कन्या पूजन और साख विसर्जन के साथ नवरात्र का समापन

Jammu and Kashmir Bureau जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 02:03 AM IST
Navratri ends with Kanya Pujan and Credit Visarjan
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राजोरी। जिले भर में वीरवार को रामनवमी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। नवरात्र का पर्व कंजक पूजन और साख विर्सजन के साथ संपन्न हुआ। नवरात्र पर मां के नौ रूपों का पूजन कर लोगों ने घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया इसके बाद मां भगवती का आशीर्वाद लिया। कोरोना के चलते इस बार लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। सुबह होने के साथ ही हर घर में हलवा एवं पूड़ी बनने की महक आने लगी थी।
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रामनवमी के अवसर पर साख प्रवाहित की गई। लोगों ने अपने व्रत पूरे कर मां दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही प्रार्थना की कि माता अगले वर्ष भी खुशियों के साथ उनके घर में स्थान ग्रहण करें। अधिकतर लोगों को पांच-छह कन्याओं का ही पूजन कर संतुष्टि करनी पड़ी। मंदिरों में भी बहुत कम संख्या में कन्याएं उपस्थित रहीं। कई लोगों ने कोरोना के चलते कन्याओं को घर में बुलाने से परहेज भी किया। सुबह से ही हर तरफ रामनवमी की धूम देखने को मिली। लोग तड़के उठकर मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए पहुंचने लगे।

मंदिरों में यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन
पुंछ। महानवमी के मौके पर जिले के सभी मंदिरों में यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेते हुए पूजन अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया। वीरवार को सुथराबावली मंदिर, दुर्गा मंदिर दिगवार, माता मंदिर जलास में लोक कल्याण के लिए यज्ञों का आयोजन किया गया। सुबह सबेरे मंदिरों में श्रद्धालुआें की भीड़ जुटने लगी थी। दोपहर के बाद यज्ञों में पूर्णाहुति डाली गई। इसके बाद सभी मंदिरों में भंडारे शुरू किए गए जो देर शाम तक जारी रहे। संवाद
सुंदरबनी में भंडारों का आयोजन
सुंदरबनी। नवरात्र के समापन तथा महानवमी के मौके पर कंजक पूजा का आयोजन किया गया। शक्ति संस्थान में 108 कंजक पूजन तथा उसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सुनीतानंद जी ने भंडारे का शुभारंभ किया। सुंदरबनी नगर तथा साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने भी साख विसर्जित की।
ठाकुरद्वारा में शिखर कलश स्थापित किया
नौशेरा। ठाकुरद्वारा खुहवाला में मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह करवाया जा रहा है। वीरवार को श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर संतोष दास मोनी महाराज के कर कमलों से शिखर कलश स्थापित किया गया। मोनी महाराज ने प्रवचन करते कहा की जीवन में अगर पुण्य कमाना है तो अभिमान का त्याग करना होगा। अगर किसी का अपमान करोगे तो पाप के भोगी बनोगे, अगर किसी का मान करोगे तो पुण्य कमाओगे। धर्म कार्य में रुचि लगाओ भगवान तो भाव के भूखे हैं। संतो का सम्मान करो। वहीं ठाकुरद्वारा में शुक्रवार को मूर्ति स्थापित की जाएगी। मोनी महाराज ने सभी से अपील की कि इस धर्म कार्य में भाग लेकर पुण्य के भागी बनें। संवाद

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