यूपी चुनाव: क्या महिलाएं बदलेंगी कांग्रेस की तकदीर, 40 फीसदी को टिकट देने के प्रियंका के फैसले की वजह क्या

Pratibha Jyoti प्रतिभा ज्योति
Updated Tue, 19 Oct 2021 06:40 PM IST

सार

प्रियंका गांधी ने यूपी चुनाव में 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देकर बड़ा दांव चल दिया है। उन्होंने 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले, प्रियंका गांधी ने महिलाओं के लिए पार्टी के 40% टिकट आरक्षित करके राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

 
प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रिंयका गांधी महिला वोटर्स का दिल जीतने के लिए 40 फीसदी महिलाओं को चुनाव में उतारेंगी। उन्होंने मंगलवार को लखनऊ में एलान किया कि कांग्रेस चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देगी। प्रियंका गांधी का यह एलान यूपी चुनाव के लिए उनका एक और मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इस फैसले का यूपी में कांग्रेस के भविष्य पर कितना असर पड़ेगा यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा, लेकिन प्रियंका के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने इस मामले में दूसरी राजनीतिक पार्टियों से बढ़त ले ली है। उस पार्टी से भी ज्यादा जिसकी कमान एक महिला अध्यक्ष के हाथों में है।
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राजनीतिक विश्लेषक यह बताते हैं कि प्रियंका गांधी को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा है कि वे जानती हैं कि महिला मतदाता हर चुनाव में अपने स्वयं के हितों के लिए एक स्वतंत्र वोट बैंक के रूप में उभर रही हैं, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी पार्टी के हित में नहीं है। इसलिए महिलाओं को टिकट देना या राजनीति में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को भागीदारी देना अब हर पार्टी की मजबूरी है ताकि वे महिला प्रत्याशियों के जरिए वे मतदाताओं को अपनी ओर खींच सकें।






प्रियंका का फैसला ऐतिहासिक
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शमीना शफीक कहती हैं कि पहले राजीव गांधी ने पंचायती राज में महिलाओं का आरक्षण दिया, फिर उसके बाद सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित किया और अब प्रियंका गांधी ने यह फैसला किया है जो ऐतिहासिक है। जब तक हम राजनीति में महिलाओं को भागीदारी नहीं देंगे तब तक उनका सशक्तिकरण नहीं हो सकता है। पंचायती राज इसका उदाहरण हैं जहां महिलाओं को मौके मिले तो उन्होंने विकास की नई इबारत लिख दी है।

शफीक मानती हैं कि हो सकता है कि पहली बार चुनाव लड़ने वाली महिलाएं राजनीतिक तौर पर उतनी परिपक्व नहीं हों लेकिन जब तक एक बार चुनाव लड़ लेती हैं, तो उनमें वह परिवपक्वता आ ही जाती है। पार्टी के इस फैसले से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है। 

पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल दिया
एक वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं कि यूपी में धर्म और जातियों का राजनीति में प्रभाव बना हुआ है, लेकिन प्रियंका ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। यूपी के चुनाव में यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या आपकी पार्टी 40 फीसदी महिलाओं को टिकट दे रही है। कांग्रेस के लिए 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देना आसान है, क्योंकि अभी उसकी सात सीटों को छोड़कर सारी खाली है, लेकिन भाजपा के लिए यह मुश्किल है कि 325 सीटों पर अपने मौजूदा विधायकों में से कितने के  टिकट काटकर महिलाओं को देगी। 
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