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SBI भर्ती 2021: शुरू होने वाली है भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क भर्ती, ऐसे करें तैयारी
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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

कोरोनाः 24 घंटे में 24 हजार से अधिक संक्रमित आए सामने, केजरीवाल बोले- दिल्ली में हो रही तीन चीजों की कमी

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माना कि कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन, रेमडिसविर और पॉसिलिजमॉब की कमी होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने इनकी जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश अधिकारियों को दिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि अगर हालात बेहतर न होने की सूरत में दिल्ली सरकार ज्यादा सख्त कदम उठाने को भी तैयार है। दूसरी तरफ सरकार अगले तीन-चार दिनों में करीब 6000 अतिरिक्त बेड का इंतजाम भी करेगी। वहीं, केंद्र सरकार से भी उनके अस्पतालों में 50 फीसदी कोविड बेड आरक्षित करने की गुजारिश मुख्यमंत्री ने की है। इसके अलावा क्षमता से अधिक सैंपल उठाने और 24 घंटे में रिपोर्ट ने देने वाले लैब पर भी सरकार कार्रवाई करेगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कोरोना संक्रमण की रोकथाम और कोराना मरीजों बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई दौर की बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने दोपहर में सचिवालय में कोरोना की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों से मौजूदा हालत की जानकारी ली। इसके बाद सभी जिलाधिकारिगयों से बात की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में लगभग 24 हजार नए केस आएं हैं। सकारात्मकता दर 24 फीसदी से ज्यादा हो गई है। इस समय स्थिति काफी गंभीर और चिंताजनक है। तेजी से बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन, रेमडिसविर और पॉसिलिजमॉब की कमी नजर आई। किसी भी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की एक सीमाएं हैं। दिल्ली के अंदर भी एक सीमित बेड और सीमित आईसीयू के बेड हैं। जिस तेजी के साथ कोरोना बढ़ रहा है, तो ऑक्सीजन और आईसीयू के बेड बहुत तेजी के साथ भरते जा रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि बेड को और ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जाए। इससे लोगों को इलाज करना संभव हो सकेगा।
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अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

परेशानी का सबब: कोरोना के संदिग्ध मरीज अस्पतालों के लिए बन रहे चुनौती, लक्षण होने के बाद भी रिपोर्ट आ रही निगेटिव

दिल्ली में इस समय कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां संक्रमण के सभी लक्षण होने के बावजूद भी कोरोना जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इससे इन मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण की पुष्टि न होने से कोविड अस्पताल इन मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा, इसकी वजह से सबसे अधिक परेशानी नॉन कोविड अस्पतालों में इलाज कर रहे डॉक्टरों को आ रही है।
    
पूर्वी दिल्ली का हेडगेवार अस्पताल नॉन कोविड है। इस अस्पताल में काफी ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें सभी लक्षण कोरोना के ही हैं। लेकिन रैपिड और आरटी पीसीआर टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। नॉन कोविड अस्पतालों के डॉक्टर इन मरीजों का इलाज करने में डर रहे हैं। वहीं, रेफर करने के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव होने की वजह से कोविड विशेष अस्पताल भी ऐसे मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। 

स्वामी दयानंद अस्पताल भी नॉन कोविड अस्पताल है। लेकिन इस अस्पताल के इमरजेंसी में सिर्फ एक दर्जन से अधिक ऐसे मरीज पिछले एक सप्ताह में समाने आ चुकें हैं, जिनके सभी लक्षण कोविड के हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। ऐसे मरीजों को भर्ती कर इलाज करना अस्पताल के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इसमें से कई मरीज ऐसे भी सामने आए हैं, जिनकी अस्पताल में एडमिट होने के चार दिन बाद कोविड की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लिए कोविड विशेष अस्पताल में रेफर किया गया। इसी तरह लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भी रोज चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं।

इन अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों के लिए कोविड अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध वार्ड बनाने की जरूरत है। कोविड और नॉन कोविड के चक्कर में मरीजों के साथ-साथ इलाज करने वाले स्टाफ का भी नुकसान हो रहा है।
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दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू: नियम नहीं माने तो होंगे गिरफ्तार, इन चीजों पर रोक, ई-पास को लेकर गफलत

