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Video: कभी जाकिर नाईक की शान में दिग्विजय सिंह ने पढ़े थे कसीदे, बताया था शांतिदूत

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 04:12 PM IST
यूट्यूब से लिया गया स्क्रीन शॉट
यूट्यूब से लिया गया स्क्रीन शॉट - फोटो : youtube
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इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन चलाने वाले जाकिर नाईक की तारीफ करके कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बुरी तरह फंस गए हैं। नाईक पर ढाका हमले में शामिल आतंकियों को भड़काने और का समर्थन करने के आरोप हैं। जाकिर नाईक को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिग्विजय सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह नाईक की तारीफ करते हुए देखे जा रहे हैं। 

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वीडियो साल 2012 का है। उस वक्‍त दिग्विजय सिंह नाईक के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां मंच से उन्होंने नाईक की तारीफ में जमकर पुल बांधे थे। दिग्विजय अपनी स्पीच के बाद नाईक से गले भी मिलते हैं। 


आतंकियों को समर्थन की बात को लेकर मुस्लिम संगठनों का गुस्सा भी नाईक पर फूट रहा है। कई मुस्लिम संगठनों ने उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। 

इस बीच दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को जाकिर नाईक के सवाल पर मीडिया से कहा कि यदि जाकिर नाईक के खिलाफ कोई सबूत है तो भारत और बंग्लादेश की सरकारों को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


वहीं जाकिर नाईक के बारे में पूछे जाने पर केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि उनके भाषण सहित जो भी अखबारों में आ रहा है वो आपत्तिजनक है। गृह मंत्रालय पूरे मामले की जांच करेगा।


सिरदर्द बन सकता है ये वीडियो

बता दें कि पीस टीवी पर नाईक की तकरीर लगातार आती हैं। इसके दुनियाभर में करोड़ों दर्शक हैं। बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में शामिल हरकत-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के छह आतंकियों में से दो के जाकिर के समर्थक होने की बात वहां के अधिकारियों ने स्वीकारी है। बांग्लादेश में भी जाकिर के समर्थकों की संख्या काफी है।

जाकिर हरेक मुसलमान को 'आतंकवादी' बनने की सलाह देता है। उसका तर्क है कि अमेरिका और इस्लाम के खिलाफ काम करने वाले सबसे बड़े आतंकी हैं। इन आतंकियों में आतंक भरने के लिए हरेक मुसलमान को आतंकवादी बनना चाहिए। ऐसे में दिग्विजय सिंह का नाईक की तारीफ करते हुए वीडियो सामने आना उनका सिरदर्द बन सकता है।
 

ये है जाकिर नाईक का इतिहास

बता दें कि मुंबई में जन्मे जाकिर नाईक खुद को डॉक्टर, मुस्लिम धर्मगुरु, लेखक और वक्ता बताता है। फेसबुक पर नाइक के 1 करोड़ 14 लाख फॉलोअर हैं। इसने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन भारत में पीस टीवी नाम का धार्मिक चैनल भी चलाती है। 100 से ज्यादा देशों में इसका प्रसारण होता है और दुनिया में इसके दर्शकों की संख्या 100 करोड़ के आसपास बताई जाती है।

जाकिर दावा करते हैं कि उन्होंने सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों को पढ़ रखा है। नाईक इससे पहले भी विवादों में आ चुके हैं। सबसे पहले नाइक तब विवादों में आए थे, जब उन्होंने कहा था कि वो ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी नहीं मानते। हालांकि, इस पर नाईक का कहना है कि जिस वीडियो में उन्हें ओसामा को आतंकी न मानने की बात दिखाई गई है, वो डॉक्टर्ड है।

जाकिर इसके बात तब भी विवादों में आए थे जब 2009 में न्यूयॉर्क के सबवे में फिदायीन हमले की साजिश रखने के आरोप में गिरफ्तार नजीबुल्ला के दोस्तों के अनुसार वह काफी वक्त तक नाईक की तकरीरों को टीवी पर देखता था। जाकिर पर कई मुल्कों में जाने पर रोक लगी है। शरीया कानून लागू करने और बाकी धर्मों की तीखी आलोचना के चलते ब्रिटेन, कनाडा, मलेशिया जैसे कई देशों ने इनके प्रवेश पर पाबंदी लगाई हुई है।
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