विज्ञापन

Shariq kaifi Poetry: ये चुपके चुपके न थमने वाली हँसी तो देखो  

उर्दू अदब
                
                                                                                 
                            ये चुपके चुपके न थमने वाली हँसी तो देखो 
                                                                                                

वो साथ है तो ज़रा हमारी ख़ुशी तो देखो 

बहुत हसीं रात है मगर तुम तो सो रहे हो 
निकल के कमरे से इक नज़र चाँदनी तो देखो 

जगह जगह सील के ये धब्बे ये सर्द बिस्तर 
हमारे कमरे से धूप की बे-रुख़ी तो देखो 

दमक रहा हूँ अभी तलक उस के ध्यान से मैं 
बुझे हुए इक ख़याल की रौशनी तो देखो  आगे पढ़ें

1 month ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X