लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Mumbai civic body will be held responsible in case of open manholes

Mumbai: 'खुले मैनहोल से हादसा हुआ तो BMC को ठहराएंगे जिम्मेदार', बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 07 Dec 2022 01:26 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश दीपंकर दत्ता व जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने कहा कि वह पूरी मुंबई में खुले ड्रेनेज मैनहोल्स की समस्या से चिंतित है। हाईकोर्ट ने बीएमसी से कहा कि वह इस समस्या का स्थाई समाधान निकाले। 

बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में खुले मैनहोल्स और उनके कारण होने वाले हादसों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर पालिका (BMC) द्वारा इन ड्रेनेज चेंबरों को ढंकने के लिए किए जा रहे इंतजामों की तारीफ भी की। इसके साथ ही चेताया कि यदि इनकी वजह से कोई हादसा हुआ तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


 
मुख्य न्यायाधीश दीपंकर दत्ता व जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने कहा कि वह पूरी मुंबई में खुले ड्रेनेज मैनहोल्स की समस्या से चिंतित है। हाईकोर्ट ने बीएमसी से कहा कि वह इस समस्या का स्थाई समाधान निकाले। हाईकोर्ट ने पूरे महाराष्ट्र में गड्ढों की बढ़ती संख्या और खुले मैनहोल पर चिंता जताने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। 


बीएमसी के वकील अनिल सखारे ने बुधवार को हाईकोर्ट को बताया कि नगर निगम खुले मैनहोल की समस्या से युद्ध स्तर पर निपट रहा है। सभी खुले मैनहोल को बंद करने का काम चल रहा है। इस पर पीठ ने कहा कि बीएमसी के प्रयासों की सराहना की जाती है, लेकिन अगर तब तक कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए उसे जिम्मेदार माना जाएगा।

बीएमसी के अधिकारियों को मानेंगे जिम्मेदार
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने बीएमसी के वकील से कहा, 'आप अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन तब तक अगर किसी को नुकसान होता है, तो हम आपको जिम्मेदार ठहराएंगे। हम बीएमसी की सराहना कर रहे हैं, लेकिन अगर मैनहोल खुला हो और कोई नीचे गिर जाए तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में हम पीड़ित को मुआवजे के लिए दीवानी मुकदमा दायर करने को नहीं कहेंगे...हम कहेंगे कि आपके अधिकारी जिम्मेदार हैं।'
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि बीएमसी को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की मदद से कुछ ऐसा तंत्र तैयार करना चाहिए, जिससे मैनहोल का ढक्कन हटते ही संबंधित अधिकारी अलर्ट हो जाएं। पीठ ने बीएमसी से कहा कि उसे कुछ प्रगतिशील तरीके से सोचना चाहिए। यह आपका काम है। हम हमेशा यह नहीं कह सकते कि क्या किया जाना चाहिए। खुले मैनहोल्स की समस्या से निपटने का कोई मानक तरीका खोजा जाना चाहिए। बीएमसी बताए क्या तरीका हो सकता है? हम इसका स्थाई हल चाहते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 19 दिसंबर को तय की। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00