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में आज से वीकेंड कर्फ्यू शुरू हो गया है। हालांकि यह शुक्रवार रात 10 बजे से ही शुरू हो चुका है और सोमवार सुबह 5.00 बजे तक चलेगा। इस दौरान दिल्लीवालों पर बंदिशें लागू रहेंगी। दिल्ली में मॉल्स, जिम, स्पॉ, ऑडिटोरियम पूरी तरह से बंद हैं। जबकि सिनेमा हॉल 30 फीसदी क्षमता के साथ खुले रहेंगे। हर जोन में सिर्फ एक साप्ताहिक मार्केट खुल सकेगी। रेस्टोरेंट में बैठकर खाने-पीने की सुविधा नहीं है। इसकी जगह होम डिलीवरी की अनुमति है। वीकेंड कर्फ्यू के दायरे से शादी समेत सभी आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा गया है। इन सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए सरकार ने कर्फ्यू-पास जारी किया है।

गाड़ियों की सख्ती से हो रही चेकिंग
वीकेंड कर्फ्यू के दौरान पुलिस पूरी सख्ती बरत रही है और हर आने जाने वाले वाहन की चेकिंग कर रही है ताकि कोई ऐसा शख्स न घूमे जो आवश्यक सेवाओं से जुड़ा हुआ नहीं है या उसका पात्र है।


ई-पास को लेकर हो रही गफलत
लोगों में अभी यह बात स्पष्ट नहीं है कि किसे ई-पास दिखाकर जाना होगा और किसे नहीं। ऐसे में कई लोग जो बिना ई-पास के हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

बात नहीं मानने वालों की हो सकती है गिरफ्तारी
अगर कोई व्यक्ति अपनी जिद्द में वीकेंड कर्फ्यू के नियम नहीं मानता है तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। हालांकि उसे थाने से ही रिहाई भी मिल जाएगी।

आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों को पास जारी किया जा रहा है
वीकेंड कर्फ्यू की वजह से जो आवश्यक सेवाएं हैं, वह बाधित नहीं होंगी। मसलन, किसी को अस्पताल जाना है, एयरपोर्ट जाना है या रेलवे स्टेशन जाना है। साथ ही, यह शादियों का सीजन है। कई लोगों की पहले से ही शादी की तारीख तय हो चुकी है और सब तैयारियां हो चुकी हैं। सरकार नहीं चाहती कि उनको किसी तरह की तकलीफ हो। ऐसे लोगों को, जो आवश्यक सेवाओं से संबंधित हैं, खासकर जो शादियां हैं, उनको कर्फ्यू पास जारी किया जाएगा।

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करेगी पुलिस
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि वीकेंड कर्फ्यू को सख्ती से लागू करवाएंगे। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस लोगों को जागरूक भी करेंगी और जो नहीं मानेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस वीकेंड कर्फ्यू को लागू करने के लिए पेट्रोलिंग व पिकेट चेकिंग बढ़ाएगी। जगह-जगह पिकेट लगाकर नाकेबंदी की जाएगी। लॉकडाउन के अनुभव को फायदा उठाया जाएगा।  पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए दिल्ली पुलिस पूरी तरह तैयार है। दिल्ली पुलिस के पास पिछले वर्ष का लॉकडाउन का पर्याप्त अनुभव है। ऐसे में दिल्ली पुलिस के पास वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए पर्याप्त अनुभव है। वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए जाएंगे और उनके चालान भी किए जाएंगे। पेट्रोलिंग व पिकेट चेकिंग बढ़ाई जाएगी। सभी थाना पुलिस को इलाके में गश्त करने के आदेश दिए गए हैं। कोविड दिशानिर्देशों को उल्लंघन करने वालों को बिल्कुल नहीं छोड़ा जाएगा।
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दिल्ली में कोरोना बेकाबू: सीएम केजरीवाल आज फिर लेंगे समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने पर रहेगा जोर

