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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

Digital Edition

बिल्डर ने सुसाइड नोट में लिखा: 'मैं धर्मेंद्र अपनी जिंदगी को खत्म कर रहा हूं', वो मुझे बहुत टॉर्चर कर रहे हैं, मेरी पत्नी और बच्चों को...

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद में सूदखोरों की धमकी से तंग आकर डीएलएफ कॉलोनी में बिल्डर धर्मेंद्र कुमार ( 46) ने मंगलवार दोपहर पंखे से लटकर जान दे दी। सात पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, दो सूदखोर धमकी दे रहे हैं, तेरी पत्नी को झूठे केस में फंसा देंगे और बच्चों की हत्या करा देंगे। उनसे तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। 10 फीसदी की दर से सूद ले रहे थे। कर्ज चुकाने में देरी हो गई तो दबाव बनाने लगे। मूलरूप से मेरठ के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार डीएलएफ कॉलोनी ए ब्लॉक में 2 साल से पत्नी मोनिका और बेटे लक्की के साथ तीन मंजिला मकान रहते थे। ऊपर की दो मंजिलें किराये पर दे रखी थीं। धर्मेंद्र का बड़ा बेटा फरीदाबाद में एयर टिकटिंग का का कोर्स कर रहा है। धर्मेंद्र कई दिन से तनाव में थे। खुदकुशी के वक्त  घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ... और पढ़ें
Builder commits suicide Builder commits suicide

जुड़वा की मौत: दोनों भाइयों के फोन में मिले कई एक्शन गेम्स, प्ले स्टोर-यूट्यूब की हिस्ट्री से सुराग ढूंढ रही पुलिस

Ghaziabad News: गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड कारनेसिया सोसायेटी में शनिवार रात 25वीं मंजिल से गिरकर जुड़वां भाइयों सत्य नारायण और सूर्य नारायण की मौत के मामले में पुलिस चार दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दोनों भाई रोमांचक खेल खेलने के शौकीन थे। दोनों के मोबाइलों की सर्च हिस्ट्री खंगालने के दौरान पुलिस को यह पता चला है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या और हादसे की दिशा में जांच जारी है। सोमवार सुबह दोनों भाइयों के अंतिम संस्कार के बाद देर शाम एसपी सिटी निपुण अग्रवाल सीओ व एसएचओ ने पीड़ित परिवार से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों भाइयों की किताबों को खंगालने के बाद पुलिस ने सर्च हिस्ट्री खंगालने के लिए उनके मोबाइल कब्जे में लिए थे। बुधवार को साइबर सेल ने मोबाइलों को खंगालना शुरू किया। सबसे पहले इंटरनेट की सर्च हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि दोनों भाई ऑनलाइन गेम खेलने के शौकीन थे। दोनों ने सर्वाधिक उन गेम को सर्च किया, जिनमें रोमांच भरा था। ... और पढ़ें

ब्रह्मजीत गुर्जर हत्याकांड: कॉल डिटेल ने कराया भाटी और स्वाति को बरी, 37 गवाहों और 64 तारीखों के बाद आया फैसला

साल 1999 में फरीदाबाद में हुए बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी ब्रह्मजीत को साल 2004 में जिला अदालत ने उसके साथ तीन अन्य साथियों के साथ फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की सुनवाई दोबारा हुई, जिसमें अदालत ने उसे बरी कर दिया था। 

 उस घटना के बाद से ब्रह्मजीत अपनी मौत से दोबारा चर्चा में आ गया। गांव बुढ़ैना निवासी ब्रह्मजीत  का नाम आज भी गांव के लोग भूले नहीं हैं। 27 फरवरी 2018 को ब्रह्मजीत  सेक्टर-11 मिलन वाटिका के सामने से लापता हुआ था। वाटिका के पास लगे सीसीटीवी में वह लाल रंग की ब्रेजा कार में बैठकर जाता दिखा था। 

