोक्ता की जानकारी में ऐसा करते हैं और कुछ इसे छिपाते हैं। फिर कुछ ऐसे कौशल होते हैं, जैसे नेत्र सर्जन, जो विशिष्ट दिनों में अलग-अलग समय में दो-तीन अलग-अलग अस्पतालों में काम कर सकते हैं और उनके नियोक्ता इस तरह की व्यवस्था से पूरी तरह अवगत होते हैं। 

ये सभी ऐसे उदाहरण हैं, जहां कोई एक ही क्षेत्र में काम करता है, लेकिन ऐसा वे प्रतिस्पर्धी हितों या हितों के टकराव की सीमा को लांघने के लिए नहीं करते। लेकिन, इनमें से कोई भी उदाहरण किसी भी नियोक्ता से छिपाकर प्रतिस्पर्धियों के लिए काम करना या मूनलाइटिंग के दायरे में नहीं आता है। सिर्फ आईटी उद्योग में ही नहीं, कई अन्य पेशों में भी पर्याप्त प्रतिभाशाली या प्रशिक्षित लोगों के न होने की लगातार शिकायत आती है। 

यह विडंबना ही है कि उच्च बेरोजगारी दर होने के बावजूद कई क्षेत्रों से अच्छी तरह प्रशिक्षित या काम करने के लिए तैयार संसाधन नहीं मिलने की शिकायत आती है। स्वभाविक रूप से प्रतिभाशाली और सक्षम लोगों की काफी मांग है। ऐसे मामलों में मूनलाइटिंग उन संगठनों के लिए एक तरीका बन जाता है, जिनके पास प्रतिस्पर्धा के साथ काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों का अपना पूल नहीं है। यह अनुचित है, लेकिन उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई संगठन इसी रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं। 

कई योग्य, प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों ने एक कर्मचारी से सलाहकार के रूप में काम करने के लाभों को महसूस किया है। उनकी कामकाजी स्थिति में यह बदलाव उन्हें उन संगठनों के साथ काम करने की सुविधा देता है, जो उनके कौशल को पहचानते हैं और इसके लिए भुगतान करते हैं। बेशक संगठन अपनी ओर से ऐसे संसाधनों के साथ कई गोपनीय समझौतों और अनुबंध पर हस्ताक्षर करते हैं, जो उन्हें समान जरूरतों या परियोजनाओं पर प्रतिस्पर्धियों के साथ काम करने से मना कर सकता है। 

यह व्यक्ति और उनकी अंतरात्मा पर निर्भर करता है कि वे कैसे सुनिश्चित करते हैं कि दो प्रतिद्वंद्वी संस्थाओं के साथ काम करते समय वे कोई अनुचित काम नहीं कर रहे हैं। कोविड-19 के मद्देनजर मूनलाइटिंग में काफी वृद्धि हुई है, क्योंकि घर से काम करने के चलते अधिक समय बचने पर लोग ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं। तकनीकी क्षेत्र में, एक पूर्णकालिक कर्मचारी की तुलना में कम लागत पर कुशल संसाधन ढूंढना कम खर्चीला है, यही वजह है कि बहस छिड़ी है। 

महत्वपूर्ण बात यह है कि संगठन मूनलाइटिंग के नाम पर अपने प्रतिस्पर्धी संगठनों में काम करने वालों को जानकारी पाने या वहां का अपडेट लेने के लिए नियुक्त न करें। जिस संगठन में कोई काम करता है, उस संगठन की सहमति के बिना मूनलाइटिंग केवल अवैध और अनैतिक है तथा इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। नियोक्ताओं को उन कर्मचारियों की जांच करनी चाहिए, जो प्रतिस्पर्धी संगठनों के साथ काम करते हैं। ऐसे कृत्यों को हतोत्साहित करने के लिए नीतियां भी हैं।

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