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शरद पूर्णिमा पर कराएं श्री कृष्ण की विशेष पूजा, बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन 19 अक्टूबर 2021
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जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग: शांति प्रयासों पर चोट कर आम कश्मीरियों को रोजगार से दूर रखने की साजिश

घाटी में गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने के पीछे पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलरों का गेम प्लान बताया जा रहा है। 370 हटने के बाद हालात बदलने और कश्मीर में शांति के सरकारी दावे को खोखला साबित करने के लिए यह साजिश रची गई है। साजिश यह भी है कि यहां अगले कुछ साल में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश के दावे को भी झटका देकर आम कश्मीरियों को रोजगार से दूर रखा जाए ताकि यहां अमन व शांति बहाल न हो सके। 

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद कहते हैं कि इन सब घटनाओं के पीछे आईएसआई के हैंडलर हैं। 370 हटने के बाद पिछले कुछ समय से घाटी में गतिविधियां बढ़ी हैं। सरकार कश्मीरी पंडितों को उनकी संपत्तियां लौटाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं। इससे दोबारा घाटी में हिंदुओं के लौटने का खतरा सीमापार के लोगों को डराने लगा है। वे कभी भी मिश्रित संस्कृति नहीं चाहते हैं। 

इस वजह से बाहरी लोगों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरा इन सब घटनाओं के जरिये ही वे दोबारा से आतंकी रैंक को पुनजीर्वित करने की भी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों ने सभी तंजीमों के सरगनाओं का खात्मा कर दिया है। तीसरा सरकार के हालात बेहतर होने के दावे को चुनौती देना भी एक मकसद है। वे नहीं चाहते कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह बात प्रचारित हो कि जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के बाद से शांति है। विकास को बल दिया जा रहा है।    

दरअसल गैर कश्मीरियों को घाटी आने से रोकने के लिए घाटी में टारगेट किलिंग का खेल पाकिस्तान के इशारे पर खेला जा रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां चल रहे विकास कार्यों को झटका पहुंच सके। घाटी में टारगेट किलिंग के तहत अब तक छह लोगों को आतंकियों ने मारा है। इनमें बिहार के दो गोलगप्पे वाले ओर उत्तर प्रदेश का एक कारपेंटर शामिल है। एक कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी, एक महिला सिख शिक्षक और एक जम्मू निवासी शिक्षक भी मारे गए हैं। 

कश्मीर मामलों के जानकार बताते हैं कि ये सब ऐसे लोग हैं जिनका न तो आतंकवाद और न ही आतंकियों से कोई नाता रिश्ता रहा है। न ही ये सुरक्षा बलों को जानते-समझते हैं। प्रवासी तो रोजी-रोजगार के चक्कर में घाटी का रुख किए हैं। ज्यादातर दक्ष मजदूर चाहे कारपेंटर हों या फिर पेंट करने वाले, चाहे मजदूर हों या अन्य दक्ष कार्य करने वाले, सब गैर कश्मीरी हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी आतंकियों ने तीन ट्रक चालकों को जिंदा जला दिया था। यह सब केवल अपनी उपस्थिति जताने और डर पैदा करने के लिए आतंकियों ने किया था। 

खौफजदा प्रवासी लौटने लगे
घाटी में गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने से खौफजदा प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ीदारों का घाटी से लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रीनगर के साथ ही दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग व पुलवामा से कुछ दिहाड़ीदारों की बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वापसी हो गई है।
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पुंछ ब्रिगेड हेडक्वाटर पुंछ ब्रिगेड हेडक्वाटर

टारगेट किलिंग:  भाजपा नेता ने यूएनएचआरसी को लिखा पत्र, कहा- गैर मुस्लिम समुदायों को खदेड़ने की साजिश

कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर भाजपा नेता अश्वनी कुमार चुरंगू ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और यूएन अध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में टारगेट किलिंग को घाटी से गैर मुस्लिम आबादी को खदेड़ने से प्रेरित बताया गया है। संयुक्त राष्ट्र से मांग की गई है कि टारगेट किलिंग मामले पर पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

चुरंगू ने पत्र में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों ने हिंदुओं और सिखों को निशाना बनाया। यह हमले नस्लीय थे, जिस पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। चुरंगू ने कहा है कि बीते वर्ष संयुक्त राष्ट्र के समक्ष कश्मीर के जमीनी स्तर के प्रतिनिधियों की हत्या के मामले को उठाया गया था। ऐसे में परिषद को चाहिए कि कश्मीर घाटी में गैर मुस्लिम समुदायों को खत्म करने या खदेड़ने की साजिश पर कड़ा संज्ञान लिया जाए।
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कश्मीर घाटी: कभी गूंजे थे ‘यहां क्या चलेगा- निजाम-ए-मुस्तफा’ के नारे, अब मस्जिदों में हो रही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की बात    

