विज्ञापन

'सीबीआई में भूचाल' लाने वाले मोइन कुरैशी की पूरी कहानी कर देगी हैरान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 11 Jan 2019 06:08 AM IST
Complete story of meat businessman Moin Qureshi
ख़बर सुनें
जिस मीट कारोबारी की वजह से देश की सबसे बड़ी एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में भूचाल आ गया, जो अब तक तीन सीबीआई डायरेक्टर्स की बलि ले चुका है। उसकी कहानी जानकर आज सभी हैरान हैं। मूल रूप से कानपुर का रहने वाला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी केवल भारत में ही नहीं विदेश में भी अपना मीट का कारोबार चला रहा है। रामपुर में छोटे से बूचड़खाने की शुरुआत करने वाला मोइन कैसे ताकतवर कारोबारी बन गया इसके किस्से आज जग जाहिर होने लगे हैं। मोइन कुरैशी ही वो शख्स है जिसके केस की वजह से सीबीआई की भीतरी लड़ाई सड़क पर आ गई।  
विज्ञापन
रामपुर में जन्मा मोइन अख्तर कुरैशी उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखता है। साल 1993 में उसने कानपुर और रामपुर में छोटा सा बूचड़खाना खोला था और जल्द ही वह देश का सबसे बड़ा मांस कारोबारी बन बैठा। पच्चीस सालों से मोइन ने निर्माण और फैशन समेत कई क्षेत्रों में 25 से ज्यादा कंपनियां खड़ी कर लीं। उसने अपनी पढ़ाई दून स्कूल और सेंट स्टीफेंस से की थी। उसके खिलाफ कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में शामिल होने के कई आरोप लगे और जांच हुई। इसके साथ-साथ उसने हवाला के जरिए बड़ा लेनदेन किया। उस पर सीबीआई अफसरों, राजनेताओं समेत कई अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप लगे। 

मोइन कुरैशी का नाम सबसे पहले 2014 में सामने आया, जब यह पता चला कि 15 महीने में कुरैशी कम से कम 70 बार तत्कालीन सीबीई चीआफ रंजीत सिन्हा के घर पर गया था। आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच मौजूदा विवाद में हैदराबाद के बिजनसमैन सतीश बाबू सना का नाम भी सामने आया है। सना ने पिछले साल ईडी को कथित तौर पर बताया था कि उसने सिन्हा के जरिए एक सीबीआई केस में फंसे अपने दोस्त को जमानत दिलाने के लिए 1 करोड़ रुपये कुरैशी को दिए थे। 

साल 2014 में पता चला कि कुरैशी और एक अन्य सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह के बीच मैसेज का आदान-प्रदान हुआ था। सिंह 2010 से 2012 तक एजेंसी के हेड रहे। आयकर विभाग और इडी ने मामले की जांच की और पिछले साल फरवरी में सीबीआई ने भी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया, जिससे कुरैशी के साथ उनके संबंधों की जांच हो सके। आरोपों के चलते सिंह को संघ लोक सेवा आयोग में सदस्य की अपनी पोस्ट छोड़नी पड़ी। एपी सिंह भी लगातार आरोपों से इनकार करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई ने अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

जांच एजेंसियों में भी गहरी पैठ रखता है कुरैशी

विज्ञापन

Recommended

सर्दी में ज्यादा खाएं देसी घी, जानें क्यों कहते हैं इसे ब्रेन फूड और क्या-क्या हैं इसके फायदे
ADVERTORIAL

सर्दी में ज्यादा खाएं देसी घी, जानें क्यों कहते हैं इसे ब्रेन फूड और क्या-क्या हैं इसके फायदे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

मुगलकाल में भी होता था कुंभ, क्या है अखाड़ों का इतिहास और महत्व 

आम तौर पर 'अखाड़ा' शब्द सुनते ही हमारी आंखों के सामने पहलवान और कुश्ती जैसे चित्र उभरने लगते हैं। लेकिन कुंभ में साधु-संतों के अखाड़े होते हैं।

16 जनवरी 2019

विज्ञापन

5 साल, 50 बयान | मणिशंकर अय्यर के चाय वाले बयान ने कैसे मोदी को मुंहमांगी मुराद दे दी

पूरे पांच साल हो गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से चाय की बात सुनते। कभी-कभी कुछ चीजें इतनी मशहूर हो जाती हैं कि याद ही नहीं रहता--वो शुरू कैसे हुईं। चाय-चायकार भी उनमें से एक हैं। आपको पांच साल पहले की सर्दियों में ले चलते हैं।

16 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree