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SBI भर्ती 2021: शुरू होने वाली है भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क भर्ती, ऐसे करें तैयारी
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Digital Edition

कोरोनाः 24 घंटे में 24 हजार से अधिक संक्रमित आए सामने, केजरीवाल बोले- दिल्ली में हो रही तीन चीजों की कमी

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माना कि कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन, रेमडिसविर और पॉसिलिजमॉब की कमी होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने इनकी जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश अधिकारियों को दिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि अगर हालात बेहतर न होने की सूरत में दिल्ली सरकार ज्यादा सख्त कदम उठाने को भी तैयार है। दूसरी तरफ सरकार अगले तीन-चार दिनों में करीब 6000 अतिरिक्त बेड का इंतजाम भी करेगी। वहीं, केंद्र सरकार से भी उनके अस्पतालों में 50 फीसदी कोविड बेड आरक्षित करने की गुजारिश मुख्यमंत्री ने की है। इसके अलावा क्षमता से अधिक सैंपल उठाने और 24 घंटे में रिपोर्ट ने देने वाले लैब पर भी सरकार कार्रवाई करेगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कोरोना संक्रमण की रोकथाम और कोराना मरीजों बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई दौर की बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने दोपहर में सचिवालय में कोरोना की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों से मौजूदा हालत की जानकारी ली। इसके बाद सभी जिलाधिकारिगयों से बात की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में लगभग 24 हजार नए केस आएं हैं। सकारात्मकता दर 24 फीसदी से ज्यादा हो गई है। इस समय स्थिति काफी गंभीर और चिंताजनक है। तेजी से बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन, रेमडिसविर और पॉसिलिजमॉब की कमी नजर आई। किसी भी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की एक सीमाएं हैं। दिल्ली के अंदर भी एक सीमित बेड और सीमित आईसीयू के बेड हैं। जिस तेजी के साथ कोरोना बढ़ रहा है, तो ऑक्सीजन और आईसीयू के बेड बहुत तेजी के साथ भरते जा रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि बेड को और ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जाए। इससे लोगों को इलाज करना संभव हो सकेगा।
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अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

परेशानी का सबब: कोरोना के संदिग्ध मरीज अस्पतालों के लिए बन रहे चुनौती, लक्षण होने के बाद भी रिपोर्ट आ रही निगेटिव

दिल्ली में इस समय कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां संक्रमण के सभी लक्षण होने के बावजूद भी कोरोना जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इससे इन मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण की पुष्टि न होने से कोविड अस्पताल इन मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा, इसकी वजह से सबसे अधिक परेशानी नॉन कोविड अस्पतालों में इलाज कर रहे डॉक्टरों को आ रही है।
    
पूर्वी दिल्ली का हेडगेवार अस्पताल नॉन कोविड है। इस अस्पताल में काफी ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें सभी लक्षण कोरोना के ही हैं। लेकिन रैपिड और आरटी पीसीआर टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। नॉन कोविड अस्पतालों के डॉक्टर इन मरीजों का इलाज करने में डर रहे हैं। वहीं, रेफर करने के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव होने की वजह से कोविड विशेष अस्पताल भी ऐसे मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। 

स्वामी दयानंद अस्पताल भी नॉन कोविड अस्पताल है। लेकिन इस अस्पताल के इमरजेंसी में सिर्फ एक दर्जन से अधिक ऐसे मरीज पिछले एक सप्ताह में समाने आ चुकें हैं, जिनके सभी लक्षण कोविड के हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। ऐसे मरीजों को भर्ती कर इलाज करना अस्पताल के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इसमें से कई मरीज ऐसे भी सामने आए हैं, जिनकी अस्पताल में एडमिट होने के चार दिन बाद कोविड की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लिए कोविड विशेष अस्पताल में रेफर किया गया। इसी तरह लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भी रोज चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं।

इन अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों के लिए कोविड अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध वार्ड बनाने की जरूरत है। कोविड और नॉन कोविड के चक्कर में मरीजों के साथ-साथ इलाज करने वाले स्टाफ का भी नुकसान हो रहा है।
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कोरोना की चौथी लहर बहुत खतरनाक: एम्स निदेशक बोले- जो बचाव के लिए पहले कर रहे थे वही अब करने की जरूरत