चुरंगू ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने टारगेट किलिंग की घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा है। इन तमाम परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की ओर से भी पाकिस्तान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
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टारगेट किलिंग: श्रीनगर-पुलवामा में दो लोगों की हत्या, आतंकियों ने बिहार-यूपी के लोगों को बनाया निशाना

घाटी में आतंकियों ने एक बार फिर शनिवार को टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देते हुए दो नागरिकों को निशाना बनाया। लगभग एक घंटे के भीतर श्रीनगर में बिहार के गोलगप्पे वाले तथा पुलवामा में उत्तर प्रदेश के कारपेंटर की हत्या कर दी गई। दोनों ही घटनाओं को अंजाम देने के बाद आतंकी भाग निकले। पूरे इलाके की सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। दो अक्तूबर से अब तक आतंकियों ने छह सिख और हिंदुओं की हत्या कर दी है। 

पुलिस के अनुसार आतंकियों ने शनिवार की शाम ईदगाह इलाके में गोलगप्पे बेचने वाले बिहार के बांका निवासी अरबिंद कुमार शाह की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगने से खून से लथपथ होकर अरविंद के गिरने के बाद आतंकी भाग निकले। तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत लाया घोषित कर दिया। वहीं मृतक अरबिंद के परिजनों को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया। यह राशि मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से दी जाएगी।

इस घटना के एक घंटे के भीतर दहशतगर्दों ने दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में उत्तर प्रदेश निवासी कारपेंटर सगीर की हत्या कर दी। लिट्टर इलाके में वह एक मिल में कारपेंटर का काम कर रहा था। शाम को पहुंचे आतंकियों ने उसे गोली मार दी। दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ भी की गई। 

ज्ञात हो कि आतंकियों ने इससे पहले कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी मक्खन लाल बिंदरू, बिहार के गोलगप्पे वाले वीरेंद्र पासवान, सिख शिक्षक सतिंदर कौर व जम्मू निवासी शिक्षक दीपक चंद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शनिवार को दो और नागरिकों को आतंकियों ने मार डाला। 

पुलवामा में ग्रेनेड हमला, नुकसान नहीं
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के काकापोरा इलाके में शनिवार की शाम आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया। हालांकि, इसमें किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। निशाना चूक जाने की वजह से ग्रेनेड सड़क पर गिरकर फट गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
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कार्रवाई: अलगाववादी नेता गिलानी के पोते समेत दो को सरकारी नौकरी से किया बर्खास्त, आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप

शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन केंद्र श्रीनगर में शोध अधिकारी अनीस उल इस्लाम को बर्खास्त कर दिया है। वह अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी का पोता है। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर सामान्य प्रशासनिक विभाग ने शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 

अनीस की गतिविधियों पर उपलब्ध सूचनाओं व तथ्यों व मामले की परिस्थिति पर गौर करने के बाद उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा डोडा जिले में तैनात सरकारी शिक्षक फारूक अहमद भट को बर्खास्त किया गया है। दोनों की गतिविधि को प्रदेश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है।

ज्ञात हो अलगाववादी कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर ‘सैयद अली शाह गिलानी फोर्स’ नामक कथित आतंकी संगठन और नई आतंकी भर्ती के पोस्टर वायरल हुए थे। पोस्टर के फोटो पर आतंकी का नाम बिलाल अहमद भट लिखा हुआ था जो शोपियां का रहने वाला बताया गया था। सैयद अली शाह गिलानी फोर्स के प्रवक्ता गाजी खान ने बयान जारी कर कहा था वह गिलानी की मौत का बदला लेगा। कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर चेतावनी भी दी थी। 

पहली बार किसी आतंकी संगठन ने हिंदी में जारी किया था बयान
यह पहला मौका था जब किसी आतंकी संगठन ने हिंदी भाषा में बयान जारी किया था। हालांकि इसको लेकर पुलिस की ओर से कोई भी पुष्टि नहीं की गई थी कि ऐसा कोई संगठन है या नहीं।
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पांच बड़ी खबरें: कश्मीर के पंपोर में दो आतंकियों का सफाया, पुंछ में दहशतगर्दों के खिलाफ जारी है ऑपरेशन

