भय पर भारी भरोसा: टारगेट किलिंग पर लोगों ने कहा- डर से ज्यादा सरकार और सेना पर भरोसा है हमें

Prashant Kumar प्रशांत कुमार
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:01 PM IST

सार

कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग से लोगों में भय का माहौल है। गैर-स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। बावजूद इसके इन लोगों को सरकार, सुरक्षाबल और स्थानीय लोगों पर पूरा भरोसा है। लोगों ने कहा कि ये खून-खराबा बंद होना चाहिए। इससे केवल हमें ही नहीं कश्मीर के लोगों को भी नुकसान होता है। हमें उम्मीद है कि सरकार नफरत का बीज बोने वालों और आतंकियों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करेगी।
श्रीनगर रेलवे स्टेशन
श्रीनगर रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कश्मीर घाटी के अलग-अलग जिलों में काम करने वाले गैर-स्थानीय लोगों ने बातचीत के दौरान अपने मन की बात कही। इस दौरान एक गैर-स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि एक-एक नागरिक को सुरक्षा दे पाना संभव नहीं है, लेकिन एक-एक आतंकी का खात्मा करने में हमारी सेना सक्षम है।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी महिला की जुबानी
कश्मीर के एक जिले में रह रही महिला ने बताया कि मैं कई साल से यहां हूं। कुछ दिनों से निशाना बनाकर की जा रहीं हत्याओं से लोगों में खौफ जरूर है, लेकिन हमें सुरक्षाबलों और यहां के स्थानीय लोगों पर पूरा भरोसा है। कोरोना काल में यहां के लोगों ने मानवता की मिसालें पेश कीं। बिना जाति-धर्म पूछे लोगों की मदद की गई। ये कहना कि पूरी तरह से दूसरे राज्यों के लोगों को आतंकी निशाना बना रहे हैं, ये भी गलत होगा। कई हमलों में जम्मू-कश्मीर के लोग मारे गए हैं। जिनमें हिंदू, मुसलमान और सिख भाई-बहन भी शामिल हैं। हमें यहां के प्रशासन, सेना, सीआरपीएफ और स्थानीय लोगों पर पूरा भरोसा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हालात जल्दी से ठीक हो जाएं। ये खून-खराबा न हो। इससे केवल बाहरी राज्य के लोगों को ही नहीं, कश्मीर के लोगों को भी नुकसान होता है। उनके काम पर भी असर पड़ता है।

बिहार के आरा निवासी एक नागरिक का दर्द और दिल में लोगों के लिए प्रेम

नागरिक का कहना है कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद तरह-तरह की अफवाहें फैल रही थीं। भय का माहौल बनाया जा रहा था, लेकिन ऐसे हालात नहीं हुए थे। चेहरे पर मायूसी और भय समेटे हुए नागरिक ने कहा- हम तो मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं। कोई हमें मुफ्त में तो पैसे देता नहीं। अगर हालात बिगड़ेंगे तो हम अपने घर वापस चले जाएंगे। लेकिन हमें अभी भी यहां के उन लोगों पर भरोसा है, जो हमारा हौसला बढ़ा रहे हैं। 

यूपी के लखीमपुर निवासी कामगार की जुबानी

मैं कई साल से यहां काम कर रहा हूं। मेरे पिता भी यहीं मजदूरी करते थे। पहले कुछ घटनाएं जरूर हुई थीं लेकिन ऐसा माहौल हो जाएगा, ये नहीं सोचा था। कल(शनिवार) और इससे पहले हुए हमलों की वजह से डर जरूर लग रहा है। फिर भी हमारे परिवार ने यही निर्णय लिया है कि हम लोग अपना काम जारी रखेंगे। हमें सरकार और सेना पर पूरा भरोसा है। ये बात भी सही है कि एक-एक नागरिक को सुरक्षा दे पाना संभव नहीं है, लेकिन एक-एक आतंकी का खात्मा करने में हमारी सेना सक्षम है। बस स्थानीय लोग हमारा साथ न छोड़ें।
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