कोरोना के कहर से चारों ओर अफरा-तफरी मची है, कहीं बेड नहीं मिल रहे हैं तो कहीं अस्पताल के बाहर मरीजों की मौत हो रही है। कोरोना की चौथी लहर बहुत ही खतरनाक साबित हो रही है। इस बीच एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इससे पहले कोरोना से बचाव के लिए जो कर रहे थे, वही फिर से करने की जरूरत है। 
 

उन्होंने कहा कि यह याद रखना होगा कि कोई भी टीका सौ प्रतिशत कारगर नहीं है, टीका लगाने के बाद आपको संक्रमण हो सकता है, लेकिन शरीर में एंटीबॉडी कोरोना वायरस को तबाही मचाने नहीं देगा। आपको गंभीर बीमारी नहीं होगी। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि छह-सात महीने पहले की तुलना में दिल्ली में एक बड़ा हॉटस्पॉट देखने को मिल रहा है। कोरोना से बचाव ही इसका इलाज है। 
 

उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा समय है, जब हमारे देश में बहुत सारी धार्मिक गतिविधियां चल रही हैं और चुनाव भी हो रहे हैं। हमें समझना चाहिए कि जीवन भी महत्वपूर्ण है। हम इसपर कुछ प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत न हों और कोरोना के दिशा-निर्देशों का सही से पालन किया जा सके। 

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोरोना मामलों में वृद्धि का कारण बहुक्रियाशील है। लेकिन इसके दो मुख्य कारण हैं। जब जनवरी और फरवरी में टीकाकरण शुरू हुआ और मामलों में कमी आई तो लोगों ने कोरोना नियमों का पालन करना बंद कर दिया। जिसके कुछ दिन बाद ही वायरस तेजी से फैल गया। 

बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 24 हजार से ज्यादा मामले
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 24 हजार से ज्यादा मामले आए हैं। उन्होंने ये जानकारी भी दी कि उन लैब संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो क्षमता से अधिक सैंपल ले रहे हैं।





केजरीवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 24 हजार केस आए हैं, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट कुछ देर में जारी होगी। अब यहां का पॉजिटिविटी रेट 24 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। अब स्थिति काफी गंभीर है चिंताजनक है। अब दिल्ली के अंदर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और एक अन्य दवा की कमी हो रही है। 
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वीकेंड कर्फ्यू: पहले दिन दिखा लॉकडाउन जैसा नजारा, बेवजह निकले लोगों पर सख्त दिखी दिल्ली पुलिस

राजधानी में वीकेंड कर्फ्यू के पहले दिन गली मोहल्लों से लेकर प्रमुख मार्गों पर लॉकडाउन की तरह सन्नाटा नजर आया। सड़कों पर बसों से लेकर अन्य सार्वजनिक वाहन खाली दौड़ते रहे। वहीं, बेवजह घरों से बाहर निकले लोगों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह देते हुए वापस भेजा। कर्फ्यू के दौरान कॉलोनियों में आवश्यक सामाग्री में शामिल किराना स्टोर, डेयरी व मेडिकल स्टोर ही खुले रहे।

दिल्ली में गत शुक्रवार रात 10 बजे से ही सप्ताहंत कर्फ्यू की शुरुआत हो गई थी। इस दौरान सरकार ने लोगों से बेजवह घरों से न निकलने की अपील की थी, लेकिन इसके बाद भी सुबह के समय कुछ लोग सैर करते हुए नजर आए। वहीं, करीब 10 बजे के बाद ऐसे लोग भी देखने को मिले जो खाली सड़कों पर घूमने के लिए निकले थे। ऐसे लोगों पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए चेतावनी दे वापस भेज दिया।  

किराना व मेडिकल स्टोर भी रहे खाली
कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं में शामिल किराना व मेडिकल स्टोर भी खाली नजर आए। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी स्थित किराना स्टोर संचालक मनोज ने बताया कि कर्फ्यू के देखते हुए एक दिन पहले ही लोगों ने घर के जरूरी राशन की खरीदारी कर ली थी। केवल लोग घरों से दूध,ब्रेड व अंडे आदि की खरीदारी के लिए ही निकले। इसको देखते हुए अधिकतर जगहों पर दिन के समय किराना स्टोर भी बंद रहे। शाम के समय किराना स्टोर खोलने के बाद रात 10 बजे तक बंद कर दिए गए।

आरडब्ल्यूए व सोसायटियों ने प्रवेश द्वारों को रखा बंद
कर्फ्यू को देखते हुए दिल्ली की विभिन्न आरडब्ल्यूए व सोसायटियों ने प्रवेश द्वारों को बंद रखने का निर्णय लिया था। इसका नजारा शनिवार को देखने को मिला।  उत्तरी दिल्ली स्थित मुखर्जी नगर की विभिन्न आरडब्ल्यूए व सोसायटियों ने प्रवेश द्वारों को बंद रखा। इस दौरान काम वाली बाई, ड्राइवर व चौकीदारों को भी घर रहने की सलाह दी गई।

टीवी व समाचार देख निकला दिन
कर्फ्यू के दौरान घर में रहे कुछ लोगों ने तनाव के माहौल के बीच मनोरंजन को तवज्जों दी। इस दौरान लोगों ने परिवार समेत टीवी पर पुरानी फिल्में व धारावाहिक देखे। वहीं, कुछ लोगों ने कोरोना के संक्रमण को लेकर समाचारों को तरजीह दी। लक्ष्मी नगर निवासी मयंक जयसवाल ने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए घर में रहना जरूरी है। पूरा दिन परिवार के साथ गपशप व हंसी मजाक कर निकल गया। रविवार को परिवार के साथ पुरानी फिल्में देखने की योजना है।
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दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू: नियम नहीं माने तो होंगे गिरफ्तार, इन चीजों पर रोक, ई-पास को लेकर गफलत

दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू के दौरान पुलिस चेकिंग करती हुई
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में आज से वीकेंड कर्फ्यू शुरू हो गया है। हालांकि यह शुक्रवार रात 10 बजे से ही शुरू हो चुका है और सोमवार सुबह 5.00 बजे तक चलेगा। इस दौरान दिल्लीवालों पर बंदिशें लागू रहेंगी। दिल्ली में मॉल्स, जिम, स्पॉ, ऑडिटोरियम पूरी तरह से बंद हैं। जबकि सिनेमा हॉल 30 फीसदी क्षमता के साथ खुले रहेंगे। हर जोन में सिर्फ एक साप्ताहिक मार्केट खुल सकेगी। रेस्टोरेंट में बैठकर खाने-पीने की सुविधा नहीं है। इसकी जगह होम डिलीवरी की अनुमति है। वीकेंड कर्फ्यू के दायरे से शादी समेत सभी आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा गया है। इन सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए सरकार ने कर्फ्यू-पास जारी किया है।

गाड़ियों की सख्ती से हो रही चेकिंग
वीकेंड कर्फ्यू के दौरान पुलिस पूरी सख्ती बरत रही है और हर आने जाने वाले वाहन की चेकिंग कर रही है ताकि कोई ऐसा शख्स न घूमे जो आवश्यक सेवाओं से जुड़ा हुआ नहीं है या उसका पात्र है।


ई-पास को लेकर हो रही गफलत
लोगों में अभी यह बात स्पष्ट नहीं है कि किसे ई-पास दिखाकर जाना होगा और किसे नहीं। ऐसे में कई लोग जो बिना ई-पास के हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

बात नहीं मानने वालों की हो सकती है गिरफ्तारी
अगर कोई व्यक्ति अपनी जिद्द में वीकेंड कर्फ्यू के नियम नहीं मानता है तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। हालांकि उसे थाने से ही रिहाई भी मिल जाएगी।

आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों को पास जारी किया जा रहा है
वीकेंड कर्फ्यू की वजह से जो आवश्यक सेवाएं हैं, वह बाधित नहीं होंगी। मसलन, किसी को अस्पताल जाना है, एयरपोर्ट जाना है या रेलवे स्टेशन जाना है। साथ ही, यह शादियों का सीजन है। कई लोगों की पहले से ही शादी की तारीख तय हो चुकी है और सब तैयारियां हो चुकी हैं। सरकार नहीं चाहती कि उनको किसी तरह की तकलीफ हो। ऐसे लोगों को, जो आवश्यक सेवाओं से संबंधित हैं, खासकर जो शादियां हैं, उनको कर्फ्यू पास जारी किया जाएगा।

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करेगी पुलिस
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि वीकेंड कर्फ्यू को सख्ती से लागू करवाएंगे। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस लोगों को जागरूक भी करेंगी और जो नहीं मानेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस वीकेंड कर्फ्यू को लागू करने के लिए पेट्रोलिंग व पिकेट चेकिंग बढ़ाएगी। जगह-जगह पिकेट लगाकर नाकेबंदी की जाएगी। लॉकडाउन के अनुभव को फायदा उठाया जाएगा।  पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए दिल्ली पुलिस पूरी तरह तैयार है। दिल्ली पुलिस के पास पिछले वर्ष का लॉकडाउन का पर्याप्त अनुभव है। ऐसे में दिल्ली पुलिस के पास वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए पर्याप्त अनुभव है। वीकेंड कर्फ्यू को लागू करवाने के लिए लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए जाएंगे और उनके चालान भी किए जाएंगे। पेट्रोलिंग व पिकेट चेकिंग बढ़ाई जाएगी। सभी थाना पुलिस को इलाके में गश्त करने के आदेश दिए गए हैं। कोविड दिशानिर्देशों को उल्लंघन करने वालों को बिल्कुल नहीं छोड़ा जाएगा।
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दिल्ली में कोरोना बेकाबू: सीएम केजरीवाल आज फिर लेंगे समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने पर रहेगा जोर

दिल्ली में शुक्रवार को लगभग 20 हजार नए कोरोना संक्रमित आए, जिसके बाद दिल्ली के एक्टिव मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। दिनोंदिन बढ़ते मामले और अस्पतालों के घटते संसाधन को लेकर आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में उनके साथ कोरोना मैनेजमेंट के लिए नोडल अफसर बनाए गए मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन मौजूद रहेंगे।

माना जा रहा है कि इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और बढ़ाने व चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर चर्चा होगी। कई जगह यह खबर है कि आज की बैठक में लॉकडाउन को लेकर भी चर्चा हो सकती है लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसकी संभावना न के बराबर है। मुख्यमंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि लॉकडाउन के हक में वह नहीं हैं।

15 दानिक्स अफसरों को निजी अस्पतालों में तैनात किया
15 दानिक्स अफसरों को दिल्ली के 15 महत्वपूर्ण निजी अस्पतालों में नोडल अफसर के तौर पर तैनात किया गया है जिससे कि वह वहां का प्रबंधन देख सकें और किसी भी स्थिति में सही निर्णय लेकर क्राइसिस से बाहर आ सकें।
 

 
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कोरोना का कहर: अब दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल कोविड-19 पॉजिटिव

कोरोना का हॉटस्पॉट बना जेएनयू: एक दिन में मिले 11 नए संक्रमित, छात्रों से हॉस्टल छोड़ने की अपील

दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया है। कुछ दिन पहले जहां यहांं 24 संक्रमित मिले थे वहीं 16 अप्रैल को कैंपस में कोरोना के 11 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से घर लौटने व हॉस्टल खाली करने की अपील की है।

विवि प्रशासन ने कहा है कि, पूरे देश में मामलों की संख्या में भारी वृद्धि चिंता करने वाली है। वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश की राजधानी दिल्ली है। संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत नई दिल्ली है। विश्वविद्यालय के कैंपस में मार्च 2020 से अब तक 322 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। वर्तमान में, जेएनयू में 64 COVID-19 पॉजिटिव केस हैं, जिनमें आज 11 नए मामले 16 अप्रैल को सामने आए हैं।
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