सैयद अली शाह गिलानी (फाइल फोटो)
कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों का खात्मा हो गया है। मारे गए आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस, सेना की 50-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को ढेर कर दिया गया है। उमर मुश्ताक ने दो पुलिसकर्मियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल अहमद की श्रीनगर में हत्या की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?
जम्मू-कश्मीर के राजोरी और पुंछ में आतंकी गुटों के मौजूद होने की आशंका के बाद अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय एजेंसियों और सुरक्षाबलों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। यह सुरक्षा अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब डेरा की गली के घने जगलों में बडे़ पैमाने पर आतंक विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा हाई अलर्ट पर कर दी गई है। आतंकियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रुप के बारे में अभी कोई स्थिति साफ नहीं हो पाई है। आतंकियों के दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूदगी का पता चला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

फारूक अब्दुल्ला को एक और झटका: अब्दुल रहीम राथर के बेटे ने थामा पीपुल्स कांफ्रेंस का दामन, लोन बोले- वादा पूरा हुआ
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) को देवेंद्र सिंह राणा और पूर्व मंत्री सथालिया के बाद एक और झटका लगा है। नेकां के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल अहमद राथर शनिवार को पीपुल्स कांफ्रेंस(पीसी) में शामिल हो गए। इस दौरान पीसी अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुंछ मुठभेड़: कभी आतंकियों का गढ़ था यही इलाका, पुराने ठिकानों के पास हुए हमले इस साजिश की ओर कर रहे इशारा
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में करीब दो दशक पहले पाकिस्तान परस्त आतंकियों के वर्चस्व वाले इलाकों में दहशतगर्द एक बार फिर से सक्रिय होते जा रहे हैं। चार दिन के भीतर सुरक्षाबलों पर उन क्षेत्रों में हमला हुआ जहां 2002 से पहले आतंकियों का गढ़ था। सुरक्षाबलों ने तब इन इलाकों में कई ऑपरेशन को अंजाम देकर आतंकियों का समूल नाश कर दिया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुंछ मुठभेड़: जंगलों में घात लगाकर नए तरीके से हमले कर रहे आतंकी, शार्प शूटर होने की आशंका
जम्मू-कश्मीर में एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। हालांकि सेना की ओर से अभी तक एक जेसीओ समेत सात जवानों के शहीद होने की ही पुष्टि की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू-कश्मीर: लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर और उसका साथी मारा गया, दो जवानों की हत्या में था शामिल

कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों का खात्मा हो गया है। मारे गए आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस, सेना की 50-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 

कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को ढेर कर दिया गया है। उमर मुश्ताक ने दो पुलिसकर्मियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल अहमद की श्रीनगर में हत्या की थी। पुलिस ने कहा कि हम आतंकियों के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी उमर मुश्ताक खांडे और शाहिद बसीर मारे गए हैं। दोनों आतंकी कई नागरिक हत्याओं में शामिल थे। नागरिकों पर हुए हमलों के बाद हमने आक्रामक अभियान शुरू किए, नौ मुठभेड़ हुईं जिनमें 13 आतंकवादी मारे गए हैं। हमारा अभियान जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें- सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?    

नए तरीके से घातक हमले कर रहे सीमा पार से आए आतंकी
जानकारी मिल रही है कि एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार पांच दिन से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है। 

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पुंछ मुठभेड़: छत पर जा नहीं सकते, धूप में बैठ नहीं सकते...कुछ ऐसे बसर हो रही है लोगों की जिंदगी

सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?

जम्मू-कश्मीर के राजोरी और पुंछ में आतंकी गुटों के मौजूद होने की आशंका के बाद अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय एजेंसियों और सुरक्षाबलों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। यह सुरक्षा अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब डेरा की गली के घने जगलों में बडे़ पैमाने पर आतंक विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा हाई अलर्ट पर कर दी गई है। आतंकियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रुप के बारे में अभी कोई स्थिति साफ नहीं हो पाई है। आतंकियों के दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूदगी का पता चला है।

घने जगलों में सोमवार और गुरुवार को दो हमलों में एक जेसीओ समेत सात जवान शहीद हुए हैं। आतंकियों की मौजूदगी और घात लगाकर हुए हमलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे- क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार? कहां से आ रहा है आतंकियों का खाना? बिना स्थानीय सहयोग के ऐसा संभव कैसे? जानिए इन सभी सवालों के जवाब...
 
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