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विश्व पर्यटन दिवस: कागजों में ही उड़ान भर रहा मोरनी का पैराग्लाइडिंग प्रोजेक्ट, एडवेंचर पार्क बदहाल

दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 27 Sep 2022 04:08 PM IST
सार

टूरिज्म विभाग के अधिकारिक सूत्रों से जिस जगह से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होनी थी, वह जमीन बिकने और कुछ मानक पूरे नहीं होने के चलते प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। अब मोरनी से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने की कोई उम्मीद नहीं है। 

मोरनी
मोरनी - फोटो : फाइल
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विस्तार

पंचकूला के पास स्थित मोरनी की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचने वाले पर्यटक मायूस हैं, क्योंकि जून 2021 से पैराग्लाइडिंग कागजों में उड़ान भर रहा है। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर आने का कोई उम्मीद नहीं है। अब तक मानकों के आधार पर साइट तय नहीं हो पाई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने 20 जून को शुभारंभ के समय यह स्पष्ट कर दिया था कि पैराग्लाइडिंग शुरू होने में कागजी प्रक्रिया व अन्य नियमों को पूरा करने के लिए दो-तीन माह का समय लग सकता है, लेकिन 14 माह बीतने के बाद सैलानी इन गतिविधियों के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  



बता दें कि ट्राईसिटी के लोगों को वर्तमान में पैराग्लाइडिंग के लिए हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशन मनाली जाना पड़ता है। मनाली में सोलंग वैली और मढ़ी दोनों ही फेमस पैराग्लाइडिंग स्पॉट्स हैं। यहां हर साल बड़ी तादाद में पर्यटक पैराग्लाइडिंग का मजा लेने आते हैं। अगर मोरनी में पैराग्लाइडिंग की सुविधा शुरू हो जाती है तो पर्यटकों को हिमाचल के चक्कर न लगाने पड़ते। 

साइट के चक्कर में फंस गया पैराग्लाइडिंग का पेंच 

मोरनी में जहां से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होनी थी। वह साइट ही फाइनल नहीं हो पाया है। इसके चलते प्रोजेक्ट कागजों में उड़ान भर रहा है। टूरिज्म विभाग के अधिकारिक सूत्रों से जिस जगह से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होनी थी, वह जमीन बिकने और कुछ मानक पूरे नहीं होने के चलते प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। अब मोरनी से पैराग्लाइडिंग की शुरुआत होने की कोई उम्मीद नहीं है। 

भूत बंगला के भूत, अब नहीं डराते 

प्रदेश सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टिक्कर ताल के एडवेंचर पार्क में लाखों रुपये खर्च कर भूत घर का निर्माण कराया था, लेकिन समय-समय पर इसकी मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर हो चुका है। भूत घर की छतों पर उगी घास और इसकी मरम्मत न होने के कारण पर्यटक इसकी दशा का आसानी से अंदेशा लगा लेते हैं। भूत घर के अंदर की स्थिति भी काफी खराब है। इसमें लगे उपकरण खराब हो चुके हैं। अब इसमें पर्यटकों को डराने जैसा कुछ नहीं है। इसके अंदर फैली गंदगी के कारण घूमने आए लोग अंदर जाना ही पसंद नहीं करते। यहां की लचर व्यवस्थाओं को देखकर हर सप्ताह मोरनी घूमने के लिए आने वाले हजारों की संख्या में सैलानी दोबारा आना तो दूर ज्यादा देर ठहरना भी पसंद नहीं करते।

मोटा मुनाफा कमा सकता है, पर्यटन विभाग

मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं में भारी टोटा होने के बावजूद निगम की कमाई लाखों में है। निगम यहां पर पार्किंग, बोटिंग और कैंटीन, एडवेंचर पार्क को लीज पर देकर लाखों की कमाई करता है। वर्ष 2016 में इलाके के मुख्य पर्यटक स्थल टिक्कर ताल में वाहन पार्किंग की लीज से पहली बार में 13.65 लाख की राशि प्राप्त हुई थी। इसके अलावा 13 लाख पचास हजार रुपये एडवेंचर पार्क से मिला था। कैंटीन का टेंडर करने से निगम को तीन साल के लिए 3.67 लाख रुपया मिला था। ताल में बोटिंग की लीज से 33 लाख रुपये पर्यटन निगम को मिले थे। इतना ही पैसा वर्ष 2019 और 2021 में पर्यटन निगम टेंडर अलॉट करके कमा चुका है। अगर यहां की सुविधाओं को बेहतर किया जाए तो पर्यटन विभाग को मोटा मुनाफा हो सकता है।
 

मोरनी से शुरू होने वाले पैराग्लाइडिंग का नियम फाइनल नहीं हो पाया है। इस कारण प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। मोरनी के एडवेंचर और भूत बंगला के रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पर जल्द काम शुरू होने वाला है। - नीरज कुमार, एमडी टूरिज्म कारपोरेशन, हरियाणा।

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