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उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम से लौटे गुजरात के यात्री की हार्ट अटैक से मौत, सातवें दिन खुला मलारी हाईवे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 25 Oct 2021 07:30 PM IST

सार

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक आज मौसम साफ बना रहेगा। लेकिन आने वाले दिनों में पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। 
यमुनोत्री धाम की चोटियों पर जमी बर्फ
यमुनोत्री धाम की चोटियों पर जमी बर्फ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तराखंड में रविवार शाम को बदले मौसम के बाद प्रदेशभर में ठंड बढ़ गई है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। सोमवार सुबह धूप खिली तो ठंड से कुछ राहत मिली। हालांकि मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर सुबह की शुरुआत हल्के कोहरे के साथ हुई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप निकल गई। वहीं, चाधाम यात्रा सुचारू है।

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वहीं, उत्तरकाशी में गुजरात के एक यात्री की हार्ट अटैक से मौत हो गई। यात्री शहर के एक होटल में ठहरा हुआ था। कोतवाल राजीव रतूड़ी ने बताया कि गुजरात के हरिहर निवासी बसंत लाल परिवार के साथ यमुनोत्री की यात्रा कर लौटे थे। काशी विश्वनाथ सेवा मंडली ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी आदि की व्यवस्था की। यात्री का अंतिम संस्कार केदार घाट पर किया गया। 




केदारनाथ में बर्फबारी, हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित
केदारनाथ धाम में रविवार देर शाम जमकर बर्फबारी हुई। वहीं, रात भी बर्फबारी हुई तो सुबह धाम बर्फ से सराबोर नजर आया। हालांकि सुबह से मौसम सामान्य बना हुआ है। सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए निरंतर यात्री भेजे जा रहे हैं। हेलीपैड सहित यात्रा मार्ग पर हल्की बर्फ जमी है। रास्तों व हैलीपेड से बर्फ हटाई जा रही है। जिससे हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हो गई है।

साढ़े तीन घंटे बाद खुला यमुनोत्री हाईवे
यमुनोत्री हाईवे कुथनौर के पास मलबा व बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया था। स्थानीय लोग व तीर्थयात्री फंसे हुए थे। सोमवार को हाईवे चौड़ीकरण के दौरान अपराह्न 3 बजे कुथनौर के पास चट्टानी मलबा व बोल्डर आ गया। इसे करीब साढ़े तीन घंटे बाद खोल दिया गया। भाजपा के संदीप राणा व अनिल कुमार ने निर्माण एजेंसी पर बेतरतीब सड़क चौड़ीकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे यहां आए-दिन हाईवे बाधित रहने से स्थानीय लोगों के साथ चारधाम यात्रा पर आए लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इधर, एनएच के ईई राजेश पंत ने कहा कि हाईवे को खोलने के लिए दोनों तरफ से मशीनें लगाई गई हैं। जल्द आवाजाही बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सातवें दिन खुला मलारी हाईवे 

मलारी हाईवे पर सातवें दिन वाहनों की आवाजाही सुचारू हो गई है। 17 अक्तूबर की रात से भारी बारिश के कारण हाईवे कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से रविवार रात को भापकुंड के पास आए बोल्डर और मलबे को हटाकर हाईवे को सुचारू कर दिया गया है। हाईवे खुलने पर नीती घाटी के ग्रामीणों और सीमा क्षेत्र में मुस्तैद सेना व आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली है। 

तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाला मलारी हाईवे अतिवृष्टि के कारण तपोवन से लेकर जुम्मा तक करीब 18 स्थानों पर अवरुद्ध हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से हाईवे को खोलने के लिए 15 जेसीबी और 200 से अधिक मजदूरों को लगाया गया था। तमक नाला और रैणी गांव के पास हाईवे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। हाईवे को सुचारू  करने के लिए बीआरओ की ओर से हिल कटिंग की गई है। बीआरओ के कमान अधिकारी कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे को पूरी तरह से सुचारू  कर दिया गया है। 19 अक्तूबर को मौसम सामान्य होने के बाद हाईवे को खोलने का काम शुरू हुआ था। 

निचले क्षेत्रों को लौटने लगे नीती घाटी के ग्रामीण 
भारत-तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र के गांवों के लोग अपने शीतकालीन प्रवास की ओर लौटने लगे हैं। घाटी में भोटिया जनजाति के ग्रामीण निवास करते हैं। ग्रामीण प्रतिवर्ष 20 अक्तूबर से निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लग जाते थे लेकिन इस बार हाईवे अवरुद्ध होने के कारण लौट नहीं पा रहे थे। रविवार रात को हाईवे सुचारू होने के बाद सोमवार से ग्रामीणों का शीतकालीन प्रवास की ओर लौटना शुरू हो गया है। नीती गांव के मां भगवती के पुजारी बृजमोहन खाती, वचन सिंह खाती का कहना है कि घाटी का प्रसिद्ध लास्पा मेला संपन्न होने के बाद अब ग्रामीण अपने शीतकालीन प्रवास की ओर लौटना शुरू हो गए हैं। बांपा गांव के धर्मेंद्र पाल, मनोज पाल, धीरेंद्र सिंह गरोड़िया व प्रेम सिंह फोनिया का कहना है कि मलारी हाईवे के बंद होने के चलते वे निचले क्षेत्रों में लौट नहीं पा रहे थे।

5122 तीर्थयात्रियों ने किए बदरीनाथ धाम के दर्शन 
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम में इन दिनों तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है। सोमवार को 5122 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। दिनभर धाम में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बनी रही। माणा गांव में इन दिनों नवनिर्मित सरस्वती मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिभाग करने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों भक्त पहुंच रहे हैं। भक्तगण बदरीनाथ धाम के दर्शनों के बाद माणा गांव पहुंच रहे हैं। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश-बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में ठंड में भी इजाफा हो गया है। संवाद
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