जम्मू-कश्मीर: क्यों आतंकियों के निशाने पर हैं प्रवासी मजदूर, राज्य से पलायन को क्यों हो रहे मजबूर

प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Mon, 18 Oct 2021 02:26 PM IST

सार

जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से प्रवासी मजदूरों और बाहरी लोगों पर आतंकी हमले बढ़ गए हैं। आतंकी लगातार टारगेट किलिंग कर रहे है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है और प्रवासी मजदूर डरे हुए हैं। लिहाजा प्रवासी मजदूर जम्मू-कश्मीर से पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं। बड़ी संख्या में मजदूरों को आज जम्मू रेलवे स्टेशन पर देखा गया।
जम्मू-कश्मीर में डरे-मायूस प्रवासी मजदूर
जम्मू-कश्मीर में डरे-मायूस प्रवासी मजदूर - फोटो : PTI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

कश्मीर में पांच अक्टूबर के बाद से पांच प्रवासियों की हत्या हो चुकी है। जिसमें बिहार के चार मजदूर-रेहड़ी वाले हैं और उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम कारपेंटर भी शामिल है। इससे पहले एक स्थानीय सिख और हिंदू शिक्षक की हत्या कर दी गई थी। मशहूर दवा कारोबारी कश्मीरी पंडित मक्खनलाल बिंद्रू को भी आतंकियों ने मार दिया था। लगातार हो रहे टारगेट किलिंग से वहां बाहरी लोगों और प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है।
विज्ञापन


ऐसे में भारी संख्या में जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के राज्य से पलायन की खबरें आ रही हैं। हालांकि सामान्य तौर पर सैंकड़ों मजदूर सर्दियां शुरु होने और दीपावली के त्योहार पर अपने घर लौटते हैं लेकिन राज्य में हिंसा बढ़ जाने से वे पहले ही वहां से निकलने की कोशिश में है।  


हर साल तीन-चाल लाख मजदूर काम के लिए जाते हैं
जम्मू-कश्मीर में चल रहे कई विकास परियोजनाओं में करीब 90 फीसदी प्रवासी मजदूर निर्माण कार्यों में लगे हुए हैं। सिर्फ कश्मीर घाटी में ही पांच लाख प्रवासी मजदूर हैं। अनुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में बाहर से तीन-से चार लाख मजदूर हर साल काम के लिए घाटी जाते हैं। उनमें से अधिकांश सर्दियों की शुरुआत से पहले चले जाते हैं,  जबकि कुछ साल भर वहीं रह जाते हैं। बताया जाता है कि लगभग राज्य के हर जिले में बिहार और यूपी से आए मजदूर हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00