Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun ›   Ticket politics hots up in BJP and Congress from Delhi to Dehradun

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव : भाजपा और कांग्रेस में दिल्ली से देहरादून तक टिकट की सियासत गर्म

अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 17 Jan 2022 02:08 AM IST

सार

भाजपा के नेता सभी 70 सीटों के पैनलों की लिस्ट लेकर दिल्ली पहुंचे, बैठकों का दौर जारी। कांग्रेस ने भी दावेदारों की सूची बनाकर दिल्ली भेजी, देर रात तक हुई बैठक, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नहीं हो पाई। सूची जारी करने को लेकर पहले आप-पहले आप के हालात। 
demo pic...
demo pic... - फोटो : SELF
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के टिकटों को लेकर रविवार को दिल्ली से देहरादून तक सियासी माहौल गरम हो गया। भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों की सूची आलाकमान को भेज चुके हैं। दिल्ली में रविवार को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की बैठकों का दौर देर रात तक जारी था। हालांकि रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नहीं हो पाई।

विज्ञापन


भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में तय हुए पैनलों की सूची लेकर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री रविवार को दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली में केंद्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, बीएल संतोष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई। बताया जा रहा है कि भाजपा में करीब 50 सीटों पर तो प्रत्याशियों को लेकर सहमति बन चुकी है। 20 सीटें ऐसी हैं, जिन पर ऊहापोह की स्थिति है।


लिहाजा, दिल्ली में होने वाली भाजपा की रविवार की बैठक में भी इन्हीं सीटों पर खास फोकस रहा। अब भाजपा केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक 19 जनवरी को होनी है, जिसमें प्रत्याशी तय होने की उम्मीद है। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि 20 जनवरी तक भाजपा के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी हो जाएगी।

कांग्रेस के प्रत्याशियों पर दिल्ली में मंथन शुरू
कांग्रेस ने भी सभी सीटों के लिए पैनल की सूची आलाकमान के पास पहुंचा दी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में भी करीब 20 से 22 सीटें ऐसी हैं, जिन पर निर्णय लेने में माथापच्ची करनी पड़ रही है। रविवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी थी लेकिन रद्द हो गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में ही आपस में इन सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर चर्चा की है। सोमवार को पार्टी की स्क्र्तीनिंग कमेटी की बैठक होगी, जिसके बाद मंगलवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने की उम्मीद है। बहरहाल, कांग्रेस में भी अभी टिकटों के लिए दो से तीन दिन का इंतजार जारी रहेगा।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में बीजेपी-कांग्रेस
चुनाव में प्रत्याशियों की सूची पर बगावत के सुर हावी नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां भाजपा से कई विधायकों के टिकट कटने की चर्चा है तो दूसरी ओर कांग्रेस में भी कई सीटों पर दावेदारों को टिकट न मिलने पर बगावत की आशंका है। लिहाजा, दोनों ही दल अपनी पहली सूची जारी करने को लेकर पहले आप-पहले आप की स्थिति में हैं ताकि बगावत को भुनाया जा सके।

दावेदारों की भी दिल्ली दौड़
भाजपा, कांग्रेस के नेताओं के साथ ही कई दावेदार भी दिल्ली रवाना हो चुके हैं। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, उमेश शर्मा काऊ भी दिल्ली में हैं। कांग्रेस के कई दावेदार भी पार्टी मुख्यालय पहुंच चुके हैं।

दिल्ली में पहले केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक में पैनल पर चर्चा होगी। इसके बाद केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में प्रत्याशियों के नाम तय होंगे। किसे कहां से प्रत्याशी बनाया जाएगा, यह कहना मुश्किल है।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

हमारी स्क्र्तीनिंग कमेटी की बैठक आज हुई है। सोमवार को दोबारा होगी। इसके बाद मंगलवार को स्क्र्तीनिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपेगी।
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा फिलहाल तीन-चार दिन और टल गई है। नेतृत्व ने उत्तराखंड की सभी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार एक साथ उतारने का फैसला किया है। करीब 50 सीटों पर उम्मीदवारी लगभग तय हो गई है। अभी भी 18 फंसी हुईं सीट जहां दावेदारों के बीच घमासान है और फैसला केंद्रीय नेतृत्व को ही लेना है।

केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को फिर उत्तराखंड के उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची की। उम्मीद की जा रही थी कि पार्टी करीब 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देगी। राज्य के नेता भी चाह रहे थे कि पहली लिस्ट जारी कर दी जाए। जबकि सीईसी ने सभी 70 नामों की घोषणा एक साथ करने की बात कही है।

पार्टी की ओर से अभी हरीश रावत को भी हरी झंडी नहीं मिली है। विवाद में उलझे किशोर उपाध्याय पर भी नेतृत्व को निर्णय लेना है। सूत्रों के मुताबिक गढ़वाल की आठ और कुमाऊं की दस सीटों पर अभी कांटे की टक्कर है लिहाजा केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा गया है। वहीं सूची घोषित न किए जाने का एक कारण भाजपा की सूची भी मानी जा रही है ताकि उनके राजनीतिक पत्ते भी पता चल सके।

 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00