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दिल्ली: महिला एसआई चीनी मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी, माथे और नाक के पास लगा गहरा कट

लाख प्रयासों के बाद राजधानी में चीनी मांझे पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। अक्सर कोई न कोई इसकी चपेट में आकर घायल हो ही जाता है। मध्य दिल्ली के दरियागंज इलाके में ऐसे ही एक मामले में दिल्ली पुलिस की महिला एसआई बुरी तरह जख्मी गई। 

हादसे में उनके माथे और नाक पर गहरा कट लग गया। पीड़िता सरोजनी (48) खुद ही ऑटो में बैठकर एलएनजेपी अस्पताल पहुंची, जहां उनका इलाज हुआ। सरोजनी के कई टांके लगे हैं। मामले की सूचना मिलते ही दरियागंज थाना पुलिस अस्पताल पहुंच गई। बाद में उनका बयान लेकर अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरोजनी दिल्ली पुलिस में एसआई तैनात हैं। फिलहाल उनकी तैनाती दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के दरियागंज ट्रैफिक सर्किल में है। वह परिवार के साथ रोहिणी में रहती हैं। 

मंगलवार को सरोजनी की दोपहर 3.00 बजे से रात 11.00 बजे की बीच ड्यूटी थी। दोपहर करीब 2.45 बजे वह स्कूटी से अपनी ड्यूटी पर आ रही थीं। जैसे ही वह राजघाट से अंबेडकर स्टेडियम की ओर बढ़ी, उसी दौरान बस टर्मिलन के गेट के पास अचानक उनके हेलमेट पर चीनी मांझा उलझ गया। 
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खुशखबर : दिल्ली मेट्रो के 29 भूमिगत स्टेशनों पर नहीं होगी नेटवर्क की दिक्कत

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या से निजात मिलने वाली है। दरअसल मेट्रो के 29 भूमिगत स्टेशनों पर मोबाइल कनेक्टिविटी को अपग्रेड किया जा रहा है। इससे यात्रियों को सफर के दौरान मोबाइल पर बातचीत या ऑनलाइन काम करने में कोई परेशानी नहीं होगी। टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के सहयोग दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से नेटवर्क अपग्रेडेेशन का काम साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

 डीएमआरसी और टीसीआईएल की टीमें सभी भूमिगत स्टेशनों का सर्वेक्षण कर रही हैं। अमूमन, रात में यह कार्य किए जा रहे हैं, ताकि यात्री सेवाओं में दिक्कत न आए। इसके तहत टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं से संबंधित बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के साथ ही सिग्नल की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि मोबाइल कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके। नेटवर्क अपग्रेडेशन से पहले येलो, ब्लू और वॉयलेट लाइन के भूमिगत स्टेशन स्टेशनों पर मौजूदा हालात का जायजा लिया जा रहा है। 

इन पर स्टेशनों पर होगी सुविधा
येलो लाइन:  गुरु तेग बहादुर, विश्वविद्यालय, विधानसभा, सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग, जोरबाग, आईएनए, एम्स, ग्रीन पार्क, हौज खास, मालवीय नगर, साकेत। 

ब्लू लाइन: बाराखंभा रोड, मंडी हाउस, द्वारका सेक्टर-21
वॉयलेट लाइन: मंडी हाउस, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, खान मार्केट, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, जंगपुरा स्टेशन।

एनसीएमसी से पहले नेटवर्क में किया जा रहा है सुधार
अगले साल सभी मेट्रो स्टेशन पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) लागू होने से पहले नेटवर्क को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को और बेहतर सेवाएं मिल सकें। येलो लाइन पर दिल्ली मेट्रो ने हाल ही में वाई-फाई की सुविधा शुरू की है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर पहले से ही यह सुविधा है। अब भूमिगत स्टेशनों पर भी नेटवर्क में सुधार होने से यात्रियों की सहूलियतें और बढ़ जाएंगी। 
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किसान आंदोलन: भाकियू नेता राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर लगी बैरिकेडिंग के लिए केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ महीनों से यूपी गेट पर धरना दे रहे किसान नेताओं ने वहां लगी बैरीकेडिंग से अपना पल्ला झाड़ते हुए इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। यहां आंदोलन स्थल पर आंदोलनरत किसानों ने शुक्रवार को नारेबाजी भी की।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब अपना बयान पलटते हुए यहां लगी बैरिकेडिंग के लिए सीधे केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके लिए उन्होंने बैरीकेडिंग पर बकायदा हरे रंग से 'बैरीकेडिंग की जिम्मेदार मोदी सरकार, मोदी सरकार रास्ते खोले' लिख भी दिया है। जहां से गुरुवार को टेंट हटाया गया, वहां बैरीकेड पर शुक्रवार को राकेश टिकैत ये नारे लिखते नजर आए।