दिल्ली में शुक्रवार को लगभग 20 हजार नए कोरोना संक्रमित आए, जिसके बाद दिल्ली के एक्टिव मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। दिनोंदिन बढ़ते मामले और अस्पतालों के घटते संसाधन को लेकर आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में उनके साथ कोरोना मैनेजमेंट के लिए नोडल अफसर बनाए गए मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन मौजूद रहेंगे।

माना जा रहा है कि इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और बढ़ाने व चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर चर्चा होगी। कई जगह यह खबर है कि आज की बैठक में लॉकडाउन को लेकर भी चर्चा हो सकती है लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसकी संभावना न के बराबर है। मुख्यमंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि लॉकडाउन के हक में वह नहीं हैं।

15 दानिक्स अफसरों को निजी अस्पतालों में तैनात किया
15 दानिक्स अफसरों को दिल्ली के 15 महत्वपूर्ण निजी अस्पतालों में नोडल अफसर के तौर पर तैनात किया गया है जिससे कि वह वहां का प्रबंधन देख सकें और किसी भी स्थिति में सही निर्णय लेकर क्राइसिस से बाहर आ सकें।
 

 
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कोरोना का हॉटस्पॉट बना जेएनयू: एक दिन में मिले 11 नए संक्रमित, छात्रों से हॉस्टल छोड़ने की अपील

अरविंद केजरीवाल
दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया है। कुछ दिन पहले जहां यहांं 24 संक्रमित मिले थे वहीं 16 अप्रैल को कैंपस में कोरोना के 11 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से घर लौटने व हॉस्टल खाली करने की अपील की है।

विवि प्रशासन ने कहा है कि, पूरे देश में मामलों की संख्या में भारी वृद्धि चिंता करने वाली है। वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश की राजधानी दिल्ली है। संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत नई दिल्ली है। विश्वविद्यालय के कैंपस में मार्च 2020 से अब तक 322 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। वर्तमान में, जेएनयू में 64 COVID-19 पॉजिटिव केस हैं, जिनमें आज 11 नए मामले 16 अप्रैल को सामने आए हैं।
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कोरोना में भी डटे किसान: यूपी गेट पर महापंचायत में शामिल होने पहुंचे चौधरी नरेश टिकैत, थोड़ी देर में करेंगे संबोधित

कोरोना से उपजी भयावह स्थिति के बावजूद भी किसान तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर डटे हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत शनिवार को यूपी गेट पर किसान महापंचायत में शिरकत करने पहुंचे। उनके साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी मौजूद हैं।

कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ने की वजह से चौधरी नरेश टिकैत ने भी अपने मुंह पर मास्क लगाया हुआ है। साथ ही उन्होंने किसानों से भी मास्क पहनने और दूरी बनाने की अपील की है. फिलहाल नरेश टिकैत मंच पर बैठकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं। कुछ समय बाद में वह मंच से किसानों को संबोधित करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ राकेश टिकैत ने शुक्रवार को यूपी गेट पर सात हजार मास्क बांटने के बाद किसानों से शासन-प्रशासन की गाइड लाइन पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बॉर्डर हमारा गांव है, कोरोना के डर से किसान घर नहीं जाएंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि कोरोना संक्रमण तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। लेकिन यूपी गेट पर किसान आंदोलन में एक भी केस नहीं मिला है। फिर भी सभी को स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन करना अति आवश्यक है। सावधानी में ही सुरक्षा है। 

उन्होंने सभी को मास्क लगाने और दो गज की दूरी का पालन करने की अपील की। इस दौरान आंदोलन स्थल के बारे में स्पष्ट किया कि कोई भी किसान बॉर्डर खाली करके नहीं जाएगा। पहले सभी किसान कोरोना वायरस से जंग लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली के चारों तरफ आंदोलन में बैठा है, यह हमारे लिए गांव हैं और कोई अपना गांव छोड़कर नहीं जाता। इस बीच गौरव टिकैत, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, चौ. राजवीर सिंह , विपिन बालियान, जिला अध्यक्ष चौ.बिजेंद्र सिंह आदि आंदोलन स्थल का निरीक्षण किया।
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दिल्ली पुलिस की सलाह : 100 दिन तक चल सकती है कोरोना की दूसरी लहर, रहें सावधान

