कुंवर नारायण: वक़्त बुरा हो तो आदमी आदमी नहीं रह पाता

कुंवर नारायण
                
                                                             
                            दरअसल मैं वह आदमी नहीं हूँ जिसे आपने 
                                                                     
                            
ज़मीन पर छटपटाते हुए देखा था। 
आपने मुझे भागते हुए देखा होगा 
दर्द से हमदर्द की ओर। 
वक़्त बुरा हो तो आदमी आदमी नहीं रह पाता। वह भी 
मेरी ही और आपकी तरह आदमी रहा होगा। लेकिन 
आपको यक़ीन दिलाता हूँ 
वह मेरा कोई नहीं था, जिसे आपने भी 
अँधेरे में मदद के लिए चिल्ला-चिल्लाकर 
दम तोड़ते सुना था।  आगे पढ़ें

1 month ago

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