मिल सके आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है
जिद्द तो उसकी है जो मुक़द्दर में लिखा ही नहीं है ...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           'यादों की बारात' उर्दू के बहुचर्चित शायर जोश मलीहाबादी की आत्मकथा है, हंसराज रहबर द्वारा अनूदित यह किताब 'राजपाल एण्ड सन्ज' प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। इस किताब में कई किस्से हैं। एक जगह जोश मलीहाबादी साहब फ़रमाते हैं- 

...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं
कि उन के ख़त उन्हें लौटा रहे हैं

नहीं तर्क-ए-मोहब्बत पर वो राज़ी
क़यामत है कि हम समझा रहे हैं

यक़ीं का रास्ता तय करने वाले
बहुत तेज़ी से वापस आ रहे हैं

ये म...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           भारत में एक दिल्ली है, जहाँ क़ुतुब की बिल्ली है।
दिल्ली के कुछ हिस्से हैं, सबके अपने किस्से हैं।
एक पुरानी एक नई, दोनों सम्मुख देख गई।
कनाट प्लेस है एक यहाँ, चलते हैं दिलफेंक यहाँ।
ये गुलाब का लिली का, नई पुरानी दिल्ली का।...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           भनक यानी धीमा शब्द, ध्वनि या उड़ती हुई खबर। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- भनक। प्रस्तुत है अवतार सिंह संधू 'पाश' की कविता- अब विदा लेता हूं मेरी दोस्त  

अब विदा लेता हूँ
मेरी दोस्त, मै...और पढ़ें
21 hours ago
                                                                           फूल सा इक लिफ़ाफ़ा मेरे नाम का
एक चिट्ठी थी उस में महकती हुई
- संदीप ठाकुर


मेरी ख़ातिर कोश भाग्य का घट जाता है
दिल की हर चिट्ठी का कोना फट जाता है
- मधूरिमा सिंह ...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           बस्ती में कुछ लोग निराले अब भी हैं 
देखो ख़ाली दामन वाले अब भी हैं 

देखो वो भी हैं जो सब कह सकते थे 
देखो उन के मुँह पर ताले अब भी हैं 

देखो उन आँखों को जिन्हों ने सब देखा 
देखो उन पर ख़ौफ़ के जाले अ...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           ना जाने क्यों एक खौफ
सा बना है जहन में मेरे
ना दिन, दिन रहे
घुटन करते हैं रातों के अँधेरे

क़िस्मत रूठी या तकदीर
जमीर भी सो सा गया है
पागल सा हुआ जा रहा हूँ
कुछ मेरा खो सा गया है

...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           चलो तुम्हे पुराने दौर की मोहब्बत कराता हूँ,
क्या कब कैसे बदला सब बताता हूँ,

मौजूद नही थी छत कहीं पर,यहाँ चबूतरे हुआ करते थे,
बिन मोबाइल के उस दौर में कबूतरें हुआ करते थे,

स्क्रीनशॉट का न तब संसार हुआ करता थ...और पढ़ें
1 hour ago
                                                                           मन में कुछ ख्याल आये, उन्हें दबा दिया।
कुछ न कह सकी, हालात ने जता दिया।।
मुद्दत गुजर गई, जहाँ थी वहीं खड़ी रही।
शराफत के चोले में, गम को पनाह दिया।।
किस्सा आज का नहीं, ये पुराना निकला।
कोई जाना ही नहीं, हरकत ने बता...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें
हम ने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया 


कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़-दार में ...और पढ़ें
9 hours ago
                                                                           मैं तूफ़ानों मे चलने का आदी हूँ
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो

हैं फूल रोकते, काटें मुझे चलाते
मरुस्थल, पहाड़ चलने की चाह बढ़ाते
सच कहता हूँ जब मुश्किलें ना होती हैं
मेरे पग तब चलने में भी शर्माते
मेरे स...और पढ़ें
7 hours ago
                                                                           प्रकरण का अर्थ होता है- उत्पन्न करना, चर्चा या वर्णन। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- प्रकरण। प्रस्तुत है कुँवर नारयण की कविता- भाषा की ध्वस्त पारिस्थितिकी में 

प्लास्टिक के पेड़ 
नाइलॉन के फूल ...और पढ़ें
2 hours ago
                                                                           ऐ जिंदगी
कभी मौजों की रवानी है तू,
कभी अनकही कहानी है तू।
ऐ जिंदगी
कभी सहज सरल ,
कभी दुष्कर दुःसाध्य है तू।
ऐ जिंदगी
कभी हर्षित आनंदित ,
कभी वेदना शोक संताप है तू ।
ऐ जिंदगी
कभी नि...और पढ़ें
8 hours ago
                                                                           नफ़रत

नफ़रत की आंधी से हो सके तो दूर रहो,
वो दिल में एक सैलाब सा लाती है ।

अपने अहंकार को नफ़रत से दूर रखो,
वर्ना जिंदगी में वो बर्बादी लाती है ।

जब दिल में होती है नफ़रत किसी से ,
उसक...और पढ़ें
8 hours ago
                                                                           हम ने ही लौटने का इरादा नहीं किया
उस ने भी भूल जाने का वा'दा नहीं किया

दुख ओढ़ते नहीं कभी जश्न-ए-तरब में हम
मल्बूस-ए-दिल को तन का लबादा नहीं किया

जो ग़म मिला है बोझ उठाया है उस का ख़ुद
सर ज़ेर-ए...और पढ़ें
7 hours ago
                                                                           कभी-कभी सोचते हैं सपने होंगे सच
ये भी तो एक सपना ही था शायद
गलत तुम नहीं गलत हम नहीं
ये गलतफहमियां ही हैं हर जगह शायद
मजबूरियां तो तुम्हारी भी वाजिब हैं
मेरा ही है नसीब कम शायद
एक सूरज अंधेरा दे गया रोशनी को...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           वहां पहुंच कर हम सारा हिसाब कर लेंगे ।
तू भूल जा हमको हम तुझे याद कर लेंगे ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद
  - हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पा...और पढ़ें
6 hours ago
                                                                           कवि,
बोता है
शब्द रूपी बीज,
भावनाओं की मिट्टी में,
चलाता है,
कलम रूपी हल
सींचता है उसे,
विचारों से
तब जाकर होती है कहीं
कविता की पैदावार

पाठक,
किसी खाद्यान्न के रूप...और पढ़ें
5 hours ago
                                                                           फूलों सा कोमल बन कर
जीवन को महकाना तुम
सुगंध धरा पर फैला कर
सारे जग में छा जाना तुम

रूठ गए अपने कभी तो
हंसी,ख़ुशी मिल जाना तुम
जीवन, चाहे पथरीला हो
कांटों में खिल जाना तुम

लोगों...और पढ़ें
8 hours ago
X