विज्ञापन

छत्तीसगढ़ चुनावः नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव आयोग ऐसे बढ़ाएगा वोटिंग परसेंटेज

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Nov 2018 09:16 PM IST
Chhattisgarh elections: Election Commission will increase voting percentage in Naxal affected areas
विज्ञापन
ख़बर सुनें
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सफलतापूर्वक मतदान कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। चुनाव आयोग की कोशिश है कि नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रथम चरण में कम से कम 65 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए चुनाव आयोग सुरक्षा बंदोबस्त के अलावा दूसरे तरीकों से मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक कर रहा है। 
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनावों में प्रथम चरण के तहत 18 सीटों के 2800 पोलिंग बूथों पर 12 नवंबर को वोटिंग होनी है। अकेले नक्सल प्रभावित बस्तर इलाके में ही 12 विधानसभा सीटें हैं, जहां तकरीबन 2100 मतदान केन्द्र हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि इनमें से 60 पोलिंग बूथ ऐसे हैं, जहां 2013 में जीरो वोटिंग हुई थी। इसके अलावा नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में 273 मतदान केन्द्र हैं, जिनमें से 31 सामान्य, 137 अति संवेदनशील और बाकी संवेदनशील हैं।

आयोग की कोशिश है कि इस बार नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों पर मतदान का प्रतिशत पहले के मुकाबले 48 से बढ़ कर कम से कम 65 फीसदी तक पहुंचे। वहीं, हर बार की तरह इस बार भी नक्सली दंतेवाड़ा, सुकुमा और बस्तर के अंदरूनी इलाकों में पोस्टरों के जरिए लोगों को मतदान में हिस्सा न लेने की धमकी दे रहे हैं।

चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि इन इलाकों में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्थानीय महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जा रही है। आयोग का मानना है कि इन समूहों की आदिवासी बहुल इलाकों में अच्छी पैठ है और आयोग के लक्ष्य को हासिल करने में ये मददगार साबित हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि दिव्यांगों और आम लोगों को मतदान केन्द्रों पर लाने की एवज में इन समूहों को 5 प्रतिशत की ऋण माफी समेत कई दूसरी सहूलियतें भी दी जाएंगी।

इसके अलावा स्थानीय चुनाव आयोग नक्सल प्रभावित जिलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के पैरेंट्स को पत्र भेज कर मतदान में शामिल होने जैसी अनोखी पहल भी कर रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि उनका मकसद मतदाताओं की जान को जोखिम में नहीं डालना है, लेकिन जो लोग मतदान में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ऐसी योजनाओं के जरिए लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जाए।

आयोग के अधिकारियों के मुताबिक नक्सल पीड़ित आदिवासी जिले सुकुमा में मतदान को बढ़ावा देने के लिए वहां के सभी 232 पोलिंग बूथों को मंदिर के भगवा में रंगवा रहा है। ताकि वहां आने वाले मतदाताओं को यह आभास हो कि वे केवल वोटिंग करने ही नहीं आ रहे, बल्कि किसी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे हैं। पिछले चुनावों में यहां 42 पोलिंग बूथों पर 0 से 10 फीसदी ही मतदान दर्ज हुआ था।  

आयोग के सूत्रों ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान में जिन वोटरों के पास मतदाता फोटो पहचान पत्र नहीं हैं, वे 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करके मतदान में शामिल हो सकते हैं। आयोग का कहना है कि वोटिंग से पहले सभी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जिन लोगों को पहचान पत्र नहीं मिले हैं, वे मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक–पोस्ट ऑफिस पासबुक, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, हैल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, फोटो पेंशन दस्तावेज, फोटो वोटर स्लिप, आधार कार्ड के अलावा केन्द्र एवं राज्य सरकार अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी कर्मचारी पहचान पत्र का उपयोग कर सकते हैं।  

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

India News

भाजपा सरकार की बड़ी गलती थी नोटबंदी, इस बारे में तो अब बात ही नहीं होनी चाहिए: रजनीकांत

देश में नोटबंदी के दो साल पूरे होने के पश्चात सुपरस्टार रजनीकांत का बड़ा बयान सामने आया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रजनीकांत ने भाजपा सरकार के नोटबंदी के कदम को गलत करार दिया।

12 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कहा- अयोध्या में बने राम मंदिर

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी ने कहा है कि अयोध्या के विवादित स्थान पर राम मंदिर बनना चाहिए ताकि देश में हिन्दू-मुस्लिम सुकून से रह सकें।

12 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree