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महामृत्युंजय मंत्र से बढ़ता है आत्मविश्वास : महंत जगन्नाथ पुरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 02:57 AM IST
Mahamrityunjaya Mantra increases self-confidence: Mahant Jagannath Puri
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संवाद न्यूज एजेंसी

कुरुक्षेत्र। ऋषि मार्कंडेय प्राकटोत्सव के अवसर पर श्री मार्कंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में सर्वकल्याण की भावना से 11 ब्राह्मणों की ओर से निरंतर महामृत्युंजय मंत्र पाठ किया जा रहा है। अखिल भारतीय श्री मार्कंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी व अन्य संतों के सान्निध्य में चल रहे इस कार्यक्रम के दूसरे दिन यजमान परिवारों ने मंदिर के पवित्र शिवलिंग पर महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ रुद्राभिषेक किया। इस मौके पर महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि शिवलिंग पर अभिषेक करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास बढ़ता है।
इससे अनजाना भय खत्म होता है, मन को शांति मिलती है और विचार सकारात्मक बनते हैं। इस मंत्र का सरल अर्थ यह है कि हम त्रिनेत्र भगवान शिव का मन से स्मरण करते हैं। महंत ने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र की रचना मार्कंडेय ऋषि ने की थी। प्राचीन समय में मृगशृंग ऋषि और सुव्रता की कोई संतान नहीं थी। तब उन्होंने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए तप किया। शिवजी प्रकट हुए और उन्होंने कहा कि आपके भाग्य में संतान सुख नहीं है, लेकिन आपने तप किया है इसलिए हम आपको पुत्र प्राप्ति का वर देते हैं। लेकिन, ये संतान अल्पायु होगी, इसका जीवन 16 वर्ष का ही होगा। कुछ समय बाद ऋषि के यहां पुत्र का जन्म हुआ। उसका नाम मार्कंडेय रखा। माता-पिता ने पुत्र को ज्ञान प्राप्त करने के लिए अन्य ऋषियों के आश्रम में भेज दिया।

जब बालक मार्कंडेय अपने घर आया तो उसके माता-पिता दुखी थे। माता-पिता ने उसके अल्पायु होने की बात बताई। मार्कंडेय ने कहा कि आप चिंता न करें, ऐसा कुछ नहीं होगा। मार्कंडेय ने महामृत्युंजय मंत्र की रचना की और शिवजी को प्रसन्न करने के लिए तप करने लगा। मार्कंडेय की आयु 16 वर्ष हो गई थी। यमराज उसके सामने प्रकट हुए तो बालक ने शिवलिंग को पकड़ लिया। यमराज उसे ले जाना चाहते थे, तभी वहां शिवजी प्रकट हुए। शिवजी ने कहा कि हम इस बालक की तपस्या से प्रसन्न हैं और इसे अमरता का वरदान देते हैं। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि भगवान शिव ने ऋषि मार्कंडेय से कहा कि अब से जो भी भक्त महामृत्युंजय मंत्र का जाप करेगा, उसके सभी कष्ट दूर होंगे और वह असमय मृत्यु के भय से भी बच जाएगा। इस मौके पर मंत्रोच्चारण के साथ यजमान मामराज मंगला, एडवोकेट राज कुमार सैनी, गुरुभजन सैनी, सिद्धार्थ तुली फौजी, परमजीत सिंह, बंटी गुंबर, शर्मा परिवार नैंसी वाले, तरसेम राणा, शिव राणा, राम कुमार पुरी, पूजा राणा, एडवोकेट खरैती लाल डोडा अबोहर, गुरभजन सिंह, बलजीत गोयत, उषा रानी , मीना रानी इत्यादि ने अभिषेक किया।

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