यूपी : वाणिज्यकर के विवादित प्रकरणों के निस्तारण को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त, मातहतों के त्रुटिपूर्ण आदेशों को कर सकेंगे स्थगित, रद्द और संशोधित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 14 Oct 2021 07:32 PM IST

सार

इन प्राधिकारियों को निचले स्तर के अधिकारियों के त्रुटिपूर्ण व अवैधानिक आदेशों को स्थगित, रद्द और संशोधित करने का अधिकार दिया गया है।
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विस्तार

वाणिज्यकर में विवादित प्रकरणों का अब तेजी से निस्तारण हो सकेगा। इसके लिए जोन स्तर पर पुनरीक्षण प्राधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन प्राधिकारियों को निचले स्तर के अधिकारियों के त्रुटिपूर्ण व अवैधानिक आदेशों को स्थगित, रद्द और संशोधित करने का अधिकार दिया गया है। पुनरीक्षण प्राधिकारियों की नियुक्ति एसजीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है।
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गौरतलब है कि ‘उप्र माल एवं सेवा कर अधिनियम-2017’ में ऐसे विवादित आदेशों के त्वरित निस्तारण के लिए पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। पर प्रदेश में अब तक पुनरीक्षण प्राधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। इस वजह से विभाग के सभी जोनों में लंबित विवादित प्रकरणों का निस्तारण काफी दिनों से लटका हुआ था। इससे व्यापारियों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। इसी कड़ी में सरकार ने मुख्यालय स्तर पर वाणिज्यकर आयुक्त को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही उनके अधीन जोनवार पुनरीक्षण प्राधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। इस संबंध में वाणिज्यकर मुख्यालय ने आदेश जारी किया है। 


आदेश के मुताबिक मुख्यालय के अलावा जोन स्तर पर भी पुनरीक्षण प्राधिकारी की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। इसमें एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) और ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) को पुनरीक्षण प्राधिकरण नामित किया गया है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 ज्वाइंट कमिश्नर (कॉर्पोरेट सर्किल व विशेष अनुसंधान शाखा) और डिप्टी कमिश्नर (कर निर्धारण व विशेष अनुसंधान शाखा) के त्रुटिपूर्ण आदेशों की समीक्षा करेंगे। साथ ही त्रुटिपूर्ण आदेश से प्रभावित व्यापारियों को सुनवाई का मौका भी देंगे। अगर समीक्षा के दौरान आदेश में त्रुटि होने की पुष्टि होगी तो उसे स्थगित और रद्द भी कर सकेंगे।

इसी प्रकार ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) को असिस्टेंट कमिश्नर व वाणिज्य कर अधिकारी (कर निर्धारण) और ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) को असिस्टेंट कमिश्नर व वाणिज्यकर अधिकारी (विशेष अनुसंधान शाखा व सचल दल) के आदेशों की समीक्षा करने के लिए पुनरीक्षण प्राधिकारी बनाया गया है। इन दोनों पुनरीक्षण प्राधिकारियों को भी त्रुटिपूर्ण आदेशों को जरूरत के मुताबिक स्थगित, रद्द और संशोधित करने का अधिकार दिया गया है।

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