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर 100 दिन तक चल सकती है। जब तक 70 फीसदी लोगों का टीकाकरण और सामुदायिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं होगी, ये लहर चलती रहेगी। इसलिए मास्क पहनने के साथ सुरक्षा के सभी उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है। यह सलाह दक्षिण पूर्व जिले की पुलिस की ओर से तैयार एडवाइजरी में दी गई है। 

ये एडवाइजरी दिल्ली पुलिसकर्मियों को जागरूक करने के लिए तैयार की गई है। डॉ. नीरज कौशिक द्वारा तैयार एडवाइजरी में कहा गया है कि कोरोना वायरस का नया रूप टीके और प्रतिरोधक क्षमता से भी बच कर निकल सकता है। दोबारा संक्रमण होने और टीका लगवा चुके लोगों में संक्रमण होने का ये अहम कारण है। 

एडवाइजरी में कहा गया है कि वायरस का ये नया रूप बेहद खतरनाक संक्रमण फैलाने वाला है। इसलिए परिवार के एक सदस्य के संक्रमित होने पर पूरा परिवार संक्रमण हो जाता है। ये वायरस बच्चों को भी अपना निशाना बना रहा है। 

डॉ. कौशिक ने ये भी कहा कि ये वायरस सामान्य आरटी-पीसीआर जांच में पकड़ में नहीं आ रहा है। हालांकि सूंघने की क्षमता खत्म हो जाना इस वायरस से संक्रमित होने की सबसे खास पहचान है। अभी तक सामने आए ट्रेंड के मुताबिक इस वायरस का प्रसार सतह पर नहीं हो रहा है। इसलिए सतहों को डिसइंफेक्ट करने की ज्यादा जरूरत नहीं है। 

उन्होंने कहा कि किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में 15 मिनट से ज्यादा रहने पर आपके संक्रमित होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं मोटापा, मधुमेह, किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अधिक व्यायाम और जंक फूड से बचने की सलाह भी दी है। वहीं जूस, नारियल पानी और दलिया जैसे पदार्थ लेने की भी सलाह दी है।
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दिल्ली में कोरोना का कहर : आठ दिन में रिकॉर्ड एक लाख से अधिक संक्रमित

राजधानी में कोरोना संक्रमण बेहद तेजी से बढ़ रहा है। पिछले आठ दिनों में संक्रमण के रिकॉर्ड एक लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। रोजाना औसतन 13 हजार मरीजों में कोरोना की पुष्टि हो रही है। संक्रमण दर 20 फीसदी से ऊपर पहुंच चुकी है। सक्रिय मरीज भी 50 हजार के आंकड़े को पार कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बन चुका है। इस समय और अधिक सख्ती बरतने की जरूरत है।

राजधानी में पिछले साल 2 मार्च को पहला मरीज मिलने के बाद ऐसा पहली बार है कि जब 8 दिन में ही एक लाख लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इससे पहले नवंबर में आई तीसरी लहर में 21 दिन में इतने मामले आए थे। तब रोजाना औसतन 6 हजार मरीज मिल रहे थे और अब यह संख्या 8 हजार पहुंच चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में 8 अप्रैल को कुल संक्रमितों की संख्या 6,98,005 थी, जो अब बढ़कर 8,03,623 हो गई है। लिहाजा, 8 दिन में ही 1 लाख 5 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। 

लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के साथ स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। 8 दिन में सिर्फ 67 हजार लोग ही स्वस्थ हुए हैं। इससे कोरोना से रिकवरी दर भी घटकर 90 फीसद हो गई है।

एम्स के डॉक्टर विक्रम का कहना है कि दिल्ली में जिस गति से संक्रमित बढ़ रहे हैं, यह आबादी के हिसाब से देश में सबसे ज्यादा है। कह सकते हैं कि इस समय राजधानी देश में कोरोना सबसे ज्यादा प्रभावित है। जरूरी है कि सरकार की ओर से और अधिक सख्त कदम उठाए जाएं। रात्रि कर्फ्यू और सप्ताहांत कर्फ्यू के अलावा और भी कठिन कदम उठाने की जरूरत है।

