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Hindi Kavita: विहाग वैभव की कविता- जिन लड़कियों के प्रेमी मर जाते हैं

आज का शब्द
                
                                                                                 
                            पहले तो उन्हें इस ख़बर पर विश्वास नहीं होता
                                                                                                

कि धरती को किसी अजगर ने निगल लिया है
सूरज आज काम पर नहीं लौटेगा
आज की रात एक साल की होगी
फिर जैसे-तैसे घर के किसी कोने में दफ़्न हो जाती हैं
और अपनी ही क़ब्र में
बिलखकर रोती हैं
मुँह बिसोरकर रोती हैं
तड़पकर रोती हैं
तब तक रोती हैं कि होश जाता नहीं रहता
और गले के भीतरी हिस्से
कोई गहरा घाव नहीं बन जाता

उन्हें बहुत कुछ याद आता है बिलखते बखत
इतना कुछ कि किसी कविता में दर्ज कर पाने की कोशिश
अनेक स्मृतियों की हत्या का अपराध होगा
जैसा कि हर बार रो लेने के बाद
या कोई भारी दुख झेलने के बाद
हम तनिक अधिक कठोर मनुष्य हो जाते हैं आगे पढ़ें

3 weeks ago

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