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Exclusive: उत्तराखंड में हाथी से जंगल सफारी की संभावनाएं एक्सपर्ट कमेटी करेगी तय, दिसंबर तक जारी होगी रिपोर्ट

निशांत खनी, माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 30 Nov 2022 02:32 PM IST
सार

कमेटी सदस्य अलग-अलग पहलुओं पर हाथी से जंगल सफारी की संभावनाओं पर सरकार को रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट से ही भविष्य में उत्तराखंड में राजाजी और जिम कार्बेट में हाथियों से जंगल सफारी का रास्ता खुल सकता है।

हाथी
हाथी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तराखंड में हाथी से जंगल सफारी की संभावनाएं एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट से तय होगी। प्रदेश सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हाथी से जंगल सफारी शुरू करवाने की योजना तैयार कर रही है। इसके लिए राजाजी के निदेशक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एक्सपर्ट टीम गठित की गई है।


टीम दिसंबर पहले हफ्ते तक हाथी से जंगल सफारी की संभावनाओं को लेकर सरकार को रिपोर्ट सौंप देगी। हरिद्वार का चीला और मोतीचूर रेंज हाथी की सफारी के लिए सबसे मुफीद है। हाथी विशालकाय होने के साथ सबसे समझदार जानवर है। कई राज्यों में हाथी की सफारी होती है। उत्तराखंड में हाथी की सफारी पर रोक है।


उत्तराखंड में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए-नए विकल्पों पर मंथन कर रही है। हाथी की सफारी भी इन्हीं में शामिल है। राजाजी पार्क और जिम कार्बेट पार्क ईको टूरिज्म के सबसे बड़े सेंटर हैं। सालाना हजारों देशी और विदेशी सैलानी पार्कों में जिप्सी से जंगल सफारी करते हैं। जंगली जानवरों, नदी, झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हैं।

बाड़े के हाथियों से पर्यटकों की जंगल सफारी
राजाजी टाइगर रिजर्व हाथियों, तेंदुओं, टाइगर, भालू, बारहसिंघा समेत अन्य जंगली जानवरों का गढ़ है। पार्क प्रशासन का चीला में हाथी बाड़ा भी बना है। बाड़े में छह वयस्क हाथी हैं। हाथी महावतों की ओर से प्रशिक्षित हैं। वन विभाग इन्हीं से जंगलों के उबड़-खाबड़ कच्चे रास्तों में गश्त करता है। गश्त भी बरसात सीजन में होती है। बाकी महीनों में हाथी बाड़े में रहते हैं। बाड़े के हाथियों से पर्यटकों की जंगल सफारी हो सकती है। इससे ईको टूरिज्म और सरकार की आमदनी बढ़ सकती है।

कमेटी गठित
सरकार ने राजाजी पार्क निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में जिम कार्बेट पार्क के उप निदेशक, वन संरक्षक पश्चिम सर्किल कुमाऊं, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, वर्ल्ड वाइल्ड फंड, पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार और पशु चिकित्साधिकारी राजाजी पार्क को सदस्य नामित हैं। कमेटी सदस्य अलग-अलग पहलुओं पर हाथी से जंगल सफारी की संभावनाओं पर सरकार को रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट से ही भविष्य में उत्तराखंड में राजाजी और जिम कार्बेट में हाथियों से जंगल सफारी का रास्ता खुल सकता है।

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- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हाथी की सफारी मील का पत्थर साबित हो सकती है। इन्हीं संभावनाओं को तलाशने के लिए कमेटी बनी है। कमेटी सदस्य दिसंबर में सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। - डॉ. राकेश नौटियाल, पशु चिकित्साधिकारी राजाजी पार्क
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