नग़्मों पर शायरों के अल्फ़ाज़

naghma shayari collection
                
                                                             
                            

हर सांस है इक नग़्मा हर नग़्मा है मस्ताना
किस दर्जा दुखे दिल का रंगीन है अफ़्साना
- आरज़ू लखनवी 


ज़िंदगी नग़्मा-सरा हो जाए
दर्द की कोई दवा हो जाए
- सादिक़ बाजवा 

आगे पढ़ें

3 weeks ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
X