लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR ›   Five including Union Health Ministry official arrested for duping crores in name of Corona vaccine in Delhi

चिराग तले अंधेरा: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी समेत पांच गिरफ्तार, कोरोना टीके के नाम पर करोड़ों ठगे

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 25 Sep 2022 06:59 PM IST
सार

आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच करते हुए छह ठेकेदारों से ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एक आरोपी मंत्रालय में स्वागत अधिकारी जबकि दो अनुबंध पर कार्यरत थे।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कोरोना के टीके व अन्य दवाओं के कई राज्यों में भेजने का ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच करते हुए छह ठेकेदारों से ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एक आरोपी मंत्रालय में स्वागत अधिकारी जबकि दो अनुबंध पर कार्यरत थे। शाखा में शिकायत होने के बाद स्वागत अधिकारी ने ऐच्छिक सेवानिवृति ले ली थी। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नोएडा सेक्टर- 77 निवासी हरमन सभरवाल, आदर्श नगर निवासी गोविंद, संगम विहार निवासी दिप्ररणा तिवारी, मिंटो रोड निवासी त्रिलोक सिंह और आरके पुरम निवासी मृत्युंजय रॉय के रूप में हुई है। साल 2022 में सुनील कौशिक सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने शाखा में करोड़ों की ठगी किए जाने की शिकायत की। जिसमें कहा गया कि उनसे कोविड के टीकों के परिवहन के लिए कार्य आदेश प्रदान करने के बहाने 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए आरोपितों ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के जाली दस्तावेज तैयार किए थे।

जांच में पता चला कि स्वागत अधिकारी रहे मृत्युंजय राय को निर्माण भवन स्थित मंत्रालय के कांफ्रेंस हॉल में जाने के लिए प्रति व्यक्ति छह-छह हजार रुपये दिए गए थे। मृत्युंजय राय के मंत्रालय में प्रवेश के लिए पर्चियां बनाने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी त्रिलोक सिंह और दिप्ररणा तिवारी पीड़ितों को काफ्रेंस हॉल तक पहुंचाया था। वहां मौजूद आरोपी ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर उन्हें जल्द ठेका दिला देने का आश्वासन दिया।

आरोपी की बातों पर विश्वास कर पीड़ितों ने ठेका मिलने से पहले ही आरोपियों को 15 करोड़ रुपये दे दिए। पुलिस ने पीड़ितों और आरोपियों के बैंक खातों की जांच की। साक्ष्य मिलने के बाद शाखा की टीम आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने सबसे पहले हरमन सभरवाल को अगरतला के होटल पोलो ग्राउंड से गिरफ्तार कर लिया।

उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य चार आरोपियों को दिल्ली के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए मृत्युंजय राय ने अंतरिम जमानत ले ली थी, जिसे रद्द कराकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि हरमन सभरवाल के पास एमबीए की डिग्री है और वह एक एचआर कंपनी चलाता था। जिसमें उसे काफी नुकसान हुआ था। वहीं गोविंद तुलसियान स्टेबलाइजर्स बनाने वाली एक कंपनी में काम करता था।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00