Loksabha Election 2024 पर नजर : दिल्ली पहुंचने के लिए ममता ने चुना पूर्वोत्तर का रास्ता, गोवा जैसे छोटे राज्यों को भी बनाया जरिया

प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Mon, 27 Sep 2021 03:36 PM IST

सार

जैसे-जैसे उत्तर-पूर्व के कई नेता पार्टी में शामिल होते जा रहे हैं, बंगाल से बाहर और राष्ट्रीय राजनीति में शामिल होने के तृणमूल कांग्रेस की महत्वाकांक्षा को और बल मिल रहा है। विश्लेषक कहते हैं कि यदि ममता को 2024 के चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुख्य विपक्षी चेहरा बनना है तो टीएमसी को दूसरे राज्यों में पैर पसारना ही होगा। 
 
ममता बनर्जी:  नजर Lok Sabha Election 2024 पर
ममता बनर्जी: नजर Lok Sabha Election 2024 पर - फोटो : Twitter : @@AITCofficial
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता के करीब पहुंचने से रोकने में कामयाब रही तृणमूल कांग्रेस उत्साह में डूबी हुई है। 2024 के लोकसभा चुनाव पर नजर गड़ाए पार्टी पश्चिम बंगाल से बाहर अपना दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी की रणनीति लोकसभा चुनाव से पहले त्रिपुरा और गोवा जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की मौजदूगी दर्ज कराने की है। त्रिपुरा में तो पार्टी की सक्रियता बहुत बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने रविवार को एलान किया कि उनकी पार्टी गोवा में भी चुनाव लड़ने जा रही है। हालांकि, बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के प्लान पर तंज कसते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में उसे नोटा से भी कम वोट मिलेगा। 
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टीएमसी ऐसी कोशिश पहली बार नहीं कर रही है। पिछले दो आम चुनावों से पहले भी ममता बनर्जी ने विपक्षी वोटों के बंटवारे से बचने के लिए अन्य दलों को केवल एक गैर-भाजपा उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन उनमें  इसमें सफलता नहीं मिली थी। टीएमसी ने कई उत्तर-पूर्वी राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारे थे और और यहां तक कि दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव लड़ी थी। हालांकि टीएमसी एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में पंजीकृत है, लेकिन अन्य राज्यों में इसकी उपस्थिति, यहां तक कि पार्टी कार्यालय और समर्थकों जैसे बुनियादी ढांचे के मामले में उसकी उपस्थिति नहीं दिखाई देती है। 


विपक्ष का चेहरा बनना है तो दूसरे राज्यों में जाना ही होगा
तृणमूल कांग्रेस की राजनीति को करीब से और गंभीरता से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार गौतम लहरी कहते हैं 2024 के आम चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रमुख विपक्षी चेहरा बनने के लिए ममता को अपनी पार्टी को दूसरे राज्यों में ले ही जाना होगा और वहां सरकार भी बनाने की सख्त जरूरत है। वह त्रिपुरा से शुरुआत करना चाहती हैं क्योंकि त्रिपुरा उनका सबसे नजदीकी राज्य हैं। वहीं टीएमसी ने उन छोटे-छोटे राज्यों पर फोकस किया है जहां क्षेत्रीय दल नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में हाल ही में कहा था कि पश्चिम बंगाल में खेला हुआ है और अब यह खेला त्रिपुरा और असम के साथ 2024 में दिल्ली में होगा।
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