यूपी गेट पर गुरुवार को गहमागहमी बढ़ गई। पता चला कि किसान अपने टेंट उखाड़ रहे है, इसको लेकर बहुत तेजी से खबरें वायरल होने लगीं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे। इसके बाद भाकियू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया कि ये अफवाहें फैलाई जा रही है। इन पर ध्यान न दें, किसानों का आंदोलन जारी है, खत्म नहीं हुआ है। किसान यूपी गेट पर डटे हुए हैं।
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सूरत-ए-हाल : कोरोना महामारी के बाद अब मौसमी बीमारियों के बोझ से दबे दिल्ली के अस्पताल 

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे थे। सफदरजंग अस्पताल का मेडिसिन वार्ड दूर से पहचाना जा सकता था। एक से दूसरी और फिर तीसरी सीढ़ी पार करने के बाद जैसे ही 15 फुट चौड़ी गैलरी में प्रवेश किया तो सामने की तस्वीर शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। एक पल को यकीन ही नहीं हुआ कि यह देश की राजधानी के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक का नजारा है। 

हालात ऐसे, जैसे किसी जिला सरकारी अस्पताल में आ गए हों। गैलरी का फर्श मरीजों के लिए बिस्तर बना हुआ था। यहां जमीन पर पीड़ित के साथ उसके तीमारदार भी दीवार का सहारा लेकर बैठे थे। उसी वक्त स्ट्रेचर की लंबी लाइनें भी नजर आई। पूछने पर पता चला कि दोनों छोर पर मरीज और तीमारदार होने की वजह से यह वार्ड तक नहीं पहुंच सकती हैं।

डॉक्टर ही बाहर आकर एक-एक स्ट्रेचर पर जाकर इलाज की भागमभाग करते दिखाई दे रहे थे। डॉक्टर से भी कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वह बोला- ‘यहां स्थिति ठीक नहीं है, अंदर एक भी बेड नहीं है। मैं दवा लिख देता हूं। फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। आप चाहें तो घर जाकर भी यह दवाएं ले सकते हैं।’

यह हालात देखने के बाद मेडिसिन वार्ड की स्थिति भी देखने का विचार आया। गैलरी में बढ़ते ही दीवारों पर टंगी सलाइनें हकीकत बयां कर रही थीं। ग्लूकोज चढ़ाने के लिए अस्पतालों में बाकायदा सलाइन स्टैंड होता है, लेकिन यहां इतने मरीज हैं कि अस्पताल के सलाइन स्टैंड कम पड़ गए हैं। खिड़की या दीवारों पर कील लगाकर सलाइन टांगने का ही विकल्प बचा है। इसके ठीक नीचे मरीज फर्श पर बैठे हैं और उन्हें ग्लूकोज दिया जा रहा है, ताकि कमजोरी से थोड़ी राहत मिल सके।

कोरोना महामारी के बीच ऐसे हालात में सामाजिक दूरी की बात उचित भी नहीं। वार्ड में जाने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर मिली, जहां एक बेड पर तीन मरीज मिले। फर्श पर बैठे दो युवाओं से जब बातचीत की तो पता चला कि यह दोनों जामिया विश्वविद्यालय के छात्र हैं और इनमें से एक बुखार ग्रस्त है, जिसने अपना नाम यशवीर और दूसरे ने शकील बताया। इन्होंने कहा कि डॉक्टर इलाज करने तो आ रहे हैं, लेकिन यहां एक-दूसरे को देखकर ही बीमारी जैसा महसूस हो रहा है। पता चला कि सफदरजंग में ही 300 से ज्यादा मरीज केवल बुखार की परेशानी को लेकर मौजूद हैं और इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रात के वक्त पहुंच रहे हैं। 

महामारी के बाद फिर संकट में योद्धा
अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि महामारी के बाद फिर से योद्धा (स्वास्थ्य कर्मचारी) संकट में आ गए हैं। मौसमी बीमारियों की वजह से बुखार फैल रहा है। अभी कोरोना का तनाव कम भी नहीं हुआ है और फिर से स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ पड़ गया है। उन्हें पिछले तीन सप्ताह से एक दिन की छुट्टी नहीं मिली है। शनिवार और रविवार को उन्हें लगातार 48 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। 

दूसरे अस्पतालों में लैब पर बोझ, दो शिफ्ट भी कम
सफदरजंग के अलावा एम्स, आरएमएल, लोकनायक अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में लैब को लेकर जब हालात पता किए तो जानकारी मिली कि यहां दो शिफ्ट भी कम पड़ रही हैं और जांच के सैंपल की संख्या भी तेजी से बढ़ गई। कोरोना और डेंगू के बीच लक्षण एक जैसे हैं, लेकिन हर मरीज को संदिग्ध मानते हुए सैंपल लेकर जांच जरूर कराई जा रही है। इसकी वजह से इन अस्पतालों के माइक्रो बायोलॉजी विभाग पर काफी दबाव है।

100 में से 25 को डेंगू
दिल्ली सरकार का कहना है कि डेंगू को लेकर अभी स्थिति काफी नियंत्रण में है, लेकिन अस्पतालों में बुखार के मामले ही सबसे ज्यादा हैं। स्थिति यह है कि हर चौथा मरीज यानी बुखार के 100 में से 25 मरीज डेंगू ग्रस्त मिल रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार केवल डेंगू ही नहीं, बल्कि वायरल-फ्लू, मलेरिया, पोस्ट कोविड और गैर कोविड की वजह से भी मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
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अस्पताल का हाल... अस्पताल का हाल...

राहत की बात : दिल्ली की हवा में हुआ सुधार, एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार

राजधानी का वातावरण प्रतिदिन परिवर्तित हो रहा है। मौसमी दशाओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को आशंका जताई जा रही थी कि शुक्रवार से हवा फिर से खराब श्रेणी में चली जाएगी, लेकिन हुआ इसके विपरीत। बीते 24 घंटे में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 29 अंक लुढ़ककर 170 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 199 था। वहीं, बुधवार को हवा खराब श्रेणी में थी। उम्मीद है कि अगले दो दिन हवा औसत श्रेणी में बनी रहेगी।

सफर के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की 894 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 कण की प्रदूषण में चार फीसदी हिस्सेदारी रही। राजस्थान से आने वाली हवा दिल्ली की हवा में पीएम10 की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रदूषण हवा को बिगाड़ने का कारण बन रहा है। बीते 24 घंटे में हवा में पीएम10 का स्तर 161 व पीएम2.5 का स्तर 61 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, शुक्रवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 183, गाजियाबाद 236, ग्रेटर नोएडा 172, गुुरुग्राम 164 व नोएडा का 192 रहा। इस साल में अब तक सिर्फ एक बार ही सोमवार को हवा 46 एक्यूआई के साथ हवा स्वच्छ श्रेणी में दर्ज की गई थी। 

दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार और रविवार को बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में कमी आएगी और रात में अधिक सर्दी का अहसास होगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार से रात के तापमान में कमी आना शुरू होगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम सामान्य के बराबर 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर 42 से 85 फीसदी रहा। दिनभर धूप खिली रही और हल्की गर्मी महसूस की गई। हालांकि, सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बना रहा।

विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। इसके अगले दिन के लिए विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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Kisan Andolan: 26 अक्तूबर को नहीं होगी किसान महापंचायत, अब 22 नवंबर को हुई प्रस्तावित

गाजीपुर बॉर्डर: राकेश टिकैत ने बंद रास्ते के लिए ठहराया अब मोदी सरकार को जिम्मेदार, जानिए क्या है पूरा मामला