संक्रमित के संपर्क में आने वाला हर पांचवां व्यक्ति मरीज
संक्रमितों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर कांटेक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसमें संक्रमित के संपर्क में आने वाले 20 से 30 लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। इनमें हर पांचवां व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा है। राजधानी में कोरोना से संक्रमण दर इस समय 20 फीसदी से ऊपर पहुंच चुकी है। यानी, 100 लोगों की जांच में से 20 व्यक्ति संक्रमित मिल रहे हैं। इस समय जो जांच चल रही है। उसमें उन लोगों के भी टेस्ट किए जा रहे हैं, जो संक्रमितों के संपर्क में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि कांटेक्ट ट्रेसिंग अभियान में संक्रमित के संपर्क में आए कम से कम 20 से 30 लोगों की जांच की जा रही है। इनमें 5 लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इससे पता चलता है कि यह वायरस काफी तेजी से फैल रहा है। 

8 दिन में ऐसे बदले हालात    
तारीख    संक्रमित    स्वस्थ    मौत
08 अप्रैल    7437    3687    24
09    8521    5032    39
10    7897    5716    39
11    10774    5158    48
12    11491    7665    72
13    13468    7972    81
14    17282    9952    104
15    16699    13014    112
16    19486    12648    141
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।

कुल मामले : 1 लाख 4 हजार
स्वस्थ हुए : 68 हजार
मौत : 660
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दिल्ली : हर जोन में लगेगा सिर्फ एक साप्ताहिक बाजार, छह घंटे की होगी अनुमति

दिल्ली सरकार के कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नए आदेश के बाद तीनों नगर निगमों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में साप्ताहिक बाजारों की सूची बनाई जा रही है, जिसके तहत एक जोन में केवल एक मार्केट को ही लगने की अनुमति होगी। दक्षिणी निगम ने ऐसी 11 से अधिक मार्केटों को मंजूरी प्रदान की है। वहीं, सप्ताहंत पर किसी भी जोन में मार्केट की अनुमति नहीं होगी। 

दिल्ली के तीनों नगर निगमों में अलग-अलग जोन आते हैं। सबसे अधिक छह जोन उत्तरी निगम में शामिल हैं। वहीं, दक्षिणी निगम में चार व पूर्वी निगम में दो जोन हैं। पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया के साथ साप्ताहिक बाजारों को अनुमति दी जाएगी, जिससे कोरोना का संक्रमण फैलने से रूक सके। 

साप्ताहिक बाजारों के लिए कड़े होंगे नियम
निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साप्ताहिक बाजारों के लिए नियम तय किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक स्टॉल की चौड़ाई व लंबाई छह व चार फीट क्रमश: से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही एक स्टॉल पर मालिक व एक हेल्पर की अनुमति होगी। इसके अलावा प्लास्टिक की पॉलीथीन का इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। दुकानदारों से अपील की जाएगी कि वे अधिक से अधिक ग्राहकों को अपने घरों से कपड़े का थैला लाने के लिए प्रेरित करें। वहीं, एक स्टॉल से दूसरे स्टॉल के बीच कम से कम छह फीट की दूरी का पालन करना अनिवार्य है। 

अधिकारी ने बताया कि बाजारों में इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि एक समय में केवल दो ग्राहक ही स्टॉल पर मौजूद रहें। नियमों की पालन न करने पर कार्रवाई का भी प्रावधान है। हालांकि, इसके लिए सरकार की ओर से सिविल डिफेंस कर्मी व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। 

शाम चार बजे से रात 10 बजे तक रहेगा समय
साप्ताहिक बाजारों को केवल छह घंटे खुलने का समय दिया गया है। इसके तहत शाम चार बजे से लेकर रात 10 बजे तक दुकानदार बाजार लगा सकते हैं। इस बीच उन्हें मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही स्टॉल पर सैनिटाइजर भी रखना अनिवार्य है। समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज करने के साथ ग्राहकों के हाथों को भी सैनिटाइज कराना अनिवार्य है। 
अधिकारी ने बताया कि नियमों का पालन न करने पर बाजारों को बंद भी किया जा सकता है। 
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