परिजनों के मुताबिक वह कार राजीव की थी। पुलिस की जांच के मुताबिक ब्रह्मजीत की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के बाद कार को जयपुर राजस्थान में ले जाकर जला दिया। जांच में दावा किया गया कि जिस पिस्तौल से उसे गोली मारी गई वह आगरा नहर में फेंक दी गई थी। शिकायत के बाद ब्रह्मजीत को ढूंढने के लिए मामले की जांच मिसिंग सेल को सौंपी गई। तत्कालीन मिसिंग सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र रावल मामले की जांच में जुटे हुए थे।

37 गवाह और 64 तारीखों के बाद आया फैसला
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रशांत यादव ने बताया कि इस केस में कुल 37 लोगों की गवाही कराई गई। जिसमें एफएसएल की रिपोर्ट और जांच टीम की कॉल डिटेल काफी अहम साबित हुए। उन्होंने बताया कि कुल 64 तारीखों में उन्होंने जो तथ्य पेश किए उनमें पुलिस की कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक शव मिलने से पहले ही पुलिस घटना स्थल पर आ चुकी थी।
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बुलंदशहर : बेटी की गवाही पर पिता को उम्रकैद, अदालत ने कहा- दोषी ने की परिवार के विश्वास की हत्या

फावड़े से ताबड़तोड़ प्रहार कर पत्नी की हत्या करने वाले पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्त मनोज कुमार ने अपनी 13 साल की बेटी के सामने जिस तरह से पत्नी की हत्या की, वह दर्शाता है कि उसने परिवार के विश्वास की हत्या की है। मां के सबसे करीब बच्ची ही होती है। उसी के सामने हत्या की वारदात को अंजाम देना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। 

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि स्याना कोतवाली क्षेत्र के गांव हरवानपुर में 13 अक्तूबर 2016 को ममता की उसके पति मनोज कुमार ने फावड़े से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी थी। एडीजे 12 विनीता विमल के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। 

पिता के खिलाफ बेटी प्राची की गवाही सबसे अहम रही। अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति मनोज को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा मनोज को भुगतनी पड़ेगी। 

ममता के पिता महेंद्र सिंह उर्फ मामचंद्र ने 14 अक्तूबर को थाना स्याना पर तहरीर देकर बताया था कि बेटी ममता की शादी करीब 16 वर्ष पूर्व स्याना के गांव हरवानपुर निवासी मनोज के साथ की थी। शादी के बाद से ही आरोपी ससुरालीजन उसका उत्पीड़न कर रहे थे। शादी के तीन वर्ष बाद उसने एक पुत्री को भी जन्म दिया था। शादी के दस साल बाद आरोपी पति ने ममता को जलाकर मारने की भी कोशिश की थी। 

इससे ममता के चेहरे व गर्दन आदि पर निशान पड़ गए थे। पुलिस में मामला ले जाने पर समझौता कर लिया था। इसके बाद कुछ दिन तक मनोज ठीक रहा। 13 अक्तूबर 2016 को ममता की हत्या कर दी। उन्होंने आरोपी पति मनोज समेत अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। 


बेटी ने कहा, मेरे सामने ही हुई हत्या 
हत्या की एकमात्र चश्मदीद बेटी प्राची थी। उस वक्त उसकी उम्र 13 वर्ष की थी। बेटी प्राची की गवाही पर ही अन्य आरोपियों को पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। उसने बताया था कि उसके पिता ने उसके सामने ही मां की हत्या की। अन्य परिजनों का उसमें कोई हाथ नहीं था। इसके बाद पुलिस ने केवल मनोज के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अदालत में भी प्राची की गवाही ही अहम साबित हुई।
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गुरुग्राम: एटीएम कार्ड बदलकर 30 हजार की ठगी, छानबीन में जुटी पुलिस

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गुरुग्राम में एटीएम से रुपये निकालने गए फौजी के पिता से ठगी का मामला सामने आया है। रुपये निकालने में मदद करने के बहाने अज्ञात ठग ने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। फिर खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। बुजुर्ग की शिकायत पर फर्रुखनगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की छानबीन के दौरान बैंक प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज मांगा है।

पुलिस के अनुसार गांव सैदपुर निवासी अजीत सिंह का कहना है कि उनका बेटा सतीश सीआरपीएफ में जवान है और फिलहाल असम में तैनात है। बेटे के दूर होने के चलते वह बहू को घर खर्च के लिए रुपये लेने एटीएम पर गए थे।

फर्रुखनगर स्थित केनरा बैंक के एटीएम पर गए तो वहां रुपये नहीं निकल रहे थे। तभी अंजान व्यक्ति पीछे से आकर बोला कि अंकल मैं आपकी मदद करता हूं। लेकिन उसके मदद करने पर भी रुपये नहीं निकला। युवक ने एटीएम कार्ड वापस दिया और शिकायतकर्ता घर आ गया।

बाद में मोबाइल पर मैसेज आने पर पता चला कि खाते से 30 हजार रुपये निकल गए हैं। 10-10 हजार रुपये की तीन ट्रांजेक्शन में यह ठगी हुई। एटीएम कार्ड चेक किया तो पाया कि वो किसी अन्य का था। तब शिकायतकर्ता को अहसास हुआ कि ठग ने मदद के बहाने कार्ड बदल दिया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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Delhi Pollution: नियम मानो या भुगतो चालान, 12 दिनों में 286 निर्माण एजेसियों पर चला डंडा, 90 लाख का जुर्माना

राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए दिल्ली सरकार ने निर्माण एजेसियों को चेतावनी दी है कि वह मानदड़ों का पालन करते हुए विकास कार्य करें। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) की टीमों ने अभी तक 1105 निर्माण स्थलों का दौरा किया है। 286 स्थलों पर अनियमितता मिलने पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। गोपाल राय के मुताबिक, डीपीसीसी से हर दिन कार्रवाई रिपोर्ट तलब की जा रही है। जरूरत पड़ने पर सख्ती की जाएगी।

इससे पहले दिल्ली सरकार ने धूल के खिलाफ सात अक्तूबर से अभियान चला रही है। इसमें निर्माण स्थलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एजेसियों को इंतजाम करना है कि निर्माण स्थलों पर धूल न उड़ने पाए। नियमों को पालन सुनिश्चित करवाने के लिए दिल्ली सरकार की टीमें निर्माण स्थलों का दौरा कर रही हैं। अभी तक 1,105 निर्माण स्थलों की निगरानी की गई। इसमें से मानदंडों को तोड़ने पर 286 निर्माण स्थलों पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

रोजाना रिपोर्ट तलब
गोपाल राय के मुताबिक, दिल्ली के लोगों की सांसों पर वायु प्रदूषण का जो संकट आने की संभावना है, उससे उन्हें बचाने के लिए एंटी डस्ट अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसियां निर्माण कार्यों से जुड़ी सभी एजेसियों को निर्देश दिया गया है कि नियम से काम करें। इसके लिए सघन निगरानी चल रही है। सभी टीमों से हर दिन की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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दिल्ली: एनआरआई के खाते में 420 पार्टी लगा रही थी सेंध, एचडीएफसी के तीन कर्मचारी समेत 12 गिरफ्तार

अमेरिका में मौजूद एक एनआरआई के बैंक खाते में भारत में मौजूद 420 पार्टी ने सेंध लगाने का प्रयास किया। लेकिन बैंक अधिकारियों को इसकी भनक लग गई। फौरन मामले की शिकायत स्पेशल सेल के साइबर क्राइम यूनिट से की गई। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि एचडीएफसी बैंक के तीन कर्मचारियों की मिली भगत से इस वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया गया है। बैंक कर्मचारियों को मोटी रकम देने का झांसा दिया गया था। 

पुलिस ने मामले में तीन बैंक कर्मचारियों समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक खाते की लेनदेन बंद थी। बैंक कर्मचारियों ने उसे हटवाकर खाते की केवाईसी करा दी। इसके अलावा उस खाते की एक चेक बुक भी जारी करवा ली। 66 बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिये खाते में सेंध लगाने का प्रयास हुआ। वहीं पांच-छह बार चेक पर फर्जी साइन कर उससे भी प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी कामयाब नहीं हुए।

