शरद पूर्णिमा

                
                                                             
                            शरद पूर्णिमा
                                                                     
                            
शरद पूर्णिमा अनन्य अवसर है,
कृष्ण के लास्य का
प्रकृति की स्मिता का,
मानव के उल्लास का
शरद पूर्णिमा पड़ाव है
परिवर्तन का।
मानव मन नृत्यन का,
पर्यावरण के विकास का
शरद पूर्णिमा प्रकाशपुंज है,
मानव की सात्विकता का।
मन को वश में रखने का और उसके अंतरावलोकन का,
मस्तिष्क के तत्व ज्ञान का,
आत्मा की आध्यात्मिकता का,
शरद पूर्णिमा पर्व है, सकरात्मकता का,
भावों के औदार्य का,
मन ओ आत्मा के निर्विकार अप्रतिम सौंदर्य का,
शरद पूर्णिमा आगमन है,
कृष्ण भक्ति के सखा भाव का।
कर्मयोग का और शनै शनै
मोह के निस्तार का।
मन और मस्तिष्क के सामंजस्य का,
और अंत में मोक्ष का,
कृष्ण की तरल विरल
मनमोहक चितचोर तिरछी मुस्कान का,
प्रकृति को मोहने वाली वंशी का,
शरद पूर्णिमा पासपोर्ट है,बैकुंठ धाम का।

सूर्य कांत शर्मा
 
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1 month ago

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