आज का शब्द: स्पंदन और शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की कविता- कल आने वाला है साँसों का माली

आज का शब्द
                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- स्पंदन, जिसका अर्थ है- धीरे-धीरे हिलना, कंपन, नाड़ी या हृदय में होने वाली गति या धड़कन। प्रस्तुत है शिवमंगल सिंह 'सुमन' की कविता-  कल आने वाला है साँसों का माली
                                                                     
                            

तुम जो जीवित कहलाने के हो आदी
तुम जिसको दफ़ना नहीं सकी बरबादी
तुम जिनकी धड़कन में गति का वन्दन है
तुम जिसकी कसकन में चिर संवेदन है
तुम जो पथ पर अरमान भरे आते हो
तुम जो हस्ती की मस्ती में गाते हो
तुम जिनने अपना रथ सरपट दौड़ाया
कुछ क्षण हाँफे, कुछ साँस रोककर गाया
तुमने जितनी रासें तानी, मोड़ी हैं
तुमने जितनी सांसें खींची, छोड़ी हैं
उनका हिसाब दो और करो रखवाली
कल आने वाला है साँसों का माली आगे पढ़ें

1 month ago

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