IPL 2021: सीएसके से मिलती हैं पांच सीख, जो किसी भी टीम को खिताब जिताने के लिए अहम

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ओम. प्रकाश Updated Sat, 16 Oct 2021 10:06 AM IST

सार

चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2021 का फाइनल जीत लिया। खिताबी मुकाबले में सीएसके ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 27 रनों से मात दी। चेन्नई को एक बार फिर सीनियर खिलाड़ियों ने फाइनल जिताने में अहम भूमिका निभाई। 
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

इंडियन प्रीमियर लीग 2021 फाइनल मुकाबला शु्क्रवार को चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया। इस खिताबी मैच में सीएसके ने केकेआर को 27 रनों से हराकर चौथी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया। एमएस धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 192 रन बनाए। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर की टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 165 रन बना सकी। चेन्नई को मैच जिताने में फाफ डुप्लेसी, मोईन अली ऋतुराज गायकवाड़, रॉबिन उथप्पा और शार्दुल ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई। चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई इंडियंस के बाद सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम है। मुंबई ने जहां पांच बार फाइनल जीता है वहीं, चेन्नई की टीम चार बार ट्रॉफी पर कब्जा करने में सफल रही। फाइनल मुकाबले में सीएसके ने जिस तरह से केकेआर को हराया उससे पांच सीख मिलती हैं। 
विज्ञापन

अनुभव को सम्मान देना

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में सबसे ज्यादा उम्रदराज खिलाड़ी शामिल हैं। इसलिए इसे सीएसके को बूढ़ी टीम भी कहा जाता है। खुद कप्तान धोनी 40 की उम्र पार कर चुके हैं। उनके अलावा टीम में शामिल फाफ डुप्लेसी, सुरेश रैना, इमरान ताहिर, ड्वेन ब्रावो ये सभी ज्यादा उम्र के खिलाड़ी हैं। सीएसके की सफलता का सबसे बड़ा राज यह है कि टीम अनुभवी खिलाड़ियों को वरीयता देती है। यही कारण है कि सीएसके का रुतबा सबसे अलग है। 

खिलाड़ियों को पर्याप्त समय देना

एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स की दूसरी खूबी यह है कि टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को फॉर्म में वापस आऩे के लिए पर्याप्त मौका दिया जाता है। इस टीम में ऐसा नहीं होता कि अगर खिलाड़ी एक दो मैच में नहीं चला तो उसे बाहर कर दें। काफी अवसर देने के बाद अगर खिलाड़ी फ्लॉप रहता है तो उसके बाद बदलाव पर विचार किया जाता है। इस सीजन में सुरेश रैना इसका उदाहरण हैं। 

खिलाड़ियों को आजादी देना

चेन्नई सुपर किंग्स एक ऐसा दल है जिसका टीम प्रबंधन अपने खिलाड़ियों को खेलने की पूरी आजादी देता है। सीएसके की ओर से खिलाड़ियों पर कभी दबाव नहीं डाला जाता है। यह कारण है कि टीम हमेशा शानदार सफलता अर्जित करती है। 

बंद कमरे में मीटिेंग कम

सीएसके की एक और खासियत है कि बंद कमरे में मीटिंग बहुत कम होती हैं। खुद कप्तान धोनी भी कई बार कह चुके हैं कि उनके यहां टीम को लेकर मीटिेंग न के बराबर होती है। धोनी के मुताबिक हमारी मीटिंग खिलाड़ियों के साथ प्रैक्टिस के दौरान होती है। इसका मतलब यह हुआ कि जितनी कम मीटिंग उतना कम खिलाड़ियों पर दबाव। यह कारण है कि चेन्ऩई की टीम आईपीएल की दूसरे सबसे सफल टीम है। 

मैच न खेलने वाले खिलाड़ियों को पूरा सम्मान

सीएसके की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह मैच न खेलने वाले उन खिलाड़ियों का उसी तरह सम्मान करता है जो खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में होते हैं। आईपीएल के दूसरे सत्र में इमरान ताहिर समेत कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्हें मैच खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन इस दौरान उन सभी खिलाड़ियों को बराबर सम्मान दिया गया। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00