Hindi News ›   India News ›   Scaring Dengue: Type-2 patients are being found in 11 states, so far more than 80 crore corona doses have been taken

डरा रहा डेंगू : 11 राज्यों में मिल रहे टाइप-2 मरीज, अब तक 80 करोड़ से ज्यादा लगीं कोरोना खुराक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 18 Sep 2021 04:39 PM IST

सार

देश में जारी टीकाकरण के दम पर कोरोना को तो काबू में किया जा रहा है, लेकिन अब डेंगू बड़ा खतरा बनता जा रहा है। 11 राज्यों में डेंगू गंभीर समस्या पैदा कर रहा है। इस बीच अच्छी खबर यह है कि देश में 80 करोड़ कोरोना टीकों की खुराक दी जा चुकी है।
डेंगू
डेंगू - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक और चिंताजनक खबर यह आई है कि 11 राज्यों में डेंगू के टाइप-2 मरीज मिल रहे हैं। केंद्र सरकार के अनुसार ऐसे मरीजों में डेंगू के अन्य रूपों की तुलना में ज्यादा जटिलताएं देखी जा रही हैं। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि देश में शनिवार दोपहर तक 80 करोड़ कोरोना खुराक दी जा चुकी हैं।

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शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 2.50 करोड़ से ज्यादा कोरोना खुराक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। इसके बाद देश में अब तक कुल 80 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं। डेंगू को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी। बता दें, देश के कई राज्यों में मच्छर जनित रोग डेंगू का कहर देखा जा रहा है। घरों व अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में डेंगू मरीज हैं।





मंडाविया ने शनिवार को हैशटैग 'वर्ल्ड्सलार्जेस्टवैक्सीनेशनड्राइव' से ट्वीट करते हुए कहा कि 80 करोड़ लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लगाए जा चुके हैं। यह कामयाबी पाने के लिए देशवासियों को बधाई।' शुक्रवार को पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर एक दिन के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 2.5 करोड़ लोगों को टीके लगाए गए। केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने कहा कि यह विश्व इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।

टाइप-2 डेंगू मरीजों में यह है खतरा
डेंगू का टाइप-2 स्ट्रैन पहले व तीसरे स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक है। बीते दिनों लखनउ स्थित संजय गांधी पीजीआई के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के हेड प्रो.टीएन ढोले ने बताया कि टाइप-2 स्टेन से संक्रमित मरीजों में प्लेटलेट काउंट बहुत तेजी से गिरता है। डॉ. ढोले ने बताया कि यह डेंगू में दो तरह से असर करता है। पहला डेंगू हेमरेजिक फीवर (डीएचएफ) और दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) है। डेंगू हेमरेजिक फीवर ज्यादा खतरनाक नहीं है लेकिन शॉक सिंड्रोम में बुखार उतरने के बाद मरीज में तेजी से प्लेटलेट की संख्या कम होने प्रकृति देखी गई है।

इस तरह रखें नजर और करें बचाव
टाइप-2 डेंगू मरीज का बुखार उतरने के बाद भी दी प्लेटलेट्स की जांच कराते रहना चाहिए। यदि प्लेटलेट्स बुखार उतरने के बाद भी 30 हजार से कम हैं तो मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। उसे पौष्टिक तरल पदार्थ देना चाहिए। जिससे शरीर में द्रव की कमी न हो। यदि प्लेटलेट्स इसके बाद भी घटे तो मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। जिससे उसे प्लेटलेट्स चढ़ायी जा सके। उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट कम होने से रक्तस्राव होने की संभावना होती है। शरीर के प्रतिरक्षण तंत्र और मरीज की शारीरिक स्थिति के अनुसार रक्तस्राव हो सकता है।

कुछ मरीजों में 10 हजार प्लेटलेट्स काउंट होने पर भी रक्तस्राव नहीं होता तो कुछ में 30 से 40 हजार काउंट होने पर रक्तस्राव की प्रकृति देखी गई है। डॉ. ढोले ने बताया कि कुछ मरीजों में डेंगू और मलेरिया दोनों परजीवी मिले हैं। इसलिए घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई सबसे ज्यादा जरूरी है।

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