लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Congress Crisis: sachin Pilot trust on top leadership of party

Rajasthan Congress Crisis: गहलोत के तेवरों से गड़बड़ाने लगे समीकरण, पायलट को आलाकमान पर भरोसा

Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Mon, 26 Sep 2022 06:27 PM IST
सार

Rajasthan Congress Crisis: कांग्रेस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम से ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार राजस्थान को लेकर सक्रिय हैं। वह लगातार अपने नेताओं के भी संपर्क में हैं। ऐसी संभावना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खुद अशोक गहलोत से बात कर सकती हैं...

Rajasthan Congress Crisis
Rajasthan Congress Crisis - फोटो : Agency (File Photo)
ख़बर सुनें

विस्तार

सियासत के जादूगर माने जाने वाले अशोक गहलोत का जादू कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने से पहले ही अपने प्रदेश में पार्टी को गंभीर संकट में डालता हुआ दिख रहा है। आलाकमान फिलहाल पर्यवेक्षकों की आधिकारिक रिपोर्ट के इंतजार में है और आने वाले वक्त को लेकर आशंकित भी है। पार्टी अध्यक्ष का नामांकन करने से पहले ही गहलोत और उनके सिपहसालारों के तेवर पार्टी के भविष्य का संकेत दे रहे हैं। हालांकि गहलोत को ये समझाने की कोशिश भी हो रही है कि पार्टी या संगठन की कीमत पर वह ऐसा न करें। माना जा रहा है कि वो खुद भी मान जाएंगे और अपने समर्थकों को भी फिलहाल खामोश रहने को कहेंगे। लेकिन अभी तक की जो स्थितियां हैं उसे देखकर नहीं लगता कि मामले का कोई समाधान जल्दी और शांति से निकल पाएगा। इसके लिए गहलोत को बैकफुट पर आना ही पड़ेगा।

कांग्रेस आलाकमान की प्रतिष्ठा पर बनी

मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे सचिन पायलट ने अब अपनी पूरी किस्मत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हवाले कर दी है। सचिन पायलट गुट के एक शीर्ष नेता ने कहा कि अशोक गहलोत के इशारे पर गुलाबी शहर (जयपुर) में 48 घंटे में काफी कुछ हुआ है। जो हुआ है, उसकी चिंता हमें नहीं करनी है, क्योंकि अब कांग्रेस आलाकमान की ही प्रतिष्ठा पर बन आई है। कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत की मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस अध्यक्ष का पद अपने पास रखने की मंशा सही नहीं है।



सचिन पायलट के खेमे के एक नेता का कहना है कि सचिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर विश्वास करते हैं। उनके भरोसे की राजनीति करते हैं। वरिष्ठ नेता का कहना है कि राज्य में मुख्यमंत्री का उपयुक्त चेहरा सचिन पायलट ही हैं। इसे कांग्रेस अध्यक्ष भी समझती हैं। इसलिए अब जो भी फैसला होगा, हमें स्वीकार है।

क्या अशोक गहलोत आत्ममुग्धता का शिकार हो गए हैं?

कांग्रेस पार्टी के महासचिव कहते हैं कि उन्होंने भी मुख्यमंत्री गहलोत का मन टटोलने की कोशिश की थी। उन्हें लग रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आत्ममुग्धता का शिकार हो रहे हैं। सूत्र का कहना है कि मुझे इससे आगे कुछ नहीं कहना है। वरिष्ठ नेता के मुताबिक कांग्रेस पार्टी का अनुशासित सिपाही जब भी इस तरह की स्थितियां आती हैं, फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ देता है। इससे पार्टी और उसके मौजूदा नेतृत्व को मजबूती मिलती है। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस में इस तरह की परंपरा कमजोर हो रही है। दूसरी तरफ 10 जनपथ से खबर है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री पद और मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिल्ली बुलाया जा रहा है।


एक घटनाक्रम और है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा को पहले से तय कार्यक्रम पर जारी रखने के पक्ष में हैं। उनकी यात्रा में शामिल एक और नेता के जल्दी ही दिल्ली आने की संभावना है। मल्लिकार्जुन खड़गे राज्य में पर्यवेक्षक हैं। अजय माकन ने भी दो दिन से वहां डेरा डाल रखा है और आखिरकार सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट देने वापस आ रहे हैं। माकन ने दिल्ली आने से पहले नाराजगी जताते हुए गहलोत से मिलने से मना कर दिया है। कांग्रेस के कई नेता मान रहे हैं कि जयपुर का राजनीतिक ड्रामा अब पार्टी लाइन से ऊपर उठकर अनुशासनहीनता की तरफ बढ़ रहा है।

राजस्थान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष लेंगी फैसला

कांग्रेस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम से ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार राजस्थान को लेकर सक्रिय हैं। उन्हें पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन की रिपोर्ट भी अब मिलने ही वाली है। वह लगातार अपने नेताओं के भी संपर्क में हैं। ऐसी संभावना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खुद अशोक गहलोत से बात कर सकती हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में लगातार उनके साथ बने हुए एक नेता ने बताया कि उनके पास राजस्थान में जो हो रहा है, उसकी जानकारी है। माना जा रहा है कि राजस्थान में जो भी कुछ चल रहा है, उसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों काफी असहज हैं।

विज्ञापन

क्या जिम्मेदारी उठाने से भाग रहे हैं अशोक गहलोत?

पार्टी के भीतर एक चर्चा आम है कि अशोक गहलोत राजस्थान का मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं। वह कांग्रेस अध्यक्ष पद की कीमत पर मुख्यमंत्री पद को नहीं गंवाना चाहते। मनमोहन सिंह सरकार के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का कहना है कि अशोक गहलोत राजस्थान से आते हैं। अगले साल वहां विधानसभा का चुनाव होना है। 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। अशोक गहलोत को पता है कि आगे चुनौतियां और जिम्मेदारी दोनों कितनी बढ़ने वाली हैं। इसलिए वह अपना हर दांव खेल रहे हैं। दूसरी चर्चा यह है कि अशोक गहलोत पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट से कटुता को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर निजता के स्तर पर ले रहे हैं। वह जयपुर को छोड़कर दिल्ली आने से पहले राजस्थान में कांग्रेस के अंदरूनी घमासान को बढ़ावा देने की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं।

वहीं गहलोत समर्थकों का कहना है कि सचिन पायलट राजस्थान की मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते। इसका भाजपा को परोक्ष रूप से बड़ा फायदा होगा और 2023 के प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का मुंह देखनी पड़ सकती है। सचिन पायलट के नेतृत्व क्षमता की कमियां गिनाते हुए राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने फोन पर बताया कि वह सभी को साथ लेकर नहीं चलते। इस मामले में अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00