बैंक अधिकारियों को लग गई भनक
साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि पिछले दिनों एचडीएफसी बैंक ने एक शिकायत की थी। बैंक अधिकारियों ने बताया कि उनके बैंक में एक एनआरआई का खाता है, जो अमेरिका में रहते हैं। खाते में मोटी रकम जमा है। खाता धारक की ओर से उसकी लेनदेन बंद की हुई है। पिछले दिनों बैंक अधिकारियों को पता चला कि कुछ लोग खाते में सेंध लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इन लोगों ने अलग-अलग जगहों से करीब 66 बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इसके अलावा आरोपियों ने खाता धारक के चेक से भी पांच-छह बार रकम निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसमें भी आरोपी कामयाब नहीं हो पाए।

आरोपी में एक महिला कर्मचारी भी शामिल
शिकायत मिलते ही फौरन मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। टेक्नीकल व ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिये टीम ने दिल्ली, यूपी और हरियाणा के 20 अलग -अलग स्थानों से कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों में एचडीएफसी बैंक के तीन कर्मचारी भी शामिल हैं, इनमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। 
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी आर. जायसवाल (31), जी शर्मा (30), ग्रेटर नोएडा निवासी ए कुमार (35), हापड़ निवासी ए. तोमर (26), गाजियाबाद निवासी एच यादव (30), बुलंदशहर निवासी एसएल सिंह (41), गुरुग्राम निवासी एस तंवर (34), झांसा, यूपी निवासी एनके जाटव (33), बागपत निवासी एस सिंह (40), राय बरेली, यूपी निवासी डी चौरसिया (27), गोंडा, यूपी निवासी ए सिंह (29) व एक महिला के रूप में हुई है। डी चौरसिया, ए सिंह और महिला बैंक के कर्मचारी हैं। पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर वारदात में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।

बैंक कर्मियों को लालच देकर हो रहा था गड़बड़ झाला
आर जायसवाल, जी शर्मा और ए सिंघल व अन्य को किसी तरह पता चल गया एचडीएफसी बैंक में एक एनआरआई के खाते में मोटी रकम है। खाते की लेनदेन उसके मालिक ने बंद करवा रखी है। किसी तरह लेनदेन को चालू करवाकर उसमें सेंध लगाई जा सकती है। खाते से यदि मोटी रकम निकाल भी ली जाएगी तो खाता मालिक को शायद पता नहीं चलेगा। इसके योजना के तहत आरोपियों ने बैंक की महिला कर्मचारी, डी चौरसिया और ए सिंह को राजी किया। 

10-10 लाख रुपये का झांसा
आरोपियों ने पहले खाते की एक चेक बुक जारी करवाई। इसके बाद खाते ही लेनदेन को चालू करवाया गया। खाते की केवाईसी करवा दी गई। उसमें एनआरआई अमेरिकी खाता धारक के मोबाइल नंबर की जगह एक भारतीय नंबर को जोड़ दिया गया, जिसमें सिर्फ देश का कोड ही अलग था, बाकी नंबर एक जैसा था। इसके बाद आरोपियों ने खाते में सेंध लगाने का प्रयास किया। आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को 10-10 लाख रुपये और बैंक से संबंधित मोटा कारोबारी दिलवाने का झांसा दिया था।
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दिल्ली: सेना में खुद को मेजर बताने वाले दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार, शादी का दिया था झांसा  

उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक वैवाहिक वेबसाइट पर भारतीय सेना में खुद को एक मेजर बताने वाले आरोपी को दुष्कर्म के आरोप में अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया। महिला ने उस पर शादी के वादे पर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी दीपक सेना में काम नहीं कर रहा था और उसने प्रथम दृष्टया पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाने के लिए उससे झूठ बोल कर ठगा है। अदालत ने कहा तत्काल मामले की परिस्थितियों की समग्रता को ध्यान में रखते हुए कि आरोपी भारतीय सेना में मेजर के रूप में काम नहीं कर रहा था ऐसे में उसे अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है। ऐसे में याचिका खारिज करती है।