यूपी गेट पर 11 महीनों से लगा किसानों का तंबू आखिरकार गुरुवार को हटा लिया गया। एनएच-9 की सर्विस लेन पर 27 नवंबर 2020 को लगाए गए इस तंबू को किसानों ने खुद हटा लिया। उन्होंने यह कदम रास्ता रोके जाने की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उठाया है। गुरुवार को राकेश टिकैत ने जहां रास्ता बंद होने के लिए पुलिस को दोष दिया था वहीं शुक्रवार को उन्होंने रास्ता बंद होने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

पेंट से लिखा स्लोगन
राकेश टिकैत ने इसके पीछे दलील दी है कि रास्ते में रुकावट उनके तंबू से नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस के बैरियर से आई। तंबू हटाने का मकसद इसी सच को उजागर करना है। पुलिस की तरफ से पहले की तरह बैरीकेडिंग शुक्रवार को भी लगी रही। किसान नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को बैरीकेडिंग में पेंट से स्लोगन लिख दिया है कि यह रास्ता मोदी सरकार ने बंद किया है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एनएच-9 की सर्विस लेन को किया खाली
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने तंबू हटाने का काम किया। इस दौरान किसान बताते रहे कि तंबू के बराबर से ही एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए जगह दी गई थी। इसके बराबर में दिल्ली पुलिस ने बैरियर लगा रखे हैं। इन बैरियर से ही सर्विस लेन ब्लॉक हो गई। अगर दिल्ली पुलिस बैरियर हटा ले तो कोई बाधा ही न रहे। दिल्ली के रास्ते में एक्सप्रेस वे पर भी पुलिस ने बैरियर लगाकर रास्ता रोक रखा है।

आंदोलन जारी... सड़क किनारे बैठे रहेंगे किसान
तंबू हटाने के बाद किसानों ने साफ किया कि आंदोलन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जैसे पहले किसान सड़क किनारे बैठकर विरोध जता रहे थे, वैसे ही अब भी बैठे हैं। किसानों ने कहा कि आंदोलन का मकसद कृषि कानूनों की वापसी कराना है। इसके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।राकेश टिकैट ने कहा कि आंदोलन में आगे की रणनीति बनाई जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा कि किसानों का कहां जाना है और क्या करना है।

लगाएंगे पोस्टर, भारत सरकार ने रोका रास्ता
राकेश टिकैत ने कहा कि तंबू हटाने के बाद अगला कदम पुलिस के बैरियरों पर पोस्टर लगाना होगा। इन पर लिखा होगा कि रास्ता भारत सरकार ने रोका है। दिल्ली जाने वाले एक्सप्रेस वे और एनएच-9 पर किसानों की ओर से रास्ते पहले से खुले हुए हैं।

गाजीपुर बार्डर खाली करने की फैलाई जा रही अफवाह
भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ समय से यह अफवाह फैलाई जा रही है कि गाजीपुर बार्डर खाली किया जा रहा है। यह निराधार है।किसान सड़क किनारे बैठे हैं। मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान कहीं नहीं जा रहे हैं।
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दिल्ली: मनीष सिसोदिया ने 100 करोड़ टीकाकरण की उपलब्धि पर उठाए सवाल, बोले- छह महीना पहले मिल जाती सफलता, अगर...

राकेश टिकैत ने पेंट की बैरिकेडिंग
भारत में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंचने पर केंद्र सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बताकर जश्न मना रही है। वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जश्न मनाए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार वाहवाही लूटने के लालच में न पड़ी होती तो छह महीना पहले ये सफलता मिल जाती। 

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि 100 करोड़ वैक्सीन लगने पर जश्न मनाते हुए हमें यह भी याद रखना चाहिए कि अगर केंद्र सरकार समय रहते वैक्सीन के इंतजाम में लग गई होती और विदेशों में वैक्सीन भेजकर वाहवाही लूटने के लालच में न पड़ी होती तो हमारी मेडिकल टीमें छह महीने पहले ही 100 करोड़ का लक्ष्य हासिल कर चुकी होतीं। 



सीएम केजरीवाल ने दी बधाई
हालांकि, इससे पहले गुरुवार को टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंचने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी देशवासियों, डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बधाई देते हुए इसकी तारीफ की थी। सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि 100 करोड़ टीके लगने पर सभी देशवासियों को बधाई। जिन डॉक्टरों, नर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स की वजह से यह संभव हुआ, उन्हें सलाम। हम सभी देशवासियों ने मिलकर इस बीमारी का सामना किया। हम सब मिलकर इसे हमेशा के लिए हराएंगे।

