Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun ›   More than 33 thousand ineligible ration card holders, Income tax payers including teachers, banks and military personnel included

Ration Card: 33 हजार से अधिक लोग वर्षों से खा रहे गरीबों का राशन, रिपोर्ट में सामने आए इन नामों ने विभाग को भी चौंकाया

बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 22 May 2022 03:05 PM IST
सार

विभाग की ओर से अपात्र राशन कार्ड धारकों के  खिलाफ पूरे राज्यभर में ‘अपात्र को न, पात्र को हां’ अभियान शुरू किया गया। अभियान के तहत अब तक जिस तरह के मामले सामने आए हैं वह चौंका देने वाले हैं। शनिवार तक 8312 परिवारों के कार्ड सरेंडर हुए हैं।

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विस्तार

प्रदेश में सरकारी राशन की दुकानों से गरीबों को मुफ्त एवं बहुत कम कीमत पर मिलने वाले राशन को 33 हजार से अधिक लोग अपात्र होते हुए भी वर्षों से खा रहे थे। हैरानी की बात यह है कि इसमें शिक्षक, बैंक और सैन्यकर्मी, अच्छा खासा व्यवसाय करने वाले और पांच लाख या इससे भी अधिक की वार्षिक आय वाले आयकरदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है।



प्रदेश में राशन कार्ड में गड़बड़ी की विभाग को पिछले काफी समय से शिकायत मिलती रही हैं। अमर उजाला ने पांच मई 2022 के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद विभाग की ओर से इस तरह के लोगों खिलाफ पूरे राज्यभर में ‘अपात्र को न, पात्र को हां’ अभियान शुरू किया गया।


विभाग की ओर से चलाए गए अभियान के तहत अब तक जिस तरह के मामले सामने आए हैं वह चौंका देने वाले हैं। विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच लाख से अधिक की वार्षिक आय वाले 825 आयकरदाता भी सरकारी राशन की दुकानों से सस्ता राशन लेते मिले हैं। जिसमें सबसे अधिक 217 परिवारों के 868 लोग नैनीताल जिले के हैं, जबकि दूसरे नंबर पर पिथौरागढ़ जिला है। इस जिले के पांच लाख या इससे अधिक की वार्षिक आय वाले 192 परिवार अपने कार्ड सरेंडर कर चुके हैं।

देहरादून में 187, टिहरी गढ़वाल में 81, हरिद्वार में 19, अल्मोड़ा में 33 सहित विभिन्न जिलों के कई आयकरदाताओं ने अपने राशन कार्ड सरेंडर किए हैं जबकि अंत्योदय के 491 और प्राथमिक परिवारों के 6996 राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जो लोग गलत तरीके से राशन ले रहे थे उसमें सभी तरह के नौकरी पेशा और विभिन्न व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल हैं। अभियान के तहत शनिवार तक 8312 परिवारों के कार्ड सरेंडर हुए हैं।

50 से अधिक पर हो सकता है मुकदमा या रिकवरी 

विभाग को टोल फ्री नंबर पर 50 से अधिक ऐसे लोगों की शिकायत मिली है जो अपात्र होने के बावजूद गरीबों को मिलने वाला राशन ले रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 31 मई तक इन लोगों ने राशनकार्ड सरेंडर न किया तो संबंधित के खिलाफ मुकदमे एवं रिकवरी की कार्रवाई हो सकती है।  

सरकार इस मामले में गंभीर है, किसी भी अपात्र व्यक्ति को गरीबों को मिलने वाला राशन नहीं खाने दिया जाएगा। गरीबों के साथ न्याय हो इसे सुनिश्चित किया जाएगा। 
- रेखा आर्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

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