दावत से आफत: 25 लाख से ज्यादा शादियां फिर दे सकती हैं कोरोना संक्रमण को न्यौता

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 23 Nov 2021 06:25 PM IST

सार

लोकल सर्किल ने अपने सर्वे में लोगों से सवाल पूछा था कि क्या आप लोग नवंबर-दिसंबर में किसी शादी में शामिल होने जा रहे हैं। जवाब में नौ फीसदी लोग ऐसे रहे, जो पहले ही शादी अटेंड कर चुके हैं और अब उन्हें किसी दूसरी शादी में नहीं जाना है। लेकिन 44 फीसदी ऐसे लोग भी सामने आए, जो अभी तक तो किसी शादी में नहीं गए, लेकिन अब जाने की तैयारी कर रहे हैं। सिर्फ 24 फीसदी ऐसे भी लोग हैं जिन्हें किसी शादी का न्योता नहीं मिला है...
शादी
शादी - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार

कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों के बीच लोगों का विवाह समारोह में जाने सिलसिला अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। नवंबर और दिसंबर के बीच होने वाले शादियों में लोग जाने के इच्छुक नजर आ रहे हैं। लोकल सर्किल सर्वे के मुताबिक 10 में से छह लोग कोरोना को पूरी तरह से भूलकर बिना किसी पाबंदी और प्रोटोकॉल के शादियों में मौज उठाने के मूड में नजर आ रहे हैं।
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इसका खुलासा लोकल सर्किल संस्था के हाल ही में हुए सर्वे में हुआ है। लोकल सर्किल कोरोना काल और उसके बाद के प्रभावों पर लगातार लोगों से प्रतिक्रिया ले रहा है। संस्था के ताजा सर्वे में सामने आया है कि इस वर्ष 25 लाख शादियां होने वाली हैं और इनमें हर 10 में से छह लोग शामिल होने जा रहे हैं। चिंता की बात ये है कि इन लोगों में अब कोरोना का खौफ खत्म सा हो गया है और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर चिंता भी पहले की तुलना में कम हो गई है। इसमें पचास फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। 14 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच ही अकेले दिल्ली में 1.5 लाख शादियां होने जा रही हैं। सभी बैंकेट हॉल बुक चल रहे हैं और कई जगहों पर बुकिंग प्री-कोविड लेवल पर पहुंच चुकी हैं। लोग अब न सिर्फ शादियां करवा रहे हैं बल्कि मेहमान भी बड़ी संख्या में आते दिख रहे हैं।


लोकल सर्किल ने अपने सर्वे में लोगों से सवाल पूछा था कि क्या आप लोग नवंबर-दिसंबर में किसी शादी में शामिल होने जा रहे हैं। इस सवाल के जवाब में नौ फीसदी लोग ऐसे रहे, जो पहले ही शादी अटेंड कर चुके हैं और अब उन्हें किसी दूसरी शादी में नहीं जाना है। लेकिन 44 फीसदी ऐसे लोग भी सामने आए, जो अभी तक तो किसी शादी में नहीं गए, लेकिन अब जाने की तैयारी कर रहे हैं। सिर्फ 24 फीसदी ऐसे भी लोग हैं जिन्हें किसी शादी का न्योता नहीं मिला है।

इस रिपोर्ट के अनुसार 76 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनकी नजरों में अब कोरोना का खतरा कम हो गया है और उन्हें कोरोना की अधिक चिंता नहीं है। वहीं तीन फीसदी लोगों के लिए कोरोना अब कोई खतरा ही नहीं है। वहीं 22 फीसदी लोग ऐसे हैं जो अभी भी कोरोना को एक गंभीर समस्या और खतरा मानते हैं।

लोकल सर्किल के फाउंडर चेयरमैन सचिन तापड़िया ने अमर उजाला से कहा, कई देशों के कोरोना संक्रमण के आंकड़ों पर नजर डालें तो सामने आता है कि पिछले वर्ष दिसंबर और जनवरी में कोरोना की दूसरी लहर ने वहां बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया था। अब फिर से कई देशों में पहले के मुकाबले कोरोना के केस तेजी से बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। भारत में कोरोना की दूसरी लहर मार्च से मई के बीच में आई थी। दिसंबर और जनवरी में फिर से कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना विशेषज्ञ बता चुके हैं। भारत में भी लोगों में एंटीबॉडी अब खत्म होने लगी है। ऐसे में रिस्क पहले के मुकाबले अब और बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। शादियों के सीजन के बाद कोरोना संक्रमण के मामले में फिर से उछाल देखा जा सकता है।

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