वायरल और डेंगू की मार, बेड फुल

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:42 PM IST
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फरीदाबाद। मौसम में आए बदलाव के कारण बुखार और डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या दो गुना तक बढ़ गई है। इनमें उल्टी, खांसी, जुखाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।
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सिविल अस्पताल बीके में ओपीडी 17 सौ से बढ़कर तीन हजार पार कर गई है। वहीं इमरजेंसी में भी 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। अस्पतालों में पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी और दवा काउंटर पर मरीजों की खासी भीड़ देखी जा रही है। सोमवार को प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने अस्पताल का निरीक्षक भी किया। खामियों को दुरुस्त करने के अधिकारियों को आदेश दिए।

सिविलि अस्पताल बीके में रोजाना करीब 17 सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसी प्रकार एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजाना करीब 35 सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा शहर में नौ बड़े अस्पताल है। पिछले करीब 15 दिन में लगभग सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या दो गुना बढ़ गई है। इनमें सबसे सबसे ज्यादा मरीज, वायरल बुखार और डेंगूू, मलेरिया से पीड़ित हैं। सोमवार सिविल अस्पताल बीके में अल सुबह मरीज इलाज के लिए पहुंच गए, जिससे की ओपीडी में जल्द डॉक्टर को दिखा सके। इसके बावजूद मरीजों को इलाज के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां अस्पताल प्रशासन की तरफ से अतिरिक्त बेड का बंदोबस्त करके मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां बुखार से किसी की मौत की सूचना नहीं है। बीके अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल हो चुका है। यहां करीब 27 बेड हैं, सभी पर मरीज हैं। वार्ड में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि अधिकांश बच्चे निमोनिया से पीड़ित हैं। बच्चों को बुखार के साथ छाती में इंफेक्शन है। उल्टी-दस्त, डायरिया के मरीज भी आ रहे हैं। हालांकि, कुछ दिन बाद ही बच्चे ठीक हो जाते हैं। वहीं अस्पताल में कुल 200 बेड हैं।
इमरजेंसी में नहीं मिला तो स्ट्रेचर पर कराया इलाज
सिविल अस्पताल बीके की इमरजेंसी में करीब 15 बेड है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण सोमवार को लगभग सभी बेड फुल हो गए। ऐसे में मरीज के परिजनों को स्ट्रेचर पर अपने मरीज का इलाज करवाना पड़ा। वहीं देर शाम तक लोग अपने मरीजों के लिए बेड के लिए भटकते रहे। लोगों ने कहा कि प्रशासन को अस्पताल में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे मरीजों को बेड के लिए परेशान न होना पड़े, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं देती है।
अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
सोमवार को प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने अस्पताल का दौरा किया। सबसे पहले वह इमरजेंसी में पहुंची। इमरजेंसी में मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। मरीजों से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने कर्मियों को दूर करने के स्टाफ को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दवाई की कमी है तो उसे तुरंत मंगवाएं। किसी दवा की कमी नहीं होने दें। किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत उन्हें जानकारी दी।
मौसम बदलाव के कारण बुखार और डेंगू, मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसकी वजह से बेड फुल हैं। मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर इलाज किया जा रहा है जो मरीज ठीक हो रहे हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज रहे हैं, जिससे अन्य मरीजों को बेड मिल सके।
- डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल

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