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Funds Crunch: आंध्र सरकार के पास धन की किल्लत, स्कूलों के जीर्णोद्धार की जगन सरकार की अहम योजना ठप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 07 Dec 2022 10:59 AM IST
सार

मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने 'मन बाड़ी: नाडू-नेडू' (हमारा स्कूल, तब और अब) योजना शुरू की है। योजना के दूसरे चरण का काम धन की कमी के कारण रुक गया है। नाबार्ड ने 2000 करोड़ रुपये जारी किए हैं और विश्व बैंक से दूसरे चरण के काम के लिए 380 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है। 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

देश के अधिकांश राज्यों की वित्तीय हालत खस्ता है। आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार के पास तो स्कूलों के जीर्णोद्धार या नवीनीकरण की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के लिए ही पैसा नहीं है। इस कारण योजना का काम ठप हो गया है। 



मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने 'मन बाड़ी: नाडू-नेडू' (हमारा स्कूल, तब और अब) योजना शुरू की है। योजना के दूसरे चरण का काम धन की कमी के कारण रुक गया है। स्कूली शिक्षा विभाग के लिए नाबार्ड ने 2000 करोड़ रुपये जारी किए हैं और विश्व बैंक से दूसरे चरण के काम के लिए 380 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है। इसके बाद भी राज्य का वित्त विभाग 950 करोड़ रुपये के बकाया बिलों का भुगतान करने में विलंब कर रहा है। 


इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आंध्र सरकार ने दूसरे चरण में 4,535 करोड़ रुपये की लागत से 16,493 से अधिक स्कूलों के नवीनीकरण की शुरुआत की है। सीएम रेड्डी ने 16 अगस्त 2021 को दूसरे चरण के कार्यों का शुभारंभ किया था। इन्हें अगस्त 2022 तक पूरा किया जाना था।

नवीनीकरण के तहत सरकारी स्कूल भवनों को दीवारों पर विषयगत चित्रों के साथ रंग, पंखे और फ्लोरोसेंट रोशनी के साथ कक्षाओं में नया फर्नीचर बनाना,  स्वच्छ-स्वच्छ शौचालयों का निर्माण करना, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना, अंग्रेजी भाषा की प्रयोगशालाओं की स्थापना करना और मध्यान्ह भोजन के लिए रसोई घर का निर्माण करना शामिल था। 

आंध्र प्रदेश सरकार ने 16,000 करोड़ रुपये की लागत से 2024 तक तीन चरणों में राज्य के 45,500 से अधिक स्कूलों को पूरी तरह से नया रूप देने का काम शुरू किया है। पहले चरण में पिछले साल 15,715 स्कूलों को कवर किया गया था। इस पर सरकार ने 3,699 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 4,535 करोड़ रुपये की लागत के दूसरे चरण की कुल लागत में से अब तक 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

अधिकारियों ने कहा कि हमने अब तक पूरे किए गए कार्यों के लिए 950.54 करोड़ रुपये के बिल जारी किए हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक पैसा जारी नहीं किया है। चूंकि कोई धन उपलब्ध नहीं है, इसलिए काम रोक दिया गया है।

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