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राजस्थान के बेरोजगारों का यूपी में धरना: आचार्य प्रमोद का गहलोत पर तंज 'प्रियंका के गले क्यों डाल रहे हो समस्या', भाजपा ने भी साधा निशाना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 01 Dec 2021 04:54 PM IST

सार

उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे राजस्थान के बेरोजगारों की 22 सूत्री मांगें हैं। उनका कहना है कि वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलकर अपनी समस्या का समाधान चाहते हैं।
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Pramod krishnam - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान के बेरोजगार लखनऊ में पांच दिन से उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज किया है। उन्होंने कहा, 'अपनी मुसीबत प्रियंका गांधी के गले में डालना उचित नहीं है।' कृष्णम के इस ट्वीट के बाद तो राजस्थान भाजपा के हाथ में एक तरह से तीर लग गया। पार्टी के प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने सीएम गहलोत को बेरोजगार संघ से किए वादे याद दिलाए हैं। 

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प्रियंका गांधी से मिलना चाहते हैं बेरोजगार
उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे राजस्थान के बेरोजगारों की 22 सूत्री मांगें हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में उनके साथ वादाखिलाफी की है। ऐसे में वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलकर अपनी समस्या का समाधान चाहते हैं।


राजस्थान एकीकृत बेरोजगार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों से वादे तो किए, लेकिन उन्हें अब तक पूरा नहीं किया। ऐसे में मजबूरन बेरोजगारों को कड़ाके की ठंड में उत्तर प्रदेश में विरोध करना पड़ रहा है। उपेन ने कहा कि जिस दिन राजस्थान की सरकार बेरोजगारों से लिखित समझौता कर लेगी, हमारा अनशन उसी वक्त खत्म हो जाएगा। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

असंतोष दबाने के लिए गहलोत की जादुई चाल : शर्मा
राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री गहलोत को बेरोजगारों से किए गए वादे दिलाते हुए उन्हें पूरे करने की मांग की। भाजपा नेता रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस में चले आ रहे तीन साल के अंतर्द्वंद को राजस्थान की जनता भुगत रही है। कांग्रेस विधायकों में बढ़ते असंतोष को दबाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और जादुई चाल चली है। गहलोत ने कहा कि 6-8 महीने बाद हम पुनः मंत्रिमंडल का गठन करेंगे। एक तरीके से विरोध करने वाले विधायकों को वह आश्वस्त कर रहे हैं कि आप यदि विरोध नहीं करोगे तो हो सकता है कि आगे आपका नंबर भी मंत्री पद के लिए आ जाए। 

शर्मा ने कहा कि इतना तो राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाले तमाम विधायक जानते हैं कि मुख्यमंत्री किस संदर्भ में यह बात कर रहे हैं, लेकिन जिन विधायकों को आश्वस्त किया गया था और उन्हें आश्वासन इस बात का दिया गया कि आने वाले समय में फेरबदल के बाद आपको प्रदेश में मंत्रिमंडल में आपको मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से कांग्रेस का अंदरूनी कलह उजागर करने के लिए विधायकों के बयान मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद आए हैं, वो सब को चकित करने वाले हैं। कांग्रेस के कलह का नुकसान राजस्थान की जनता पिछले तीन साल से भुगत रही है। जनता को दो साल और यह भुगतना पड़ेगा। गहलोत सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। 

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