आज का शब्द: शिखर और त्रिलोक सिंह ठकुरेला की कविता- बहुत कुछ खोकर मिले...

आज का शब्द- शिखर और त्रिलोक सिंह ठकुरेला की कविता: बहुत कुछ खोकर मिले...
                
                                                             
                            'शिखर' का अर्थ होता है- सिरा, चोटी, पहाड़ की चोटी, मंदिर या मकान ऊपर का नुकीला भाग, कंगूरा, कलश, मंडप, गुंबद, सर्वोच्च स्थान या पद। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- शिखर। प्रस्तुत है त्रिलोक सिंह ठकुरेला की कविता: बहुत कुछ खोकर मिले...
                                                                     
                            


बहुत कुछ खोकर मिले
उपलब्धियों के ये #शिखर

गाँव छूटा
परिजनों से दूर
ले आई डगर,
खो गयी अमराइयाँ
परिहास की
वे दोपहर,
मार्ग में आँखें बिछाए
है विकल सा वृद्ध घर। आगे पढ़ें

1 week ago
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