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Delhi: दंगे से जुड़े एक मामले में उमर खालिद, सैफी समेत पांच आरोप मुक्त, कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर अभियोग तय किए

एएनआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sat, 03 Dec 2022 04:27 PM IST
सार

कोर्ट शनिवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने उमर खालिद के साथ-साथ एक अन्य आरोपी खालिद सैफी को भी बरी कर दिया।

उमर खालिद
उमर खालिद - फोटो : ANI-फाइल फोटो
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विस्तार

अदालत ने दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में छात्र नेता उमर खालिद, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी सहित पांच को आरोप मुक्त कर दिया। यह मामला खजूरी खास थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। दोनों पर मुख्य रूप से दंगे के लिए षडय़ंत्र रचने का आरोप लगाया गया था। दोनों इस मामले में जमानत पर हैं, लेकिन यूएपीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ठोस साक्ष्य नहीं है।



वहीं, अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अभियोग तय करते हुए कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य है।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने थाना खजूरी खास में दर्ज प्राथमिकी के मामले में यह आदेश सुनाया है। कोर्ट ने उमर खालिद और खालिद सैफी के अलावा तारिक मोइन रिजवी, जागर खान और मो इलियास को भी आरोपमुक्त कर दिया। आरोपी तारिक मोइन रिजवी, जागर खान, मोहम्मद इलियास, खालिद सैफी और उमर खालिद को 10,000 रुपये के मुचलके के साथ इतनी ही जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित आरोपियों को सूचित करने के लिए आदेश की प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया।

अदालत ने हालांकि ताहिर हुसैन, लियाकत अली, रियासत अली, शाह आलम, मो शादाब, मो आबिद, राशिद सैफी, गुलफाम, अरशद कय्यूम, इरशाद अहमद और मो. रिहान के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने कहा कि सभी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है। इस मामले में आरोपमुक्त होने के बावजूद उमर खालिद व सैफी जेल में ही रहेंगे। क्योंकि वे अब भी यूएपीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।

कांस्टेबल के बयान पर दर्ज किया गया था मामला
यह मामला एक कांस्टेबल के बयान के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसने कहा था कि 24 फरवरी, 2020 को चांद बाग पुलिया के पास भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया था। आरोप है कि जब वह खुद को बचाने के लिए पास की एक पार्किंग में गया, तो भीड़ ने पार्किंग का शटर तोड़ दिया और अंदर मौजूद लोगों की पिटाई की और वाहनों में भी आग लगा दी। इसके बाद मामला 28 फरवरी, 2020 को अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया।

पथराव के लिए ताहिर की इमारत का इस्तेमाल
अभियोजन पक्ष के अनुसार पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की इमारत का इस्तेमाल कथित दंगाइयों द्वारा ईंटें मारने, पथराव करने, पेट्रोल बम फेंकने और एसिड बम फेंकने के लिए किया गया था। यह भी आरोप लगाया गया कि उक्त सामग्री इमारत की तीसरी मंजिल और छत पर पड़ी मिली थी। हालांकि उमर भीड़ का हिस्सा नहीं था, लेकिन उस पर और खालिद पर मामले में आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था।
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प्राथमिकी में उमर खालिद को जमानत देते हुए अदालत ने कहा था कि उसके खिलाफ अधूरी सामग्री के आधार पर उसे सलाखों के पीछे रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह देखते हुए कि मामले की जांच पूरी हो चुकी थी और चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। अदालत ने कहा कि उसे केवल इस तथ्य के कारण अनंत काल तक जेल में नहीं रखा जा सकता है कि अन्य व्यक्ति जो दंगाई भीड़ का हिस्सा थे, उन्हें पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा।

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