विवाह का वादा कर किया था दुष्कर्म
आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता मोहम्मद मोहसिन राजौर ने कहा कि उनके मुवक्किल को दुष्कर्म, आपराधिक धमकी इत्यादि मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल व युवती के बीच संबंध पूर्णत सहमति से थे। सरकारी वकील आशा तिवारी ने अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए कहा युवती ने अदालत के समक्ष दिए बयानों में स्पष्ट है कि आरोपी ने उसने विवाह का वादा कर दुष्कर्म किया था। उन्होंने कहा कि युवती ने अपने परिवार के सदस्यों के लिए नौकरी सुरक्षित करने का वादा करने वाले आरोपी को पैसे दिए थे और आरोपी ने ठगी की थी।

सहमति के बिना क्लिक की थी तस्वीर
अभियोजन पक्ष ने आगे अदालत को बताया कि आरोपी ने विवाह की साइट पर आरोपी ने स्वयं को सेना में मेजर के रूप में तैनात बताया। इसके अलावा जांच में पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा था। इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने युवती को बदनाम करने के लिए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने इन तस्वीरों को उसकी सहमति के बिना क्लिक किया था।

सेना की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा
उन्होंने अदालत को बताया कि इस संबंध में भारतीय सेना को एक पत्र भेजा कर जानकारी दी गई है कि आरोपी सेना की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा है। आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसका मुवक्किल पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ काम कर रहा था, वह नौकरी छोड़कर एक निजी कंपनी में काम कर रहा है। 
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दिल्ली: द्वारका मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, एक ही रात में चार वारदातों को दिया था अंजाम 

द्वारका इलाके में एक ही रात में लूटपाट की चार वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों और पुलिस के बीच सोमवार देर रात मुठभेड हो गई। कार सवार बदमाशों ने रोकने पर जिले की वाहन चोरी निरोधक दस्ते के टीम पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गए। दोनों बदमाशों को पास के अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस बदमाशों के निशानदेही पर वारदात में शामिल एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तीसरा बदमाश दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मी रह चुका है। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने दो पिस्टल, कारतूस, चार मोबाइल फोन और चोरी की गई एक सेंट्रो कार बरामद की है। 

 सौ सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला
जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि घायल बदमाशों की पहचान सचिन और बबलू के रूप में हुई, जबकि तीसरे बदमाश की पहचान विशाल के रूप में हुई है। 11 अक्तूबर की रात सेंट्रो कार सवार बदमाशों ने द्वारका के अलग अलग थाना इलाके में लूटपाट की चार वारदातों को अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक कमलेश कुमार के नेतृत्व पुलिस टीम को बदमाशों की धरपकड के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम ने वारदात वाली जगहों पर लगे करीब दौ सौ सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। जिससे पुलिस को पता चला कि सेंट्रो कार सवार बदमाशों ने चारों वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही करीब सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। 

बदमाशों ने दो पुलिसकर्मी पर चला दी गोली
पुलिस ने काले रंग की सेंट्रो कार के नंबर को लेकर छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि जिस कार से लूटपाट को अंजाम दिया गया है वह चोरी हो चुकी है। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया। सोमवार देर रात करीब ढाई बजे पुलिस को काले रंग की सेंट्रो कार के सेक्टर 10 द्वारका की ओर आने की जानकारी मिली। पुलिस ने रामलीला मैदान के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने कार को रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को देखते ही कार में सवार दो युवक बाहर निकले और पुलिस टीम पर गोली चला दी। हवलदार सलज और सिपाही अरविंद ने खुद को बचाया। एक गोली अरविंद और दूसरी गोली सलज के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। वह बाल-बाल बचे।

अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
स्थिति को देखते हुए एसआई विकास और सिपाही अरविंद ने बदमाशों पर जवाबी फायरिंग कर दी। गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी और वह गिर गए। पुलिस ने दोनों बदमाशों को दबोच लिया। घायल बदमाशों की पहचान मंगोलपुरी निवासी सचिन और बबलू के तौर पर हुई। पुलिस ने दोनों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इनके निशानदेही पर विशाल को सुल्तानपुरी से गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली सिविल डिफेंस में काम कर चुका है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक आई फोन समेत चार मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर फरार अन्य बदमाशें की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 
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