वैक्सीन पर सवाल उठाने वालों को जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस तरह के सवाल थे कि भारत के लोगों को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा, जिससे महामारी को फैलने से रोक सके। भांति-भांति के सवाल थे, लेकिन आज ये सौ करोड़ वैक्सीन डोज हर सवाल का जवाब दे रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों को सौ करोड़ वैक्सीन डोज मुफ्त लगाई है।

वैक्सीन हेजिटेंसी हमारे लिए चुनौती नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश के लिए यह भी कहा जा रहा था कि यहां ज्यादातर लोग टीका लगवाने के लिए आएंगे ही नहीं। दुनिया के कई देशों में वैक्सीन हेजिटेंसी एक चुनौती है, लेकिन भारत के लोगों ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लेकर यह सवाल उठाने वालों को निरुत्तर कर दिया है। किसी अभियान में जब सबका प्रयास जुड़ जाता है तो परिणाम अद्भुत ही होते हैं।
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पर्यावरण: कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञ करेंगे दिल्ली के वायु प्रदूषण के कारणों की पहचान, 23 महीने में सौपेंगे रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली के अंदर ठंड बढ़ती ही वायु प्रदूषण का खतरा हर साल गंभीर हो जाता है, लेकिन सरकार इसका स्थायी निदान खोजने के लिए प्रयास कर रही है। दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता किया है जिसके अनुसार अब आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ राजधानी के वायु प्रदूषण के कारणों का पता लगाएंगे। विभिन्न जगहों से सैंपल लेकर उसका एनालिसिस करते हुए विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि राजधानी की हवा में प्रदूषण का सटीक कारण क्या है। 

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि दिल्ली सरकार राजधानी के प्रदूषण की गहराई से जांच करा रही है। आने वाले समय में हमें पता चल सकेगा कि राजधानी में वायु प्रदूषण का बिल्कुल सटीक कारण क्या है। इन कारणों की पहचान हो जाने से प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके पहले दिल्ली सरकार ने अमेरिकी संस्था से सहयोग लेकर इसी तरह की एक रिपोर्ट प्राप्त की थी।

नए समझौते के अनुसार आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ प्रदूषण के कारणों की रियल टाइम जानकारी हासिल करेंगे। इसके अलावा साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक आधार पर इसका विश्लेषण किया जाएगा। प्रदूषण के कारणों की रियल टाइम जानकारी मिल जाने के बाद उन्हें रोकने के लिए एक्शन रिस्पांस टीम तुरंत काम करेगी और प्रदूषण को कंट्रोल में रखने के उपाय लागू कराएगी।
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हापुड़: 18 माह में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 500 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले पांच बदमाश गिरफ्तार

हापुड़ में 18 माह में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से करीब पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले पांच शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि एनसीआर सहित आसपास के कई जनपदों के दो हजार से अधिक लोगों को इन शातिरों ने निफ्टैक ग्लोबल कंपनी में निवेश कराकर ठगी को अंजाम दिया।

आरोपियों ने हापुड़ के गढ़, बहादुरगढ़ सहित बुलंदशहर, गाजियाबाद और दिल्ली में कार्यालय खोलकर वर्ष 2008 से पूरा नेटवर्क स्थापित कर रखा था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब सौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी पिछले काफी दिनों से फरार चल रहे थे।

पुलिस ने अशोक, धर्मपाल, अशोक की पत्नी सुनीता व धर्मपाल की पत्नी सुषमा निवासी गांव चांदनेर थाना बहादुरगढ़, व अशोक निवासी भड़काउं थाना नरसैनी जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है। इनमें तीनों पुरुष आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये और महिला आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का पुलिस ने ईनाम घोषित किया था। आरोपियों के पास से पुलिस ने सात लाख से अधिक रुपये की नगदी, फॉर्च्यूनर, दो लैपटॉप, छह स्मार्ट फोन, पासबुक और चेकबुक बरामद की गई है।
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सीएए विरोधी प्रदर्शन: साकेत कोर्ट ने रद्द की जेएनयू छात्र शरजील इमाम की जमानत याचिका

सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद जेएनयू छात्र शरजील इमाम की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। शुक्रवार को शरजील की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली की साकेत अदालत ने उनकी जमानत याचिका रद्द कर दी।

पिछली सुनवाई में शरजील ने कहा था- वह कोई आतंकी नहीं हैं
देशद्रोह और अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने कहा कि वह कोई आतंकी नहीं है और उसके खिलाफ मुकदमा स्थापित कानून के अनुरूप नहीं बल्कि किसी सम्राट के चाबुक की तरह है। यह तर्क शरजील ने मामले में जमानत देने और आरोपमुक्त किए जाने की मांग करते हुए रखा।

दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम को सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। आरोप है कि उसने 2019 में अपने भाषणों में कथित रूप से असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों को देश से अलग करने की धमकी दी थी।

ये कथित भाषण उसने जामिया में 13 दिसंबर 2019 और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 दिसंबर 2019 को दिए थे। वह जनवरी 2020 से न्यायिक हिरासत में है।
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ग्रेटर नोएडा: ट्रांसपोर्टर की बेटी की हत्या और लूट का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र की पैरामाउंट गोल्फ विला सोसायटी में बुधवार को ट्रांसपोर्टर की बेटी की हत्या और आभूषण लूटकर फरार हुए आरोपी को शुक्रवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी है। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया धारदार हथियार बरामद करने 130 मीटर रोड पर गई तो आरोपी दरोगा हरिराम की पिस्टल छीन फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस का कहना है कि जवाबी फायरिंग में आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

नोएडा के छलेरा गांव निवासी कालू सिंह चौहान ट्रांसपोर्टर हैं। छलेरा गांव के पास ही उनका ट्रांसपोर्ट का काम है। वह परिवार के साथ लगभग एक साल से सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित पैरामाउंट गोल्फ विला सोसायटी में रह रहे थे।

वारदात के वक्त घर में अकेली थी पिंकी
बुधवार को कालू सिंह और उनकी पत्नी शॉपिंग के लिए गई थी। कालू चौहान का 26 वर्षीय बेटा भी ट्रांसपोर्ट के काम से घर से बाहर गया था। इस दौरान उनकी बेटी पिंकी चौहान (28) घर पर अकेली थी। दिल्ली के अलीपुर गांव पल्ला निवासी अर्जुन उर्फ चमन उनके घर पहुंचा।

आरोपी यहां दो घंटे तक रुका और पिंकी की धारदार हथियार से गला रेतकर व शरीर पर कई वार कर हत्या कर दी। आरोपी घर में रखे आभूषण आदि लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह ही दिल्ली स्थित आरोपी के घर से लूटे गए आभूषण और घटना में प्रयोग की गई स्कूटी बरामद कर ली थी।

पुलिस ने आरोपी को गुरुवार रात गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह पिंकी से विवाह करना चाहता था लेकिन उसके परिजन विवाह के लिए दूसरा लड़का देख रहे थे। इसी से नाराज होकर उसने पिंकी की हत्या कर दी।
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खौफनाक: पत्नी के चरित्र पर शक ने नीरज को बना दिया हैवान, ताबड़तोड़ गोलियां दाग कर दिया ट्रिपल मर्डर

हरियाणा के फरीदाबाद के धौज थाना क्षेत्र में गुरुवार अल सुबह एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अपनी पत्नी, सास, साले व उसके दोस्त को गोली मार दी। घटना में पत्नी,सास व साले का दोस्त ने तोड़ दिया, जबकि साले को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो तमंचे, चाकू और मोटरसाइकिल बरामद कर लिए हैं। आरोपी नीरज को अपनी पत्नी आयशा के के चरित्र पर शक था। इसके आलावा उसका अपने साले गगन से 10 लाख रुपये का लेनदेन भी था। पुलिस ने गगन की शिकायत पर धौज थाने में हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट तहत मामला दर्ज कर लिया है। मूलरूप से पानीपत के समालखा निवासी गगन ने पुलिस को बताया कि बहन आयशा शादी करीब चौदह साल पहले एनआइटी-एक निवासी निवासी नीरज चावला के साथ की थी। ... और पढ़ें
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