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वन तस्करों की गोली का शिकार हुआ था हाथी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुग्गावाला (रुड़की) Updated Fri, 09 Nov 2018 08:04 PM IST
elephant died
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आखिर वही हुआ जिसकी आशंका थी, हजारा वन चौकी के पास बृहस्पतिवार सुबह मृत मिला हाथी वन तस्करों की गोली का शिकार हुआ था। पोस्टमार्टम में हाथी के बाएं पैर के ऊपर गोली फंसी मिली है। इसके बाद वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गोली मारकर हाथी को मौत के घाट उतारने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, हाथी को गोली मारने की बात सामने आने के बाद हरिद्वार से देहरादून तक वन विभाग में खलबली मच गई है। घटना के बाद क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इस बात से सुकून महसूस कर रहे हैं कि हाथी के दांत तस्करों के हाथ नहीं लगे।
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दिवाली की रात खानपुर रेंज के सामाजिक वानिकी क्षेत्र के हजारा वन चौकी के पास एक नर हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह हजारा वन चौकी से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर वनकर्मियों को गश्त के दौरान हाथी मृत मिला था। संदिग्ध परिस्थितियों में हाथी की मौत के बाद वन विभाग और राजाजी टाईगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप मच गया था। आननफानन में विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और हाथी का पोस्टमार्टम कराया।

हालांकि, पहले अधिकारी बीमारी के कारण हाथी की मौत होना बता रहे थे, लेकिन शुक्रवार को जब वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने मामले की संयुक्त जांच की तो हाथी के बाएं पैर के ऊपर एक गोली फंसी मिली है। एसडीओ एनबी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट दो दिन बाद आएगी। अभी हाथी के शरीर में गोली मिली है। इसके बाद टीम मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस दौरान बेरीवाड़ा रेंज के रेंजर विजय कुमार सैनी, खानपुर रेंजर मुकेश कुमार, रुड़की के रेंजर मयंक गर्ग और अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे।

अलर्ट के बावजूद लापरवाही 
दिवाली के दिन वन तस्करों की ओर से हाथी को मार गिराने के बाद खानपुर रेंज में तैनात वनकर्मियों की बुधवार (दिवाली के दिन) को दिन और रात की उपस्थिति के साथ ही गश्त पर भी सवाल उठ रहे हैं। वह भी तब, जबकि वन विभाग के मुख्यालय से दिवाली के दिन अलर्ट रहने को कहा गया था। भले ही खानपुर रेंजर मुकेश कुमार वन कर्मियों की शत प्रतिशत उपस्थिति और गश्त का दावा कर रहे हैं, लेकिन हाथी की मौत के प्रकरण में रेंज में तैनात वनकर्मियों की उपस्थिति की भी जांच जरूरी है। बता दें कि देहरादून वन प्रभाग के थानो रेंज में बीते 16 सितंबर को हाथी का शव मिला था। जब वन कर्मी मौके पर पहुंचे तो हाथी के दांत भी गायब थे। वन विभाग की ओर से गहनता से जांच कराई गई तो वन दारोगा ड्यूटी से गायब मिले थे। मामले में वन संरक्षक ने वन दारोगा समेत दो वनकर्मियों को निलंबित कर दिया था। 

अमर उजाला ने पहले ही उठाए थे सवाल 
अमर उजाला ने शुक्रवार पहले दिन ही हाथी की मौत में वन तस्करों का हाथ होने की आशंका जताई थी। जिस तरह दिवाली के अगले दिन हाथी मृत मिला, उससे वन तस्करों के सक्रिय होने और वनकर्मियों की गश्त पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा जिस स्थान पर हाथी का शव मिला वह राजाजी टाइगर रिजर्व के बेरीवाड़ा रेंज की सेंधली बीट चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है।

रेंज में दिवाली के दिन सेक्शन ऑफिसर, डिप्टी रेंजर सहित सभी वनकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त कर रहे थे। वन तस्करों ने पता नहीं कहां और कैसे घटना को अंजाम दिया।
- मुकेश कुमार, रेंजर, खानपुर रेंज 

बेरीवाड़ा रेंज का क्षेत्रफल काफी विस्तृत है। हाथी को गोली मारने की घटना के बाद रेंज में गश्त बढ़ा दी गई है।   
- विजय सैनी, रेंजर बेरीवाड़ा, राजाजी टाईगर रिजर्व

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